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Sonipat News: डीएपी के लिए धक्का-मुक्की... घंटों लाइन में लगने के बाद भी नहीं मिल रही खाद
Wed, 06 Nov 2024 02:33 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Wed, 06 Nov 2024 02:33 AM IST
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फोटो 01- सोनीपत के गांव बैंयापुर स्थित पैक्स में खाद लेने के लिए लाइन में लगे किसान। संवाद
- फोटो : Samvad
सोनीपत। सरकार का दावा है कि सभी किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध करवाई जा रही है, जबकि जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। जिले के गांव बैंयापुर स्थित पैक्स में मंगलवार सुबह डीएपी खाद लेने वालों की लंबी लाइन लग गई। खाद लेने के लिए धक्का-मुक्की लगी रही। डीएपी खाद के एक बैग के लिए महिलाओं व बुजुर्गों को भी घंटों लाइन में लगने को मजबूर होना पड़ा, जिससे किसानों में रोष बना रहा। किसानों ने चहेतों को पहले खाद उपलब्ध करवाने के आरोप लगाए।
जिले में धान की कटाई के साथ ही किसानाें ने गेहूं की बिजाई भी शुरू कर दी है। गेहूं की बेहतर पैदावार के लिए बिजाई के समय प्रति एकड़ एक बैग डीएपी खाद की जरूरत पड़ती है। जिले में कई स्थानों पर अभी भी डीएपी खाद की किल्लत बनी हुई है। मंगलवार सुबह गांव बैंयापुर स्थित पैक्स पर 200 बैग डीएपी खाद पहुंचने की सूचना मिलते ही गांव से करीब 400 किसान खाद लेने के लिए पहुंच गए। उन्हें एक आधार कार्ड पर एक ही बैग खाद दिया गया। इसके लिए भी उन्हें घंटों लाइन में लगना पड़ा। किसानों ने आरोप लगाया कि पैक्स के अधिकारी चहेतों को पहले खाद उपलब्ध करवा रहे हैं, यही कारण है कि घंटों लाइन में लगने के बाद भी खाद मिलने की उम्मीद कम ही नजर आ रही है।
34 में से 14 पैक्स पर नहीं पहुंची खाद
कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जिले में गेहूं बिजाई के सीजन के लिए करीब 14 हजार मीट्रिक टन डीएपी खाद की आवश्यकता है। अब तक 9400 मीट्रिक टन डीएपी खाद पहुंची है। यह खाद भी 34 में से महज 14 पैक्स पर ही पहुंची है, अन्य को अभी खाद पहुंचने का इंतजार है। अधिकारियों ने सभी पैक्स प्रबंधकों को जरूरत के हिसाब से मांग भेजने के निर्देश दिए हैं, ताकि समय पर खाद पहुंचाई जा सके।
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यह बोले किसान
मैं सुबह डीएपी खाद लेने के लिए बीमार पति के साथ आई थी, तीन घंटे से लाइन में लगी हूं। सरकार का कहना है कि खाद की कमी नहीं है, यहां एक बैग के लिए घंटों लाइन में लगना पड़ रहा है, ऐसे में खाद कहां जा रही है। ठेके पर खेत लिए हैं, लगता है कि बिना डीएपी खाद के ही गेहूं की बिजाई करनी पड़ेगी।
- सरोज, ग्रामीण
बिना नहाए-खाए सुबह डीएपी खाद लेने के लिए पैक्स पहुंचा था। कई घंटे से लाइन में लगा हुआ हूं।, अभी तक खाद नहीं मिली। एक आधार कार्ड पर एक बैग ही दे रहे हैं, वह भी समय पर नहीं मिल रहा। अधिकारी बाद में आने वाले अपने जानकारों को पहले खाद दे रहे हैं। ऐसे में घंटों लाइन में लगने के बाद भी खाद मिलना मुश्किल लग रहा है।
- रणजीत, किसान
