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लोगों ने पानी के लिए निगम कार्यालय पर जड़ा ताला
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निगम कार्यालय के गेट पर धरने पर बैठी महिलाएं। संवाद
- फोटो : Sonipat
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सोनीपत। गांव जाजल स्थित रैनीवेल पर तीन मोटर खराब होने से शहर की आधी आबादी चार दिन से पेयजल संकट झेल रही है। निगम अधिकारियों को बार-बार शिकायत करने के बावजूद समाधान न होने से लोगों में रोष है। शहर की कई कॉलोनियों में लगातार दूसरे दिन भी मिट्टी युक्त पानी की आपूर्ति होने से गुस्साएं लोग पानी की बोतलें साथ लेकर मंगलवार सुबह 9.30 बजे निगम कार्यालय पर पहुंच गए।
लोगों संग मिलकर पार्षद हरिप्रकाश सैनी, सुरेंद्र नैय्यर, इंदू वलेचा ने निगम के गेट पर ताला जड़ दिया और दो घंटे तक गेट पर धरना दिया। धरने पर पहुंचे मेयर निखिल मदान ने भी उनका समर्थन दिया। पेयजल समस्या का समाधान न करने पर मेयर व पार्षदों ने नगर निगम अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाए। मंगलवार दोपहर 12 बजे मेयर के फोन करने पर निगम आयुक्त धर्मेंद्र सिंह धरने पर पहुंचे, जहां उन्होंने अगले पांच दिन में पानी की आपूर्ति पूरी तरह सुनिश्चित कराने और कमेटी गठित करके इस मामले की जांच कराकर दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन देकर धरना समाप्त कराया। साथ ही टैंकर से पानी आपूर्ति का आश्वासन दिया।
जाजल स्थित रैनीवेल से आधे शहर में रोजाना 12 लाख लीटर पानी की आपूर्ति होती है। रैनीवेल पर तीन मोटर खराब होने के कारण चार दिन से शहर के आधे हिस्से की कॉलोनियों में पेयजल संकट गहराया हुआ है। शहर की आधी आबादी को पानी के लिए तरसने को मजबूर होना पड़ रहा है। रविवार रात दो मोटर ठीक कराकर देर रात उन्हें चालू कराया था। लेकिन इससे शहर के तीन बूस्टिंग स्टेशनों पर मिट्टी युक्त पानी पहुंच गया। घरों में मिट्टी युक्त पानी की आपूर्ति होने के बाद लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मंगलवार सुबह तक मिट्टी युक्त पानी की आपूर्ति होने व कई कॉलोनियों में पानी की एक बूंद की सप्लाई न होने से गुस्साएं लोग निगम पार्षदों के नेतृत्व में निगम कार्यालय पहुंचे। साथ ही लोग खराब पानी की बोतलें साथ लेकर पहुंचे और निगम पार्षदों ने कार्यालय के गेट पर ताला जड़ा और अधिकारियों के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए दो घंटे तक धरना भी दिया।
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हाउस की बैठक में उठाया था रैनीवेल की जांच कराने का मुद्दा
मेयर निखिल मदान ने कहा कि 10 सितंबर को हुई निगम हाउस की बैठक में रैनीवेल का मुद्दा उठाया था। उस दौरान निगम अधिकारियों से रैनीवेल के निर्माण को लेकर जांच की मांग की थी। उसके बाद भी निगम के अधिकारियों ने अनदेखा करते हुए अब तक रैनीवेल की जांच शुरू नहीं कराई। अगर जांच शुरू हो जाती तो आज तीन मोटर एक साथ खराब नहीं होती। अधिकारियों की लापरवाही के कारण शहर की आधी आबादी के लिए पेयजल संकट से जूझ रही है। अगर समय रहते निगम अधिकारियों की ओर से मोटर ठीक कराकर पेयजल आपूर्ति नहीं कराई तो शहर में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
सोमवार सुबह से मिट्टी युक्त पानी की आपूर्ति हो रही है। यह पानी पीने लायक नहीं है। ऐसे में लोगों को कैंपर खरीदकर काम चलाना पड़ रहा है। निगम कार्यालय में शिकायत करने पर भी पानी की समस्या दुरुस्त करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया जा रहा।
- शांति, निवासी लाल दरवाजा
समय पर पानी का बिल चुकाने के बावजूद घरों में चार दिन से पानी आपूर्ति नहीं की जा रही। निगम अधिकारियों की लापरवाही के कारण शहर की आधी आबादी साफ पानी के लिए तरस रही है। अधिकारी शहर के लोगों के लिए साफ पानी की आपूर्ति करने में नाकाम है।
- लखीराम, निवासी सैनीपुरा
लोगों को चार दिन से शुद्ध पेयजल की सुविधा भी नहीं दी जा रही। मिट्टी युक्त पानी की आपूर्ति किए जाने से लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। निगम की ओर से टैंकरों से साफ पानी की आपूर्ति करानी चाहिए ताकि लोगों को भविष्य में पेयजल किल्लत से निजात मिल सके।
- सेवा सिंह, निवासी ओल्ड हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी
