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गोरखनाथ के कथन को चरितार्थ करती है ओशो की देशना : सिद्धार्थ औलिया
Thu, 12 Dec 2024 06:46 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Thu, 12 Dec 2024 06:46 PM IST
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फोटो 20- सोनीपत के मुरथल रोड स्थित ओशोधारा नानक धाम आश्रम में ओशो के प्रथम सद्गुरुदेव के जन्मदि
सोनीपत। मुरथल रोड स्थित ओशोधारा नानक धाम आश्रम में ओशो के प्रथम सद्गुरुदेव का जन्मदिवस हर्षोल्लास से मनाया गया। कार्यक्रम में देश-विदेश से करीब 500 से ज्यादा साधकों ने शामिल होकर आश्रम में भक्तिपूर्ण माहौल बनाया। कार्यक्रम में साधकों की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए।
कार्यक्रम में समर्थ गुरु सिद्धार्थ औलिया की ओर से रचित गोरखनाथ गीता का विमोचन किया गया। नाथ परंपरा के कई गुरु भी कायर्क्रम में पहुंचे। समर्थ गुरु सिद्धार्थ औलिया ने बताया कि ओशो की देशना का मूल आधार गोरखनाथ के कथन हंसिबा खेलिबा धरीबा ध्यानम को चरितार्थ करती है। आचार्य कुलदीप ने बताया कि समर्थ गुरु सिद्धार्थ औलिया ओशो की देशना को बढ़ाने का कार्य कर रहे हैं। ओशो धारा वैज्ञानिक ढंग से देश-विदेश के लाखों साधकों को आध्यात्मिक कार्यों के लिए प्रेरित कर रही है। कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल से महंत योगी विजयनाथ, सोनीपत से महंत योगी बालकनाथ, कैथल से महंत योगी बालकनाथ, योगी तुलसी नाथ कुरुक्षेत्र से महंत योगी तेजनाथ, करनाल से महंत योगी चरणनाथ, जींद से महंत योगी सक्ताईनाथ, योगी नीलम नाथ व पीर राजनाथ मौजूद रहे।
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कार्यक्रम में समर्थ गुरु सिद्धार्थ औलिया की ओर से रचित गोरखनाथ गीता का विमोचन किया गया। नाथ परंपरा के कई गुरु भी कायर्क्रम में पहुंचे। समर्थ गुरु सिद्धार्थ औलिया ने बताया कि ओशो की देशना का मूल आधार गोरखनाथ के कथन हंसिबा खेलिबा धरीबा ध्यानम को चरितार्थ करती है। आचार्य कुलदीप ने बताया कि समर्थ गुरु सिद्धार्थ औलिया ओशो की देशना को बढ़ाने का कार्य कर रहे हैं। ओशो धारा वैज्ञानिक ढंग से देश-विदेश के लाखों साधकों को आध्यात्मिक कार्यों के लिए प्रेरित कर रही है। कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल से महंत योगी विजयनाथ, सोनीपत से महंत योगी बालकनाथ, कैथल से महंत योगी बालकनाथ, योगी तुलसी नाथ कुरुक्षेत्र से महंत योगी तेजनाथ, करनाल से महंत योगी चरणनाथ, जींद से महंत योगी सक्ताईनाथ, योगी नीलम नाथ व पीर राजनाथ मौजूद रहे।
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