{"_id":"66f6e376c87a76a22f00041b","slug":"parents-have-the-highest-place-in-life-dr-manibhadra-sonipat-news-c-197-1-snp1008-125226-2024-09-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"जीवन में माता-पिता का स्थान सर्वोच्च : डॉ. मणिभद्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जीवन में माता-पिता का स्थान सर्वोच्च : डॉ. मणिभद्र
Fri, 27 Sep 2024 10:25 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Fri, 27 Sep 2024 10:25 PM IST
विज्ञापन
फोटो 14- सोनीपत की गुड़ मंडी स्थित जैन स्थानक में धर्म सभा के दौरान प्रवचन करते डॉ. मणिभद्र महा
सोनीपत। मानव मिलन के संस्थापक एवं नेपाल केसरी राष्ट्र संत डॉ. मणिभद्र मुनि महाराज ने कहा कि जीवन में माता-पिता का स्थान सर्वोच्च होता है। उनका त्याग, बलिदान व प्रेम मनुष्य को आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। भारतीय संस्कृति की भी यही मान्यता है कि हमें अपने माता-पिता की सेवा करनी चाहिए। यह न केवल मनुष्य का कर्तव्य है, बल्कि संवेदनशीलता व समर्पण का प्रतीक भी है। इससे अगली पीढ़ी को भी सीख मिलती है कि परिवार के प्रति उनकी क्या जिम्मेदारी है।
डॉ. मणिभद्र महाराज गुड़ मंडी स्थित श्रीएसएस जैन सभा जैन स्थानक में चातुर्मास पर आयोजित धर्म सभा में प्रवचन कर रहे थे। उन्होंने कहा कि माता-पिता की सेवा करना, श्राद्ध की अवधारणा को समझना, पालतू पशुओं के प्रति दायित्व निभाना, यह सभी हमारी संस्कृति व समाज का अभिन्न हिस्सा हैं। यह सब मनुष्य को समाज के प्रति भी एक जिम्मेदार नागरिक बनाता है। मनुष्य को यह समझना होगा कि बुजुर्गों व जीवों की सेवा करना एक पुण्य का कार्य है, जो केवल व्यक्तिगत जिम्मेदारी नहीं। सभा में पुनीत मुनि महाराज व महासाध्वी सृजना महाराज ने भी श्रद्धालुओं का मार्गदर्शन किया।
विज्ञापन
डॉ. मणिभद्र महाराज गुड़ मंडी स्थित श्रीएसएस जैन सभा जैन स्थानक में चातुर्मास पर आयोजित धर्म सभा में प्रवचन कर रहे थे। उन्होंने कहा कि माता-पिता की सेवा करना, श्राद्ध की अवधारणा को समझना, पालतू पशुओं के प्रति दायित्व निभाना, यह सभी हमारी संस्कृति व समाज का अभिन्न हिस्सा हैं। यह सब मनुष्य को समाज के प्रति भी एक जिम्मेदार नागरिक बनाता है। मनुष्य को यह समझना होगा कि बुजुर्गों व जीवों की सेवा करना एक पुण्य का कार्य है, जो केवल व्यक्तिगत जिम्मेदारी नहीं। सभा में पुनीत मुनि महाराज व महासाध्वी सृजना महाराज ने भी श्रद्धालुओं का मार्गदर्शन किया।
विज्ञापन