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जिले में ऑक्सीजन की किल्लत बरकरार, नए मरीजों को भर्ती नहीं कर रहे अस्पताल
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सोनीपत। जिले में कोरोना का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है और ऑक्सीजन की किल्लत होने से हालात भी काफी बिगड़ रहे हैं। ऑक्सीजन की कमी के कारण ही अस्पतालों में नए मरीजों को भर्ती नहीं किया जा रहा है। अस्पतालों में केवल एक दिव्य एयर प्रोडक्ट लिमिटेड कंपनी पर ऑक्सीजन सिलिंडर सप्लाई की जिम्मेदारी है और पहले ही पांच गुणा तक खपत बढ़ने के बावजूद बीपीएस मेडिकल कालेज खानपुर भी उस कंपनी से जोड़ दिया गया है। जबकि कंपनी का तरल गैस का कोटा बढ़ाया नहीं गया है जो केवल 9 टन ही मिल रहा है। इसलिए ही अस्पतालों में पूरी सप्लाई नहीं हो रही है और प्रशासन ने मेडिकल कालेज व नागरिक अस्पताल के अलावा आठ प्राइवेट अस्पताल को आइॅक्सीजन देने की सूची तैयार कराई है। हालांकि डीसी ने दो टन ऑक्सीजन का कोटा बढ़वाने की बात कही है, जिससे स्थिति कुछ सुधरने की बात कही जा रही है।
जिले के अस्पतालों में ऑक्सीजन के सिलिंडर सप्लाई करने वाली एक कंपनी दिव्य एयर प्रोडक्ट लिमिटेड है। जब एक महीने पहले तक कोरोना के केस कम मिल रहे थे तो उस समय तक ऑक्सीजन की सप्लाई प्रतिदिन 300 सिलिंडर तक होती थी। लेकिन जिस तरह से कोरोना के मामले बढ़ते गए, उसी तरह ऑक्सीजन की खपत व मांग भी बढ़ती चली गई। अब करीब 1500 सिलिंडर की प्रतिदिन सप्लाई हो रही है।
कंपनी के एमडी राजबीर दहिया ने बताया कि उनके पास पानीपत से 9 टन तरल गैस आ रही थी, जिससे सप्लाई में कोई परेशानी नहीं थी और वह ऑक्सीजन सिलिंडर सभी अस्पतालों में जरूरत के अनुसार सप्लाई कर रहे थे। लेकिन बीपीएस मेडिकल कालेज खानपुर में करीब 400 सिलिंडर सप्लाई करने वाली हिसार की कंपनी ने हाथ खड़े करने के बाद प्रशासन ने वहां की जिम्मेदारी भी उनको सौंप दी। जबकि तरल गैस का कोटा नहीं बढ़ाया गया और इससे हालात बिगड़ने शुरू हो गए हैं। इसलिए ही अधिकतर अस्पतालों में कोरोना के नए मरीज भर्ती नहीं किए जा रहे हैं और अगर किसी की मौत होती है तो उनकी जगह ही मरीज भर्ती किया जाता है। हालांकि डीसी श्यामलाल पूनिया ने जिले का 2 टन ऑक्सीजन कोटा बढ़वाने की बात कही है, जिससे स्थिति काफी सुधर सकती है। इस तरह जिले को 11 टन ऑक्सीजन मिलनी शुरू हो जाएगी और अस्पतालों में ज्यादा परेशानी नहीं होगी।
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प्रशासन ने इस तरह तैयार की सूची
बीपीएस मेडिकल कालेज खानपुर 400 सिलिंडर
नागरिक अस्पताल 260 सिलिंडर
फिम्स अस्पताल 60 सिलिंडर
ऑस्कर अस्पताल 30 सिलिंडर
भगवानदास अस्पताल 50 सिलिंडर
ट्यूलिप अस्पताल 30 सिलिंडर
सक्सेना अस्पताल 20 सिलिंडर
सिग्नस अस्पताल 20 सिलिंडर
हरियाणा अस्पताल 30 सिलिंडर
दयानंद अस्पताल 20 सिलिंडर
निदान अस्पताल 30 सिलिंडर
