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पहल्यां बारिश नै मार दिये, ईब मंडी म्ह आच्छे दाम न्हीं मिल रहे
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सोनीपत अनाज मंडी में धान को बोरों में डालते मजदूर। संवाद
- फोटो : Sonipat
जिले की मंडियों में धान की आवक जोरों पर है। गन्नौर मंडी को छोड़कर सभी मंडियों में पीआर धान की आवक भी शुरू हो गई है। मिल से चावल का निर्यात कम होने के कारण तीन दिन से 1509 किस्म के धान के भाव में 300 रुपये प्रति क्विंटल तक की कमी आ गई है। तीन दिन पहले तक जहां 1509 किस्म का धान तीन हजार से 3200 रुपये प्रति क्विंटल तक बिक रहा था, वह अब 2700 से 2900 रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा है। मंडी में पहुंचे किसानों का कहना है कि पहल्यां बारिश नै मार दिये, ईब मंडी में फसल का भा न्हीं मिल रहया।
सोनीपत मंडी में मंगलवार को 1509 किस्म का धान 2781 रुपये प्रति क्विंटल तक ही बिक सका। धान के लगातार गिर रहे भाव के कारण किसानों को नुकसान हो रहा है। सोनीपत मंडी में लगातार दूसरे दिन भी पीआर धान की खरीद जारी रही। मंगलवार शाम तक 815 क्विंटल धान की खरीद हो सकी। वहीं गोहाना में मंगलवार को ही पीआर धान की खरीद शुरू हुई और खरखौदा में पीआर धान की आवक हुई है। हालांकि यहां दोपहर बाद तक खरीद नहीं हो सकी थी। गन्नौर मंडी में अभी तक पीआर धान की आवक नहीं हुई है।
शहर के रोहतक रोड स्थित नई अनाज मंडी में मंगलवार शाम तक 53 हजार क्विंटल धान की खरीद हुई। मंडी में 20 दिन पहले ही 1509 किस्म के धान की आवक शुरू हो गई थी। उस समय 2700 रुपये प्रति क्विंटल धान की खरीद शुरू हुई थी। बीच में चावल की मांग ज्यादा होने के कारण तीन हजार से 3200 रुपये प्रति क्विंटल धान बिक रहा था। मिल से चावल का निर्यात कम होने लगा तो धान के भाव में 300 रुपये तक गिरावट आ गई।
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खरखौदा मंडी में दो किसान ही पहुंचे पीआर धान लेकर
खरखौदा अनाज मंडी में मंगलवार को दो किसान पीआर धान लेकर पहुंचे, लेकिन धान में ज्यादा नमी होने के कारण खरीद नहीं हो सकी। ऐसे में पीआर धान उत्पादक किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं अनाज मंडी में अब तक 57 हजार क्विंटल 1509 किस्म के धान की खरीद हो चुकी है। वहीं गन्नौर अनाज मंडी में अब तक किसान पीआर धान लेकर नहीं पहुंचे। हालांकि 1509 किस्म के धान की ढेरियां लगातार मंडी में आ रही हैं, जिन्हें राइस मिलर खरीद रहे हैं। गन्नौर मंडी में भी मंगलवार तक 57 हजार क्विंटल धान की खरीद हो चुकी है।
सोनीपत अनाज मंडी में सड़क पर पैचवर्क शुरू
नई अनाज मंडी में मंगलवार को सड़कों पर पैचवर्क शुरू हो गया है। मार्केटिंग बोर्ड की ओर से सड़कों पर बने गड्ढों को भरा जा रहा है। क्योंकि बारिश के कारण सड़कों पर ज्यादा गड्ढे होने के कारण मंडी में धान लेकर आने वाले किसानों को परेशानी हो रही थी। इस समस्या के समाधान के लिए मंडी आढ़ती व किसान कई बार मार्केटिंग बोर्ड के अधिकारियों से शिकायत कर चुके थे।
