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पीएम दरबार पहुंचा डस्टबिन व आरओ का घोटाला, मुख्य सचिव को जांच

Wed, 24 May 2017 12:22 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला सोनीपत
ब्यूरो अमर उजाला सोनीपत Updated Wed, 24 May 2017 12:22 AM IST
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वाटर कूलर व डस्टबिन खरीद घोटाले का मामला अब पीएम नरेंद्र मोदी के दरबार तक पहुंचा गया है। जिले के पांच बीडीपीओ के खिलाफ 1 करोड़ 12 लाख 72 हजार रुपये का घपला करने की रिपोर्ट शासन तक पहुंचने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। इससे गन्नौर ब्लॉक के भोगीपुर गांव के नरेंद्र सिंह राठी ने पीएमओ में इसकी शिकायत कर दी और वहां से इस मामले में मुख्य सचिव को पत्र जारी किया गया है, जिसमें मामले की अपने स्तर पर जांच करके कार्रवाई करने के लिए कहा गया है। हालांकि डीसी केएम पांडुरंग अपनी रिपोर्ट में पांच बीडीपीओ को इसका जिम्मेदार मानते हुए पहले ही शासन को भेज चुके हैं, लेकिन उसमें कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
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यह था पूरा मामला
हरियाणा पिछड़ा वर्ग एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग वेलफेयर बोर्ड के चेयरमैन रामचंद्र जांगड़ा ने जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में यह मामला उठाया था। जांगड़ा ने आरोप लगाए थे कि 14वें वित्त आयोग के फंड से गांवों के लिए वाटर कूलर, डस्टबिन, आरओ सिस्टम तथा स्टेबलाइजर खरीदने के आदेश दिए गए थे। इसके लिए भारी-भरकम बजट भी जारी किया गया था। वित्त आयोग की ओर से 209 करोड़ रुपये पूरे हरियाणा में पंचायतों के खाते में आए थे, जिसमें से सोनीपत जिले को छह करोड़ रुपये मिले थे। इस दौरान संबंधित बीडीपीओ ने वित्त आयोग की ओर से जारी पंचायतों के खातों में जमा करोड़ों रुपये निकालकर डस्टबिन व वाटर कूलर खरीदे थे। इनकी कीमत लाखों में दिखाई गई थी, लेकिन वास्तव में कीमत काफी कम थी। बाजार में उस समय प्रति डस्टबिन की कीमत 900 रुपये थी, जबकि खरीद कीमत 3500 रुपये दिखाई गई थी। वहीं, बाजार में प्रति वाटर कूलर की कीमत 35 हजार रुपये है, जबकि अधिकारियों द्वारा इसकी कीमत 1 लाख 40 हजार रुपये बताई गई थी। इसकी जांच डीसी केएम पांडुरंग को सौंपी गई थी।
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इन पर साबित हुए आरोप
डीसी केएम पांडुरंग की जांच में तत्कालीन गन्नौर बीडीपीओ पूनम चंदा, खरखौदा बीडीपीओ सुमित बख्शी, गोहाना बीडीपीओ इकबाल राठी, सोनीपत बीडीपीओ राजेश कुमार, राई बीडीपीओ राम सिंह दोषी मिले थे। इनके खिलाफ डीसी ने जांच करके रिपोर्ट अतिरिक्त मुख्य सचिव को भेजी थी, जिसके बाद वहां से पूछा गया था कि क्या इस मामले में विजिलेंस जांच भी हुई है या नहीं। उसका जवाब देने के साथ ही पूरी जांच रिपोर्ट को दोबारा से सचिव को भेजा गया था, लेकिन उसके बाद भी मामले में कुछ नहीं किया गया है।
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शिकायत के आधार पर जारी किया पत्र
भोगीपुर के नरेंद्र सिंह राठी ने कई महीनों तक किसी भी बीडीपीओ पर कार्रवाई नहीं होने के कारण पीएम को पत्र लिखा था और उसमें पूरे घोटाले के बारे में बताया गया था। उसके बाद पीएमओ में सेक्शन ऑफिसर समीर कुमार की ओर से नरेंद्र सिंह राठी की शिकायत के आधार पर पत्र जारी किया गया है। उसमें कहा गया है कि उनका पत्र मिलने पर मामले को गंभीरता से लिया गया है, जिससे यह मामला हरियाणा के मुख्य सचिव को भेज दिया गया है। मुख्य सचिव को इस मामले में जांच करके कार्रवाई करने के लिए कहा गया है।
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