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पैक्स में डीएपी खाद के अभी 200 बैग आए हैं और लेने के लिए 400 किसान पहुंचे हुए हैं। महिला व पुरुष की अलग-अलग लाइन बनवाकर एक-एक बैग दिया जा रहा है। छोटे किसानों को पहले खाद उपलब्ध करवाया जा रहा है। विभाग को दो हजार बैग की और मांग भेजी गई है, कल या परसों फिर रैक लगेगा। किसानों को डीएपी खाद की किल्लत नहीं होने दी जाएगी।
-दिलबाग, प्रबंधक, पैक्स, बैंयापुर
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जिले में धान की कटाई के साथ ही किसानाें ने गेहूं की बिजाई भी शुरू कर दी है। गेहूं की बेहतर पैदावार के लिए बिजाई के समय प्रति एकड़ एक बैग डीएपी खाद की जरूरत पड़ती है। जिले में कई स्थानों पर अभी भी डीएपी खाद की किल्लत बनी हुई है। मंगलवार सुबह गांव बैंयापुर स्थित पैक्स पर 200 बैग डीएपी खाद पहुंचने की सूचना मिलते ही गांव से करीब 400 किसान खाद लेने के लिए पहुंच गए। उन्हें एक आधार कार्ड पर एक ही बैग खाद दिया गया। इसके लिए भी उन्हें घंटों लाइन में लगना पड़ा। किसानों ने आरोप लगाया कि पैक्स के अधिकारी चहेतों को पहले खाद उपलब्ध करवा रहे हैं, यही कारण है कि घंटों लाइन में लगने के बाद भी खाद मिलने की उम्मीद कम ही नजर आ रही है।
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34 में से 14 पैक्स पर नहीं पहुंची खाद
कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जिले में गेहूं बिजाई के सीजन के लिए करीब 14 हजार मीट्रिक टन डीएपी खाद की आवश्यकता है। अब तक 9400 मीट्रिक टन डीएपी खाद पहुंची है। यह खाद भी 34 में से महज 14 पैक्स पर ही पहुंची है, अन्य को अभी खाद पहुंचने का इंतजार है। अधिकारियों ने सभी पैक्स प्रबंधकों को जरूरत के हिसाब से मांग भेजने के निर्देश दिए हैं, ताकि समय पर खाद पहुंचाई जा सके।
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यह बोले किसान
मैं सुबह डीएपी खाद लेने के लिए बीमार पति के साथ आई थी, तीन घंटे से लाइन में लगी हूं। सरकार का कहना है कि खाद की कमी नहीं है, यहां एक बैग के लिए घंटों लाइन में लगना पड़ रहा है, ऐसे में खाद कहां जा रही है। ठेके पर खेत लिए हैं, लगता है कि बिना डीएपी खाद के ही गेहूं की बिजाई करनी पड़ेगी।
- सरोज, ग्रामीण
बिना नहाए-खाए सुबह डीएपी खाद लेने के लिए पैक्स पहुंचा था। कई घंटे से लाइन में लगा हुआ हूं।, अभी तक खाद नहीं मिली। एक आधार कार्ड पर एक बैग ही दे रहे हैं, वह भी समय पर नहीं मिल रहा। अधिकारी बाद में आने वाले अपने जानकारों को पहले खाद दे रहे हैं। ऐसे में घंटों लाइन में लगने के बाद भी खाद मिलना मुश्किल लग रहा है।
- रणजीत, किसान
पैक्स में डीएपी खाद के अभी 200 बैग आए हैं और लेने के लिए 400 किसान पहुंचे हुए हैं। महिला व पुरुष की अलग-अलग लाइन बनवाकर एक-एक बैग दिया जा रहा है। छोटे किसानों को पहले खाद उपलब्ध करवाया जा रहा है। विभाग को दो हजार बैग की और मांग भेजी गई है, कल या परसों फिर रैक लगेगा। किसानों को डीएपी खाद की किल्लत नहीं होने दी जाएगी।
-दिलबाग, प्रबंधक, पैक्स, बैंयापुर

फोटो 01- सोनीपत के गांव बैंयापुर स्थित पैक्स में खाद लेने के लिए लाइन में लगे किसान। संवाद- फोटो : Samvad

फोटो 01- सोनीपत के गांव बैंयापुर स्थित पैक्स में खाद लेने के लिए लाइन में लगे किसान। संवाद- फोटो : Samvad