वर्जन
तीन दिनां तै धान की भा म्ह गिरावट आ रही है। पहल्यां बारिश नै मार दिये, ईब मंडी म्ह भा न्हीं मिल रहया। ईब कै फसल बी थोड़ी पावै है। सरकार नै पेट्रोल-डीजल के दाम बी आसमान पै पहुंचा राक्खै। म्हारे पै दोहरी मार पड़ री सै। म्हारा कुकर गुजारा होवैगा।
- नरेश निवासी जाखौली
पिछले साल के मुकाबले इस बार 1509 किस्म के धान का भाव बढ़ा है, लेकिन मिल से चावल का निर्यात कम होने के कारण किसानों को धान के भाव कम मिल रहे हैं। इस बार बारिश ज्यादा होने के कारण फसल को नुकसान हुआ है, साथ ही फसल को बीमारियों से बचाने के लिए महंगी कीटनाशक दवा का प्रयोग किया गया। उसके बाद भी धान के भाव कम मिलने के कारण परेशानी ज्यादा बढ़ी हुई है।
- सुखबीर सिंह निवासी नांगल कलां
राइस मिल से चावल का निर्यात कम होने लगा है। ऐसे में तीन दिन से धान के भाव में गिरावट आई है। धान के भाव गिरने से किसानों की परेशानी बढ़ गई है। किसानों को पहले ही बारिश के दौरान फसलों में काफी नुकसान हुआ है।
- पवन गोयल, प्रधान अनाज मंडी
मिल से चावल का निर्यात कम होने से किसानों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। धान के भाव कम मिलने से परेशान किसानों की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। ऐसे में किसानों के धान को सही दामों पर खरीदना चाहिए।
- संजय वर्मा, आढ़ती
मंडी में पीआर धान के साथ 1509 किस्म के धान की खरीद लगातार हो रही है, लेकिन 1509 किस्म के धान का भाव कम होने से आढ़तियों को मिलने वाली आढ़त पर भी नुकसान हो रहा है। - पवन कुमार, आढ़ती
वर्जन
अनाज मंडी में पेचवर्क का कार्य शुरू कर दिया गया है। अब किसानों को मंडी में फसल लाने में परेशानी नहीं होगी। तीन दिन में 1509 किस्म के धान के भाव में भी गिरावट आई है। अब तक सोनीपत अनाज मंडी में 53 हजार क्विंटल धान खरीदा जा चुका है।
जितेंद्र कुमार, सचिव मार्केट कमेटी सोनीपत।
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सोनीपत मंडी में मंगलवार को 1509 किस्म का धान 2781 रुपये प्रति क्विंटल तक ही बिक सका। धान के लगातार गिर रहे भाव के कारण किसानों को नुकसान हो रहा है। सोनीपत मंडी में लगातार दूसरे दिन भी पीआर धान की खरीद जारी रही। मंगलवार शाम तक 815 क्विंटल धान की खरीद हो सकी। वहीं गोहाना में मंगलवार को ही पीआर धान की खरीद शुरू हुई और खरखौदा में पीआर धान की आवक हुई है। हालांकि यहां दोपहर बाद तक खरीद नहीं हो सकी थी। गन्नौर मंडी में अभी तक पीआर धान की आवक नहीं हुई है।
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शहर के रोहतक रोड स्थित नई अनाज मंडी में मंगलवार शाम तक 53 हजार क्विंटल धान की खरीद हुई। मंडी में 20 दिन पहले ही 1509 किस्म के धान की आवक शुरू हो गई थी। उस समय 2700 रुपये प्रति क्विंटल धान की खरीद शुरू हुई थी। बीच में चावल की मांग ज्यादा होने के कारण तीन हजार से 3200 रुपये प्रति क्विंटल धान बिक रहा था। मिल से चावल का निर्यात कम होने लगा तो धान के भाव में 300 रुपये तक गिरावट आ गई।
