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तीन लाख रुपये से अधिक गृहकर जमा न करने वाले 300 लोगों को नोटिस जारी, सील होगी प्रॉपर्टी
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नगर निगम कार्यालय सोनीपत।
- फोटो : Sonipat
नगर निगम की ओर से बकाया गृहकर जमा न कराने वाले डिफाल्टरों पर शिकंजा कसने के लिए कार्रवाई तेज कर दी गई है। अब निगम के अधिकारियों ने तीन लाख रुपये से अधिक का गृहकर जमा न कराने वाले 300 डिफाल्टरों को नोटिस जारी किए हैं। इनमें 5 लाख रुपये से अधिक गृहकर के 100 बकायेदार और 3 लाख रुपये से अधिक गृहकर जमा नहीं कराने वाले 200 बकायेदार शामिल है। उन्हें एक सप्ताह के अंदर गृहकर जमा करने के लिए कहा है। अगर एक सप्ताह में गृहकर जमा नहीं किया तो दोबारा नोटिस जारी करके उनकी प्रॉपर्टी सील करने की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
शहर के 400 डिफाल्टर नगर निगम के 125 करोड़ रुपये गृहकर पर कुंडली मारे बैठे हैं। नगर निगम की ओर से वित्त वर्ष 2022-23 में 25 करोड़ रुपये गृहकर के रूप में राजस्व जुटाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उसके बावजूद अभी तक नगर निगम कार्यालय में करीब 2.5 करोड़ रुपये गृहकर जमा हो पाया है। ऐसे में 31 मार्च तक निर्धारित लक्ष्य तक गृहकर वसूलना उनके लिए चुनौती है। नगर निगम क्षेत्र में कुल 1 लाख 50 हजार 492 प्रॉपर्टी हैं। यह प्रॉपर्टी 11 श्रेणियों में विभाजित कर रखी है। जिनके लिए सरकार की ओर से गृहकर दरें अलग-अलग निर्धारित कर रखी है। सबसे ्यादा 75484 रिहायशी प्रॉपर्टी हैं। निगम के क्षेत्र में 43,110 प्लॉट और 10,927 व्यवसायिक भवन हैं। 8,583 भवन ऐसे हैं जिनमें रिहायशी के साथ दुकानें भी हैं। गृहकर वसूलने के लिए नगर निगम आयुक्त मोनिका गुप्ता ने प्रॉपर्टी शाखा के अधिकारियों को आदेश जारी कर रखे हैं। 12 अक्तूबर को प्रॉपर्टी शाखा के अधिकारियों ने ऐसे 100 प्रॉपर्टी मालिकों को नोटिस जारी किए थे, जिन पर 10 लाख रुपये से ज्यादा का गृहकर बकाया है।
त्योहारी सीजन के बाद प्रॉपर्टी सील करने की चेतावनी
अधिकारियों का कहना है कि 3 लाख रुपये से अधिक के बकायेदारों को नोटिस भेजने शुरू कर दिए है। यदि एक सप्ताह में बकायेदारों ने गृहकर जमा नहीं कराया तो दोबारा नोटिस जारी किए जाएंगे। उसके बाद बकाया गृहकर जमा नहीं कराया तो उनकी इमारतें तक सील करने की कार्रवाई की जाएगी। एकमुश्त रकम जमा कराने वाले उपभोक्ताओं को 31 दिसंबर तक वर्ष 2010-11 से 2021-22 तक के ब्याज पर 100 फीसदी राहत मिलेगी।
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अनंत राज ग्रुप पर 19 करोड़ रुपये गृहकर बकाया
टाप 100 डिफाल्टर ऐसे हैं जिन पर 10 लाख से लेकर 19 करोड़ रुपये तक गृहकर बकाया है। राई औद्योगिक क्षेत्र में स्थित अकेला अनंत राज ग्रुप नगर निगम के 19 करोड़ रुपये दबाए बैठा है। गृहकर वसूली न होने का सीधा असर शहर के विकास पर पड़ रहा है। हाल में पार्षदों की ओर से प्रस्तावित कई काम इसलिए सिरे नहीं चढ़ पाए, क्योंकि निगम के पास बजट नहीं था। यदि डिफाल्टर प्रॉपर्टी मलिकों पर कड़ी कार्रवाई की जाए और उनसे गृहकर वसूल लिया जाए तो नगर निगम का खजाना भर सकता है।