पानी की किल्लत के कारण घरेलू कार्य पूरे नहीं होते। घरों में पानी की टंकी भी खाली पड़ी है। पेयजल उपलब्ध न होने के कारण खाना बनाना व स्नान करना मुश्किल हो गया है। उसके बावजूद अधिकारी साफ पानी की आपूर्ति करने में कोई कदम नहीं उठा रहे।
- मधु, निवासी राज मोहल्ला
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लोगों संग मिलकर पार्षद हरिप्रकाश सैनी, सुरेंद्र नैय्यर, इंदू वलेचा ने निगम के गेट पर ताला जड़ दिया और दो घंटे तक गेट पर धरना दिया। धरने पर पहुंचे मेयर निखिल मदान ने भी उनका समर्थन दिया। पेयजल समस्या का समाधान न करने पर मेयर व पार्षदों ने नगर निगम अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाए। मंगलवार दोपहर 12 बजे मेयर के फोन करने पर निगम आयुक्त धर्मेंद्र सिंह धरने पर पहुंचे, जहां उन्होंने अगले पांच दिन में पानी की आपूर्ति पूरी तरह सुनिश्चित कराने और कमेटी गठित करके इस मामले की जांच कराकर दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन देकर धरना समाप्त कराया। साथ ही टैंकर से पानी आपूर्ति का आश्वासन दिया।
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जाजल स्थित रैनीवेल से आधे शहर में रोजाना 12 लाख लीटर पानी की आपूर्ति होती है। रैनीवेल पर तीन मोटर खराब होने के कारण चार दिन से शहर के आधे हिस्से की कॉलोनियों में पेयजल संकट गहराया हुआ है। शहर की आधी आबादी को पानी के लिए तरसने को मजबूर होना पड़ रहा है। रविवार रात दो मोटर ठीक कराकर देर रात उन्हें चालू कराया था। लेकिन इससे शहर के तीन बूस्टिंग स्टेशनों पर मिट्टी युक्त पानी पहुंच गया। घरों में मिट्टी युक्त पानी की आपूर्ति होने के बाद लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मंगलवार सुबह तक मिट्टी युक्त पानी की आपूर्ति होने व कई कॉलोनियों में पानी की एक बूंद की सप्लाई न होने से गुस्साएं लोग निगम पार्षदों के नेतृत्व में निगम कार्यालय पहुंचे। साथ ही लोग खराब पानी की बोतलें साथ लेकर पहुंचे और निगम पार्षदों ने कार्यालय के गेट पर ताला जड़ा और अधिकारियों के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए दो घंटे तक धरना भी दिया।
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हाउस की बैठक में उठाया था रैनीवेल की जांच कराने का मुद्दा
मेयर निखिल मदान ने कहा कि 10 सितंबर को हुई निगम हाउस की बैठक में रैनीवेल का मुद्दा उठाया था। उस दौरान निगम अधिकारियों से रैनीवेल के निर्माण को लेकर जांच की मांग की थी। उसके बाद भी निगम के अधिकारियों ने अनदेखा करते हुए अब तक रैनीवेल की जांच शुरू नहीं कराई। अगर जांच शुरू हो जाती तो आज तीन मोटर एक साथ खराब नहीं होती। अधिकारियों की लापरवाही के कारण शहर की आधी आबादी के लिए पेयजल संकट से जूझ रही है। अगर समय रहते निगम अधिकारियों की ओर से मोटर ठीक कराकर पेयजल आपूर्ति नहीं कराई तो शहर में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
सोमवार सुबह से मिट्टी युक्त पानी की आपूर्ति हो रही है। यह पानी पीने लायक नहीं है। ऐसे में लोगों को कैंपर खरीदकर काम चलाना पड़ रहा है। निगम कार्यालय में शिकायत करने पर भी पानी की समस्या दुरुस्त करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया जा रहा।
- शांति, निवासी लाल दरवाजा
समय पर पानी का बिल चुकाने के बावजूद घरों में चार दिन से पानी आपूर्ति नहीं की जा रही। निगम अधिकारियों की लापरवाही के कारण शहर की आधी आबादी साफ पानी के लिए तरस रही है। अधिकारी शहर के लोगों के लिए साफ पानी की आपूर्ति करने में नाकाम है।
- लखीराम, निवासी सैनीपुरा
लोगों को चार दिन से शुद्ध पेयजल की सुविधा भी नहीं दी जा रही। मिट्टी युक्त पानी की आपूर्ति किए जाने से लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। निगम की ओर से टैंकरों से साफ पानी की आपूर्ति करानी चाहिए ताकि लोगों को भविष्य में पेयजल किल्लत से निजात मिल सके।
- सेवा सिंह, निवासी ओल्ड हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी
पानी की किल्लत के कारण घरेलू कार्य पूरे नहीं होते। घरों में पानी की टंकी भी खाली पड़ी है। पेयजल उपलब्ध न होने के कारण खाना बनाना व स्नान करना मुश्किल हो गया है। उसके बावजूद अधिकारी साफ पानी की आपूर्ति करने में कोई कदम नहीं उठा रहे।
- मधु, निवासी राज मोहल्ला

पेयजल समस्या का समाधान नहीं होने के विरोध में नगर निगम कार्यालय के गेट पर ताला जड़ते पार्षद। संवा- फोटो : Sonipat