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खरखौदा मंडी में दो किसान ही पहुंचे पीआर धान लेकर
खरखौदा अनाज मंडी में मंगलवार को दो किसान पीआर धान लेकर पहुंचे, लेकिन धान में ज्यादा नमी होने के कारण खरीद नहीं हो सकी। ऐसे में पीआर धान उत्पादक किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं अनाज मंडी में अब तक 57 हजार क्विंटल 1509 किस्म के धान की खरीद हो चुकी है। वहीं गन्नौर अनाज मंडी में अब तक किसान पीआर धान लेकर नहीं पहुंचे। हालांकि 1509 किस्म के धान की ढेरियां लगातार मंडी में आ रही हैं, जिन्हें राइस मिलर खरीद रहे हैं। गन्नौर मंडी में भी मंगलवार तक 57 हजार क्विंटल धान की खरीद हो चुकी है।
सोनीपत अनाज मंडी में सड़क पर पैचवर्क शुरू
नई अनाज मंडी में मंगलवार को सड़कों पर पैचवर्क शुरू हो गया है। मार्केटिंग बोर्ड की ओर से सड़कों पर बने गड्ढों को भरा जा रहा है। क्योंकि बारिश के कारण सड़कों पर ज्यादा गड्ढे होने के कारण मंडी में धान लेकर आने वाले किसानों को परेशानी हो रही थी। इस समस्या के समाधान के लिए मंडी आढ़ती व किसान कई बार मार्केटिंग बोर्ड के अधिकारियों से शिकायत कर चुके थे।
वर्जन
तीन दिनां तै धान की भा म्ह गिरावट आ रही है। पहल्यां बारिश नै मार दिये, ईब मंडी म्ह भा न्हीं मिल रहया। ईब कै फसल बी थोड़ी पावै है। सरकार नै पेट्रोल-डीजल के दाम बी आसमान पै पहुंचा राक्खै। म्हारे पै दोहरी मार पड़ री सै। म्हारा कुकर गुजारा होवैगा।
- नरेश निवासी जाखौली
पिछले साल के मुकाबले इस बार 1509 किस्म के धान का भाव बढ़ा है, लेकिन मिल से चावल का निर्यात कम होने के कारण किसानों को धान के भाव कम मिल रहे हैं। इस बार बारिश ज्यादा होने के कारण फसल को नुकसान हुआ है, साथ ही फसल को बीमारियों से बचाने के लिए महंगी कीटनाशक दवा का प्रयोग किया गया। उसके बाद भी धान के भाव कम मिलने के कारण परेशानी ज्यादा बढ़ी हुई है।
- सुखबीर सिंह निवासी नांगल कलां
राइस मिल से चावल का निर्यात कम होने लगा है। ऐसे में तीन दिन से धान के भाव में गिरावट आई है। धान के भाव गिरने से किसानों की परेशानी बढ़ गई है। किसानों को पहले ही बारिश के दौरान फसलों में काफी नुकसान हुआ है।
- पवन गोयल, प्रधान अनाज मंडी
मिल से चावल का निर्यात कम होने से किसानों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। धान के भाव कम मिलने से परेशान किसानों की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। ऐसे में किसानों के धान को सही दामों पर खरीदना चाहिए।
- संजय वर्मा, आढ़ती
मंडी में पीआर धान के साथ 1509 किस्म के धान की खरीद लगातार हो रही है, लेकिन 1509 किस्म के धान का भाव कम होने से आढ़तियों को मिलने वाली आढ़त पर भी नुकसान हो रहा है। - पवन कुमार, आढ़ती
वर्जन
अनाज मंडी में पेचवर्क का कार्य शुरू कर दिया गया है। अब किसानों को मंडी में फसल लाने में परेशानी नहीं होगी। तीन दिन में 1509 किस्म के धान के भाव में भी गिरावट आई है। अब तक सोनीपत अनाज मंडी में 53 हजार क्विंटल धान खरीदा जा चुका है।
जितेंद्र कुमार, सचिव मार्केट कमेटी सोनीपत।