गोहाना। राजकीय महाविद्यालय बड़ौता के प्राध्यापक डाॅ. शैलेश कलकल ने कहा कि रिमोट सेंसिंग एक ऐसी प्रक्रिया है, जिससे किसी क्षेत्र की भौतिक विशेषताओं का पता लगाया जा सकता है। इससे विभिन्न क्षेत्रों में जानकारी जुटाई जा सकती है। वह राजकीय महिला महाविद्यालय गोहाना में भूगोल विभाग में रिमोट सेंसिंग और जीआईएस विषय पर कार्यशाला में छात्राओं को संबोधित कर रहे थे। डाॅ. शैलेश कलकल ने कहा कि रिमोट सेंसिंग एक ऐसी तकनीक है जिससे किसी वस्तु या घटना के बारे में बिना शारीरिक संपर्क किए जानकारी हासिल की जाती है। यह तकनीक पृथ्वी से जुड़े कई क्षेत्रों में इस्तेमाल की जाती है। यह बड़े पैमाने पर पर्यावरण निगरानी, आपदा प्रबंधन, संसाधन अन्वेषण, शहरी नियोजन में मदद करती है। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. शमशेर हुड्डा ने की और संयोजन भूगोल विभाग के अध्यक्ष वीरेंद्र छाछिया ने की। इस मौके पर प्राध्यापक विक्रम, रितु, सुनीता, सुमन, एकता, उपासना, सुनील रहे।