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Sonipat News: प्रदूषण ने बढ़ाई नेत्र रोगियों की समस्या, बढ़ी ओपीडी
Tue, 12 Nov 2024 01:59 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Tue, 12 Nov 2024 01:59 AM IST
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सोनीपत। जिले में वायु प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्थिति में पहुंचा हुआ है, जिसका असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। वातावरण में बढ़े प्रदूषण के स्तर के कारण लोगों को आंखों में जलन और सांस लेने में तकलीफ होने लगी है। अस्पतालों में मरीज आंखों से पानी आने व खुजली होने जैसी शिकायतें लेकर पहुंच रहे हैं। चिकित्सक उपचार के साथ मरीजों को प्रदूषण से बचाव के लिए सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
जिले में सोमवार को वायु गुणवत्ता (एक्यूआई) का स्तर 265 दर्ज किया गया, जो लोगों के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव डाल रहा है। अस्पताल में मरीजों की संख्या में भी इजाफा हुआ है, इनमें नेत्र रोगियों की संख्या अधिक है। जिला नागरिक अस्पताल में रोजाना 300 नेत्र रोगी पहुंच रहे हैं। जिन मरीजों को पहले से आंखों की कोई समस्या है, उनकी परेशानी और बढ़ गई है। अस्पताल में आंखों में सूखापन होना, आंखें लाल पड़ना, खुजली होना जैसी समस्याओं के मरीज अधिक आ रहे हैं।
वाहन चलाते समय पहनें चश्मा
नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. लतिका खत्री ने बताया कि प्रदूषण के कण कॉर्निया के संपर्क में आते हैं, जिससे संक्रमण और जलन होती है। उन्होंने लोगों को दोपहिया वाहन चलाते समय चश्मा पहनने की सलाह दी। इससे न केवल आंखों की सुरक्षा होती है, दुर्घटनाओं को रोकने में भी मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि जलन दूर करने के लिए दिन में आंखों को नियमित अंतराल पर साफ पानी से धोते रहें।
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20 फीसदी तक बढ़े नेत्र रोगी
नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. विकास चहल ने बताया कि ओपीडी में आंखों से पानी आने वाले मरीजों की संख्या में 20 फीसदी तक वृद्धि हुई है। कुछ लोगों को आंखों में जलन और खुजली का भी अनुभव होता है। शुष्क हवा व प्रदूषण से आंखों में सूखापन बढ़ जाता है। वह हवा में मौजूद कणों के प्रति अधिक संवेदनशील हो जाती हैं, जिससे आंखों में बहुत अधिक जलन और पानी आने लगता है। ऐसे में लोगों को मास्क लगाना व चश्मा पहनना चाहिए।
इन दिनों में वातावरण में प्रदूषण का स्तर बढ़ा हुआ है। ऐसे में बेहतर स्वास्थ्य के लिए विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। जहां तक संभव हो घरों में ही रहें। ज्यादा जरूरी होने पर घर से बाहर निकलते समय मास्क लगाएं। आंखों की समस्या को देखते हुए चश्मे का प्रयोग करना चाहिए।
- डॉ. गिन्नी लांबा, वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ एवं उप चिकित्सा अधीक्षक, नागरिक अस्पताल, सोनीपत।
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जिले में सोमवार को वायु गुणवत्ता (एक्यूआई) का स्तर 265 दर्ज किया गया, जो लोगों के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव डाल रहा है। अस्पताल में मरीजों की संख्या में भी इजाफा हुआ है, इनमें नेत्र रोगियों की संख्या अधिक है। जिला नागरिक अस्पताल में रोजाना 300 नेत्र रोगी पहुंच रहे हैं। जिन मरीजों को पहले से आंखों की कोई समस्या है, उनकी परेशानी और बढ़ गई है। अस्पताल में आंखों में सूखापन होना, आंखें लाल पड़ना, खुजली होना जैसी समस्याओं के मरीज अधिक आ रहे हैं।
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वाहन चलाते समय पहनें चश्मा
नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. लतिका खत्री ने बताया कि प्रदूषण के कण कॉर्निया के संपर्क में आते हैं, जिससे संक्रमण और जलन होती है। उन्होंने लोगों को दोपहिया वाहन चलाते समय चश्मा पहनने की सलाह दी। इससे न केवल आंखों की सुरक्षा होती है, दुर्घटनाओं को रोकने में भी मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि जलन दूर करने के लिए दिन में आंखों को नियमित अंतराल पर साफ पानी से धोते रहें।
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20 फीसदी तक बढ़े नेत्र रोगी
नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. विकास चहल ने बताया कि ओपीडी में आंखों से पानी आने वाले मरीजों की संख्या में 20 फीसदी तक वृद्धि हुई है। कुछ लोगों को आंखों में जलन और खुजली का भी अनुभव होता है। शुष्क हवा व प्रदूषण से आंखों में सूखापन बढ़ जाता है। वह हवा में मौजूद कणों के प्रति अधिक संवेदनशील हो जाती हैं, जिससे आंखों में बहुत अधिक जलन और पानी आने लगता है। ऐसे में लोगों को मास्क लगाना व चश्मा पहनना चाहिए।
इन दिनों में वातावरण में प्रदूषण का स्तर बढ़ा हुआ है। ऐसे में बेहतर स्वास्थ्य के लिए विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। जहां तक संभव हो घरों में ही रहें। ज्यादा जरूरी होने पर घर से बाहर निकलते समय मास्क लगाएं। आंखों की समस्या को देखते हुए चश्मे का प्रयोग करना चाहिए।
- डॉ. गिन्नी लांबा, वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ एवं उप चिकित्सा अधीक्षक, नागरिक अस्पताल, सोनीपत।