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Hindi News ›   Haryana ›   Sonipat News ›   On the day of Parivartini Ekadashi, Lord Hari will change sides during the four month yogic sleep

Sonipat News: परिवर्तिनी एकादशी के दिन 4 मास की योगनिद्रा में श्रीहरि बदलेंगे करवट

Fri, 13 Sep 2024 03:45 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत Updated Fri, 13 Sep 2024 03:45 AM IST
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On the day of Parivartini Ekadashi, Lord Hari will change sides during the four month yogic sleep
फोटो 13- आचार्य मनमोहन मिश्रा।
सोनीपत। भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी के दिन भगवान श्रीहरि चार मास की योगनिद्रा में करवट बदलेंगे। भाद्रपद के शुक्ल पक्ष में 14 सितंबर को परिवर्तिनी एकादशी मनाई जाएगी। इसे जलझूलन व पद्मा एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। परिवर्तिनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु, उनके आठवें अवतार श्रीकृष्ण, वामन अवतार, शालिग्राम की आराधना विशेष फलदायी मानी गई है। व्रत रखने व पूजा-अर्चना से मनुष्य के पाप व कष्ट समाप्त होते हैं।
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नरेंद्र नगर स्थित शिव मंदिर से आचार्य मनमोहन मिश्रा ने बताया कि हिंदू पंचांग के अनुसार इस वर्ष 14 सितंबर को चातुर्मास भाद्रपद के शुक्ल पक्ष की अंतिम एकादशी तिथि पड़ती है। इसी दिन परिवर्तिनी एकादशी का व्रत रखा जाएगा। इस समय भगवान विष्णु योग निद्रा में होते हैं और एकादशी के दिन करवट बदलते हैं। इसी वजह से इसे परिवर्तिनी एकादशी के नाम से जाना जाता है। इस दिन व्रत रखने व पूजा-अर्चना करने से मनुष्य के पास मिट जाते हैं। जीवन के अंत में मनुष्य को बैकुंठ की प्राप्ति होती है। आचार्य ने बताया कि श्रीहरि करवट बदलने के दौरान प्रसन्न मुद्रा में रहते हैं। पूजा-अर्चना के दौरान उनसे मांगी गई हर मनोकामना पूर्ण होती है। मान्यता है कि परिवर्तिनी एकादशी के दिन मां यशोदा ने जलवा पूजन (कुआं पूजन) किया था, जलाशय पर जाकर भगवान श्रीकृष्ण के वस्त्र धोए थे। ऐसे में इसे जलझूलन एकादशी के नाम से भी जाना जाता है।
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यह रहेगा शुभ मुहूर्त व पारण का समय
पंचांग के अनुसार भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 13 सितंबर शुक्रवार को रात 10:30 बजे प्रारंभ होगी। तिथि का समापन 14 सितंबर शनिवार रात 8:41 बजे होगा। उदयातिथि के आधार पर 14 सितंबर को परिवर्तिनी एकादशी का व्रत रखा जाएगा। व्रत का पारण (व्रत खोलने का समय) रविवार 15 सितंबर को किया जाएगा। पारण समय सुबह 6:06 बजे से 8:34 बजे तक रहेगा।
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जीवन में धन व सुख-समृद्धि का होगा वास
परिवर्तिनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु व माता लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करने से जीवन में धन-धान्य व सुख-समृद्धि का वास होता है। इस दिन गोमाता को चारा खिलाने, जरूरतमंद की सहायता करने, चावल, दही, जल से भरा कलश, छाता, जूते व चांदी का दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। विष्णु सहस्रनाम व रामायण का पाठ करना भी विशेष फलदायी माना गया है।
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