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Sonipat News: एटलस रोड पर बनीं 11 दुकानें हटाने के लिए नोटिस जारी
Sat, 20 Jun 2026 05:03 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Sat, 20 Jun 2026 05:03 AM IST
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सोनीपत। एटलस फैक्टरी के सामने बनीं दुकानों को लेकर रेलवे प्रशासन और दुकानदारों के बीच विवाद गहरा गया है। रेलवे प्रशासन ने क्षेत्र में बनी करीब 11 दुकानों को नोटिस जारी कर 20 जून तक अवैध निर्माण हटाने के निर्देश दिए हैं।
रेलवे ने चेतावनी दी है कि निर्धारित समय सीमा तक निर्माण नहीं हटाया गया तो एविक्शन ऑफ अनऑथराइज्ड ऑक्यूपेंट्स एक्ट, 1971 के तहत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। एटलस रोड पर रेलवे भूमि से जुड़ा विवाद कई वर्ष से चला आ रहा है।
रेलवे प्रशासन का दावा है कि 16 अगस्त 2022 को रेलवे की भूमि पर किए गए अवैध निर्माणों को हटाने के लिए अभियान चलाया था जिसके दौरान कई निर्माणों को ध्वस्त किया गया था। इसके बाद प्रभावित लोगों ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया और संबंधित भूमि पर अपना स्वामित्व होने का दावा किया।
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दुकानदारों ने बताया कि उनके पक्ष में फैसला कोर्ट से आ चुका है, उसके 4 माह बाद निर्माण शुरू किया है। वहीं, रेलवे के सीनियर सेक्शन इंजीनियर भरत सिंह राठी का कहना है कि संबंधित भूमि रेलवे की संपत्ति है और उसके स्वामित्व संबंधी सभी दस्तावेजों को एकत्रित किया जा रहा है।
नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि यदि 20 जून तक कब्जा या निर्माण नहीं हटाया तो रेलवे अपने अधिकार क्षेत्र के तहत कानूनी कार्रवाई करेगा।
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रेलवे ने चेतावनी दी है कि निर्धारित समय सीमा तक निर्माण नहीं हटाया गया तो एविक्शन ऑफ अनऑथराइज्ड ऑक्यूपेंट्स एक्ट, 1971 के तहत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। एटलस रोड पर रेलवे भूमि से जुड़ा विवाद कई वर्ष से चला आ रहा है।
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रेलवे प्रशासन का दावा है कि 16 अगस्त 2022 को रेलवे की भूमि पर किए गए अवैध निर्माणों को हटाने के लिए अभियान चलाया था जिसके दौरान कई निर्माणों को ध्वस्त किया गया था। इसके बाद प्रभावित लोगों ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया और संबंधित भूमि पर अपना स्वामित्व होने का दावा किया।
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दुकानदारों ने बताया कि उनके पक्ष में फैसला कोर्ट से आ चुका है, उसके 4 माह बाद निर्माण शुरू किया है। वहीं, रेलवे के सीनियर सेक्शन इंजीनियर भरत सिंह राठी का कहना है कि संबंधित भूमि रेलवे की संपत्ति है और उसके स्वामित्व संबंधी सभी दस्तावेजों को एकत्रित किया जा रहा है।
नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि यदि 20 जून तक कब्जा या निर्माण नहीं हटाया तो रेलवे अपने अधिकार क्षेत्र के तहत कानूनी कार्रवाई करेगा।