वर्जन
ऑक्सीजन की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने निजी अस्पतालों के संचालकों के साथ बैठक करके तय किया था कि किसे कितनी ऑक्सीजन मिलेगी। उसके आधार पर मरीज रखने के लिए कहा गया था और ऑक्सीजन का कोटा बढ़ने पर सिलिंडर भी बढ़ाने के लिए कहा गया था। क्योंकि ऑक्सीजन के बिना किसी मरीज को परेशानी नहीं हो, उसका पूरा ध्यान रखा जा रहा है। जिले के लिए 2 टन ऑक्सीजन बढ़वाई जा रही है।
- श्यामलाल पूनिया, डीसी
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जिले के अस्पतालों में ऑक्सीजन के सिलिंडर सप्लाई करने वाली एक कंपनी दिव्य एयर प्रोडक्ट लिमिटेड है। जब एक महीने पहले तक कोरोना के केस कम मिल रहे थे तो उस समय तक ऑक्सीजन की सप्लाई प्रतिदिन 300 सिलिंडर तक होती थी। लेकिन जिस तरह से कोरोना के मामले बढ़ते गए, उसी तरह ऑक्सीजन की खपत व मांग भी बढ़ती चली गई। अब करीब 1500 सिलिंडर की प्रतिदिन सप्लाई हो रही है।
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कंपनी के एमडी राजबीर दहिया ने बताया कि उनके पास पानीपत से 9 टन तरल गैस आ रही थी, जिससे सप्लाई में कोई परेशानी नहीं थी और वह ऑक्सीजन सिलिंडर सभी अस्पतालों में जरूरत के अनुसार सप्लाई कर रहे थे। लेकिन बीपीएस मेडिकल कालेज खानपुर में करीब 400 सिलिंडर सप्लाई करने वाली हिसार की कंपनी ने हाथ खड़े करने के बाद प्रशासन ने वहां की जिम्मेदारी भी उनको सौंप दी। जबकि तरल गैस का कोटा नहीं बढ़ाया गया और इससे हालात बिगड़ने शुरू हो गए हैं। इसलिए ही अधिकतर अस्पतालों में कोरोना के नए मरीज भर्ती नहीं किए जा रहे हैं और अगर किसी की मौत होती है तो उनकी जगह ही मरीज भर्ती किया जाता है। हालांकि डीसी श्यामलाल पूनिया ने जिले का 2 टन ऑक्सीजन कोटा बढ़वाने की बात कही है, जिससे स्थिति काफी सुधर सकती है। इस तरह जिले को 11 टन ऑक्सीजन मिलनी शुरू हो जाएगी और अस्पतालों में ज्यादा परेशानी नहीं होगी।
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प्रशासन ने इस तरह तैयार की सूची
बीपीएस मेडिकल कालेज खानपुर 400 सिलिंडर
नागरिक अस्पताल 260 सिलिंडर
फिम्स अस्पताल 60 सिलिंडर
ऑस्कर अस्पताल 30 सिलिंडर
भगवानदास अस्पताल 50 सिलिंडर
ट्यूलिप अस्पताल 30 सिलिंडर
सक्सेना अस्पताल 20 सिलिंडर
सिग्नस अस्पताल 20 सिलिंडर
हरियाणा अस्पताल 30 सिलिंडर
दयानंद अस्पताल 20 सिलिंडर
निदान अस्पताल 30 सिलिंडर
वर्जन
ऑक्सीजन की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने निजी अस्पतालों के संचालकों के साथ बैठक करके तय किया था कि किसे कितनी ऑक्सीजन मिलेगी। उसके आधार पर मरीज रखने के लिए कहा गया था और ऑक्सीजन का कोटा बढ़ने पर सिलिंडर भी बढ़ाने के लिए कहा गया था। क्योंकि ऑक्सीजन के बिना किसी मरीज को परेशानी नहीं हो, उसका पूरा ध्यान रखा जा रहा है। जिले के लिए 2 टन ऑक्सीजन बढ़वाई जा रही है।
- श्यामलाल पूनिया, डीसी