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अब हर बाल विवाह स्वत: अमान्य होगा : रजनी
Wed, 06 Aug 2025 01:25 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Wed, 06 Aug 2025 01:25 AM IST
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फोटो 17: सोनीपत महिला थाना परिसर में बैठक के दौरान पुलिस अधिकारियों व कर्मियों को जानकारी देती
- फोटो : स्रोत : जागरूक पाठक
सोनीपत। हर बच्चा पढ़ने, खेलने और सपने देखने के लिए जन्म लेता है बाल विवाह के लिए नहीं। मंगलवार को महिला थाने में हुई बैठक में बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 (पीसीएमए) की धाराओं, सजाओं व सरकार की ओर से हाल ही में किए गए संशोधनों पर चर्चा की गई।
संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी रजनी गुप्ता ने बताया कि अधिनियम की धारा 9, 10 व 11 के तहत यदि 21 वर्ष से कम आयु का लड़का विवाह करता है तो उसे दो वर्ष की सजा, एक लाख रुपये जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। विवाह में सहयोग करने वाले चाहे वह पुरोहित हो, पंचायत सदस्य या माता-पिता सभी को कानूनी दंड का सामना करना पड़ सकता है।
उन्होंने बताया कि विवाह योग्य आयु लड़कियों के लिए 18 वर्ष व लड़कों के लिए 21 वर्ष निर्धारित है। जिले में पीएचसी, सीएचसी से लगातार ऐसे मामले सामने आ रहे हैं कि नाबालिग गर्भवती पाई जा रही हैं। उन पर किशोर न्याय अधिनियम (पीएमए) और पॉक्सो अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जा रही है।
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उन्होंने हरियाणा सरकार के बाल विवाह अधिनियम में हुए संशोधन को महत्वपूर्ण बताया। इसके तहत अब हर बाल विवाह स्वतः अमान्य माना जाएगा या ऐसे विवाह को अब कोर्ट में जाकर रद्द कराने की आवश्यकता नहीं होगी।
बैठक में एसीपी अमित धनखड़, महिला थाना प्रभारी कविता, गोहाना महिला थाना प्रभारी सरोज बाला, सभी संबंधित पुलिस स्टेशनों के चाइल्ड वेलफेयर अधिकारी, महिला थाना स्टाफ व सीएमपीओ कार्यालय से राजेश, सिपाही स्वीटी एवं ईएचसी राजमल उपस्थित रहे।
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संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी रजनी गुप्ता ने बताया कि अधिनियम की धारा 9, 10 व 11 के तहत यदि 21 वर्ष से कम आयु का लड़का विवाह करता है तो उसे दो वर्ष की सजा, एक लाख रुपये जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। विवाह में सहयोग करने वाले चाहे वह पुरोहित हो, पंचायत सदस्य या माता-पिता सभी को कानूनी दंड का सामना करना पड़ सकता है।
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उन्होंने बताया कि विवाह योग्य आयु लड़कियों के लिए 18 वर्ष व लड़कों के लिए 21 वर्ष निर्धारित है। जिले में पीएचसी, सीएचसी से लगातार ऐसे मामले सामने आ रहे हैं कि नाबालिग गर्भवती पाई जा रही हैं। उन पर किशोर न्याय अधिनियम (पीएमए) और पॉक्सो अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जा रही है।
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उन्होंने हरियाणा सरकार के बाल विवाह अधिनियम में हुए संशोधन को महत्वपूर्ण बताया। इसके तहत अब हर बाल विवाह स्वतः अमान्य माना जाएगा या ऐसे विवाह को अब कोर्ट में जाकर रद्द कराने की आवश्यकता नहीं होगी।
बैठक में एसीपी अमित धनखड़, महिला थाना प्रभारी कविता, गोहाना महिला थाना प्रभारी सरोज बाला, सभी संबंधित पुलिस स्टेशनों के चाइल्ड वेलफेयर अधिकारी, महिला थाना स्टाफ व सीएमपीओ कार्यालय से राजेश, सिपाही स्वीटी एवं ईएचसी राजमल उपस्थित रहे।