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Sonipat News: भैया दूज पर बहनों ने भाइयों के माथे पर स्नेह का तिलक लगाया
Fri, 24 Oct 2025 12:56 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Fri, 24 Oct 2025 12:56 AM IST
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फोटो 30- सोनीपत के धोबीवाड़ा स्थित निवास पर भाइयों के भैया दूज पर्व मनाती रमा भारद्वाज व श्री
सोनीपत। जिले में वीरवार को भाई-बहन के प्रेम व विश्वास का प्रतीक भैया दूज त्योहार हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। बहनों ने शुभ मुहूर्त में अपने भाई के माथे पर तिलक कर उनकी लंबी आयु व जीवन में सुख-शांति की कामना की। भाइयों ने बहनों को उपहार भेंट किए। बाजार में किरयाणा, मिठाई व अन्य खरीदारी को लेकर चहल-पहल रही। बहन-भाइयों ने एक-दूसरे के लिए मिठाई व उपहार खरीदें।
छह दिवसीय दीपोत्सव के आखिरी दिन भैया दूज पर्व मनाया गया। भैया दूज पर्व हर वर्ष कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को दिवाली के दूसरे दिन मनाया जाता है। इस पर्व का भारतीय संस्कृति में विशेष महत्व है। सुबह से ही घरों में पूजा-अर्चना का सिलसिला शुरू हो गया। मान्यता है कि जो भाई इस दिन बहन के घर जाकर तिलक करवाकर भोजन ग्रहण करता है, उनकी अकाल मृत्यु नहीं होती।
भैया दूज के साथ वीरवार को छह दिवसीय दीपोत्सव भी संपन्न हो गया। कई जगह परिवार के बड़े सदस्यों ने पर्व की परंपरा को निभाया तो कहीं नन्हें-मुन्नों ने भैया दूज पर्व मनाकर संस्कृति को समझा। वहीं, बहुत से भाई-बहन व्यस्तता व अन्य कारणों से एक-दूसरे के पास नहीं पहुंच पाए। हालांकि उन्होंने भी मोबाइल पर वीडियो कॉल कर एक-दूसरे को पर्व की बधाई दी।
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बहनों ने व्रत रखकर मांगी भाइयों की मंगलकामना
भैया दूज पर बहनों ने भाइयों की सुख-समृद्धि व मंगलकामना के लिए व्रत भी रखा। कहीं बहनें अपने भाइयों के घर भाई दूज मनाने के लिए पहुंचीं तो कहीं भाई अपनी बहनों के घर पहुंचे। सुबह से ही बाजार में खरीदारी को लेकर चहल-पहल रही।
बहनों ने अपने भाइयों के लिए मिठाई व उपहार की खरीदारी भी की। भाइयों ने भी अपनी बहनों के लिए पसंद के उपहार खरीदें। बहनों ने अपने भाइयों को रोली, चावल से तिलक कर आरती उतारकर उन्हें मिठाई खिलाई। भाइयों ने बहनों को आकर्षक उपहार प्रदान कर रक्षा का संकल्प लिया।
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छह दिवसीय दीपोत्सव के आखिरी दिन भैया दूज पर्व मनाया गया। भैया दूज पर्व हर वर्ष कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को दिवाली के दूसरे दिन मनाया जाता है। इस पर्व का भारतीय संस्कृति में विशेष महत्व है। सुबह से ही घरों में पूजा-अर्चना का सिलसिला शुरू हो गया। मान्यता है कि जो भाई इस दिन बहन के घर जाकर तिलक करवाकर भोजन ग्रहण करता है, उनकी अकाल मृत्यु नहीं होती।
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भैया दूज के साथ वीरवार को छह दिवसीय दीपोत्सव भी संपन्न हो गया। कई जगह परिवार के बड़े सदस्यों ने पर्व की परंपरा को निभाया तो कहीं नन्हें-मुन्नों ने भैया दूज पर्व मनाकर संस्कृति को समझा। वहीं, बहुत से भाई-बहन व्यस्तता व अन्य कारणों से एक-दूसरे के पास नहीं पहुंच पाए। हालांकि उन्होंने भी मोबाइल पर वीडियो कॉल कर एक-दूसरे को पर्व की बधाई दी।
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बहनों ने व्रत रखकर मांगी भाइयों की मंगलकामना
भैया दूज पर बहनों ने भाइयों की सुख-समृद्धि व मंगलकामना के लिए व्रत भी रखा। कहीं बहनें अपने भाइयों के घर भाई दूज मनाने के लिए पहुंचीं तो कहीं भाई अपनी बहनों के घर पहुंचे। सुबह से ही बाजार में खरीदारी को लेकर चहल-पहल रही।
बहनों ने अपने भाइयों के लिए मिठाई व उपहार की खरीदारी भी की। भाइयों ने भी अपनी बहनों के लिए पसंद के उपहार खरीदें। बहनों ने अपने भाइयों को रोली, चावल से तिलक कर आरती उतारकर उन्हें मिठाई खिलाई। भाइयों ने बहनों को आकर्षक उपहार प्रदान कर रक्षा का संकल्प लिया।