3 लाख रुपये से ज्यादा का गृहकर जमा न कराने पर 300 संपत्ति मालिकों को नोटिस जारी कर दिए गए हैं। अगर एक सप्ताह में गृहकर जमा नहीं कराया तो दोबारा नोटिस जारी किया जाएगा। इसके बाद प्रॉपर्टी सील करने की कार्रवाई की जाएगी। राजेंद्र चुघ, क्षेत्रीय कर अधिकारी नगर निगम
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शहर के 400 डिफाल्टर नगर निगम के 125 करोड़ रुपये गृहकर पर कुंडली मारे बैठे हैं। नगर निगम की ओर से वित्त वर्ष 2022-23 में 25 करोड़ रुपये गृहकर के रूप में राजस्व जुटाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उसके बावजूद अभी तक नगर निगम कार्यालय में करीब 2.5 करोड़ रुपये गृहकर जमा हो पाया है। ऐसे में 31 मार्च तक निर्धारित लक्ष्य तक गृहकर वसूलना उनके लिए चुनौती है। नगर निगम क्षेत्र में कुल 1 लाख 50 हजार 492 प्रॉपर्टी हैं। यह प्रॉपर्टी 11 श्रेणियों में विभाजित कर रखी है। जिनके लिए सरकार की ओर से गृहकर दरें अलग-अलग निर्धारित कर रखी है। सबसे ्यादा 75484 रिहायशी प्रॉपर्टी हैं। निगम के क्षेत्र में 43,110 प्लॉट और 10,927 व्यवसायिक भवन हैं। 8,583 भवन ऐसे हैं जिनमें रिहायशी के साथ दुकानें भी हैं। गृहकर वसूलने के लिए नगर निगम आयुक्त मोनिका गुप्ता ने प्रॉपर्टी शाखा के अधिकारियों को आदेश जारी कर रखे हैं। 12 अक्तूबर को प्रॉपर्टी शाखा के अधिकारियों ने ऐसे 100 प्रॉपर्टी मालिकों को नोटिस जारी किए थे, जिन पर 10 लाख रुपये से ज्यादा का गृहकर बकाया है।
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त्योहारी सीजन के बाद प्रॉपर्टी सील करने की चेतावनी
अधिकारियों का कहना है कि 3 लाख रुपये से अधिक के बकायेदारों को नोटिस भेजने शुरू कर दिए है। यदि एक सप्ताह में बकायेदारों ने गृहकर जमा नहीं कराया तो दोबारा नोटिस जारी किए जाएंगे। उसके बाद बकाया गृहकर जमा नहीं कराया तो उनकी इमारतें तक सील करने की कार्रवाई की जाएगी। एकमुश्त रकम जमा कराने वाले उपभोक्ताओं को 31 दिसंबर तक वर्ष 2010-11 से 2021-22 तक के ब्याज पर 100 फीसदी राहत मिलेगी।
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अनंत राज ग्रुप पर 19 करोड़ रुपये गृहकर बकाया
टाप 100 डिफाल्टर ऐसे हैं जिन पर 10 लाख से लेकर 19 करोड़ रुपये तक गृहकर बकाया है। राई औद्योगिक क्षेत्र में स्थित अकेला अनंत राज ग्रुप नगर निगम के 19 करोड़ रुपये दबाए बैठा है। गृहकर वसूली न होने का सीधा असर शहर के विकास पर पड़ रहा है। हाल में पार्षदों की ओर से प्रस्तावित कई काम इसलिए सिरे नहीं चढ़ पाए, क्योंकि निगम के पास बजट नहीं था। यदि डिफाल्टर प्रॉपर्टी मलिकों पर कड़ी कार्रवाई की जाए और उनसे गृहकर वसूल लिया जाए तो नगर निगम का खजाना भर सकता है।
3 लाख रुपये से ज्यादा का गृहकर जमा न कराने पर 300 संपत्ति मालिकों को नोटिस जारी कर दिए गए हैं। अगर एक सप्ताह में गृहकर जमा नहीं कराया तो दोबारा नोटिस जारी किया जाएगा। इसके बाद प्रॉपर्टी सील करने की कार्रवाई की जाएगी। राजेंद्र चुघ, क्षेत्रीय कर अधिकारी नगर निगम