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Sonipat News: तापमान बढ़ने के साथ अस्पताल में बढ़ी मरीजों की संख्या
Sat, 13 Apr 2024 01:24 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Sat, 13 Apr 2024 01:24 AM IST
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सोनीपत के गोहाना स्थित उपमंडल नागरिक अस्पताल में बीमार बच्चों को लेकर पहुंचे अभिभावक। संवाद
गोहाना। तापमान बढ़ने के साथ उपमंडल नागरिक अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ रही है। मौसम परिवर्तन बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रभाव डाल रहा है। इसके चलते बच्चे लगातार बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। ओपीडी में पहले 25 से 30 बीमार बच्चे आते थे, अब इनकी संख्या 70 से ज्यादा हो चुकी है। इनमें उल्टी-दस्त व बुखार से ग्रसित बच्चे हैं।
लगातार तापमान में बढ़ोतरी होने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 39.2 डिग्री सेल्सियस रहा और न्यूनतम तापमान 18.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। एक दिन पहले अधिकतम तापमान 37.1 व न्यूनतम तापमान 18.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया था। तापमान में बढ़ाेतरी बीमारी की वजह बन रही है। चिकित्सक के अनुसार सबसे ज्यादा बच्चे फूड प्वॉइजनिंग से पीड़ित हैं। ऐसे मामले तीन-चार दिन से ज्यादा बढ़े हैं। अभिभावकों को सलाह है कि इस समय बच्चों को संतुलित आहार दें। छह माह से कम उम्र के बच्चे भी बीमारी की चपेट में आ रहे हैं।
बोतल से दूध पिलाना बड़ी समस्या
अधिकांश बच्चों के बीमार होने की वजह बोतल से दूध पिलाना है। बोतल साफ न होने से भी समस्या बढ़ती है। वहीं बड़े बच्चों में बाजार की तली-भुनी चीजें खाने, फास्ट फूड, साफ पानी न पीने आदि से बीमारियां बढ़ रही हैं। आंखों के नीचे गड्ढा, होंठ, तालू व मुंह सूखना, पेशाब कम या गाढ़ा आना, अधिक प्यास लगना, त्वचा सिकुड़ना खतरे के मुख्य लक्षण हैं। बच्चा यदि सुस्त हो और खाना-पीना छोड़ दे तो तत्काल चिकित्सक को दिखाएं।
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इन बातों का जरूर रखें ध्यान
- साफ पानी में ओआरएस का घोल पिलाएं।
- खाने में दाल, चावल, रोटी, सब्जी, फल दें। फलों में केला, सेब, अनार दें।
- छाछ, नारियल पानी, आम दें। स्वच्छ पानी ज्यादा पिलाएं।
वर्जन
तापमान में हो रहे परिवर्तन की वजह से बच्चे बीमार हो रहे हैं। ओपीडी में बीमार बच्चों की संख्या बढ़ रही है। अभिभावकों को बीमार बच्चों का खुद इलाज करने के बजाय चिकित्सक से सलाह लेने के लिए कहा जा रहा है।
- डाॅ. मोनिका, बाल रोग विशेषज्ञ, उपमंडल नागरिक अस्पताल
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लगातार तापमान में बढ़ोतरी होने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 39.2 डिग्री सेल्सियस रहा और न्यूनतम तापमान 18.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। एक दिन पहले अधिकतम तापमान 37.1 व न्यूनतम तापमान 18.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया था। तापमान में बढ़ाेतरी बीमारी की वजह बन रही है। चिकित्सक के अनुसार सबसे ज्यादा बच्चे फूड प्वॉइजनिंग से पीड़ित हैं। ऐसे मामले तीन-चार दिन से ज्यादा बढ़े हैं। अभिभावकों को सलाह है कि इस समय बच्चों को संतुलित आहार दें। छह माह से कम उम्र के बच्चे भी बीमारी की चपेट में आ रहे हैं।
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बोतल से दूध पिलाना बड़ी समस्या
अधिकांश बच्चों के बीमार होने की वजह बोतल से दूध पिलाना है। बोतल साफ न होने से भी समस्या बढ़ती है। वहीं बड़े बच्चों में बाजार की तली-भुनी चीजें खाने, फास्ट फूड, साफ पानी न पीने आदि से बीमारियां बढ़ रही हैं। आंखों के नीचे गड्ढा, होंठ, तालू व मुंह सूखना, पेशाब कम या गाढ़ा आना, अधिक प्यास लगना, त्वचा सिकुड़ना खतरे के मुख्य लक्षण हैं। बच्चा यदि सुस्त हो और खाना-पीना छोड़ दे तो तत्काल चिकित्सक को दिखाएं।
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इन बातों का जरूर रखें ध्यान
- साफ पानी में ओआरएस का घोल पिलाएं।
- खाने में दाल, चावल, रोटी, सब्जी, फल दें। फलों में केला, सेब, अनार दें।
- छाछ, नारियल पानी, आम दें। स्वच्छ पानी ज्यादा पिलाएं।
वर्जन
तापमान में हो रहे परिवर्तन की वजह से बच्चे बीमार हो रहे हैं। ओपीडी में बीमार बच्चों की संख्या बढ़ रही है। अभिभावकों को बीमार बच्चों का खुद इलाज करने के बजाय चिकित्सक से सलाह लेने के लिए कहा जा रहा है।
- डाॅ. मोनिका, बाल रोग विशेषज्ञ, उपमंडल नागरिक अस्पताल