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Sonipat News: अब उपचार में होगी आसानी, 22 चिकित्सकों ने जॉइन किया

Wed, 09 Apr 2025 12:44 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत Updated Wed, 09 Apr 2025 12:44 AM IST
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Now treatment will be easier, 22 doctors have joined
सोनीपत। नागरिक अस्पताल समेत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों का अभाव नहीं रहेगा। सरकार की ओर से आदेश जारी होने के बाद 10 दिन में 22 चिकित्सकों ने ज्वाइन कर लिया है। अब मरीजों को उपचार कराने में परेशानी नहीं होगी। नियुक्त होने वाले चिकित्सकों में कोई विशेषज्ञ नहीं है। वर्तमान में जिला अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट की ज्यादा मांग है। रेडियोलॉजिस्ट की कमी के चलते साढ़े तीन साल से अल्ट्रासाउंड नहीं हो रहे। सरकार ने 29 मार्च को 34 चिकित्सकों की नियुक्ति के आदेश जारी किए थे। जिला नागरिक अस्पताल में 17 चिकित्सकों की नियुक्त के आदेश दिए थे। इनमें से डॉ. आशीष कुमार, डाॅ. गरिमा, डॉ. गौरव, डॉ. चिराग सेठ, डॉ. रजत गुप्ता, डॉ. समरेंद्र सिंह, डॉ. अनिरुद्ध सिवाच, डॉ. विजय कुमार, डॉ. धीरज कुमार, डॉ. प्रियंका मलिक, डॉ. गुरजोत कौर व डॉ. दीपक ने ज्वाइन कर लिया है। उपमंडल नागरिक अस्पताल गन्नौर में डॉ. सचिन कुमार, डॉ. ननीता मोर, डॉ. मोहित, डॉ. साहिल, डॉ. महिमा ने ज्वाइन किया है।
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पुरखास में डॉ. सचिन, सीएचसी मुंडलाना में डॉ. अंशुल, सीएचसी जुआं में डॉ. रचना, डॉ. नेहा व डॉ. कनिष्क ने नियुक्त पाई है। खरखौदा के उपमंडल नागरिक अस्पताल में छह चिकित्सकों की नियुक्ति के आदेश जारी किए थे, लेकिन उनमें में किसी भी चिकित्सक ने ज्वाइन नहीं किया है।
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जागसी और मोई माजरी पीएचसी में चिकित्सक नहीं
सरकार ने किसी भी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) पर चिकित्सकों की नियुक्त नहीं की है। चिकित्सकों की नियुक्ति को लेकर लंबे समय से मांग की जा रही थी। गांव जागसी और मोई माजरी स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में एक भी चिकित्सक नहीं है। सरकार ने पीएचसी में दो-दो पद स्वीकृत कर रखे हैं, लेकिन दोनों पीएचसी पर एक भी चिकित्सक न होने के कारण मरीजों को दूसरे अस्पतालों में जाना पड़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग में चिकित्सकों की कमी के कारण मरीज निजी अस्पतालों में इलाज कराने को विवश हैं।
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सरकार ने 34 नए चिकित्सकों की नियुक्ति के आदेश जारी किए थे। इनमें से 22 चिकित्सकों ने ज्वाइन कर लिया है। नए चिकित्सक और आने की उम्मीद है। सरकारी अस्पतालों में मरीजों को बेहतर उपचार देने का प्रयास किया जा रहा है। -डॉ. ज्योत्सना, सिविल सर्जन, सोनीपत।
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