{"_id":"6765be95fcbc142b49092cd4","slug":"nia-raids-two-places-to-investigate-suspicious-transactions-and-gang-connections-sonipat-news-c-197-1-snp1001-129592-2024-12-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sonipat News: संदिग्ध लेनदेन व गैंग कनेक्शन तलाशने को एनआईए ने दो स्थानों पर डाले छापे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sonipat News: संदिग्ध लेनदेन व गैंग कनेक्शन तलाशने को एनआईए ने दो स्थानों पर डाले छापे
Sat, 21 Dec 2024 12:29 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Sat, 21 Dec 2024 12:29 AM IST
विज्ञापन
फोटो :29: सोनीपत के गांव भूर्री में पूर्व सरपंच के घर एनआईए के छापा डालने के दौरान बाहर तैनात प
गन्नौर। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की दो टीमों ने शुक्रवार सुबह एक साथ गांव भूर्री व शहजादपुर में छापे डालकर जांच की। लखनऊ से आई टीमों ने बेनामी संपत्ति, गैंग कनेक्शन तलाशने और संदिग्ध लेनदेन के मामलों को लेकर छापे डाले। गांव भूर्री में टीम ने पूर्व सरपंच प्रेम के पुत्र योगेश व बिंदुराम के घर छापा डाला तो गांव शहजादपुर में हिमांशु के घर छापा डालकर जांच की।
एनआईए की टीम ने शुक्रवार योगेश व उसके छोटे भाई बिंदुराम के घर पहुंची। दोनों गुरुग्राम में काम करते हैं और उनके पास बेनामी संपत्ति होने की सूचना थी। गांव शहजादपुर में एनआईए टीम हिमांशु के घर पहुंची। हिमांशु के पिता किराना दुकानदार हैं। दोनों घरों के दरवाजे बंद कर सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए थे। किसी को अंदर जाने वा बाहर आने पर रोक थी। एनआईए की टीमों ने दस्तावेज खंगालने के साथ ही परिवार के सदस्यों से पूछताछ की। करीब 4 घंटे की कार्रवाई के बाद टीमें दोनों घरों से कुछ दस्तावेज कब्जे में लेकर रवाना हो गई।
रंगदारी मांगने वाले गैंग से तार जुड़े होने का शक
एनआईए की कार्रवाई व्यापारियों से रंगदारी मांगने और अवैध तरीके से धन जमा करने वाले गैंग से जुड़ी होने की आशंका है। गैंग के सदस्य अपने करीबी लोगों के खातों में रकम ट्रांसफर करवाते हैं। हालांकि एनआईए टीम के अधिकारियों ने छापा डालने के कारणों से अवगत नहीं कराया।
विज्ञापन
परिजनों को नहीं कोई जानकारी
गांव भूर्री के पूर्व सरपंच प्रेम ने बताया कि छापा डालने के कारणों को लेकर उन्हें कोई जानकारी नहीं है। एनआईए की टीम ने भी उन्हें जानकारी नहीं दी। टीम ने जांच की और घर के दस्तावेज खंगाले, लेकिन घर से कुछ संदिग्ध नहीं मिला। हिमांशु के परिजनों ने भी इस संबंध में कुछ नहीं बताया।
एमए बीएड हैं दोनों भाई
परिवार के सदस्यों ने बताया कि दोनों भाई योगेश व बिंदुराम एमए बीएड हैं। वह सोनीपत के हिंदू कॉलेज में पढ़े हैं। वह छात्र संगठन से जुड़े रहे। इसके बाद वह मानेसर में नौकरी करने की बात कह कर करीब तीन साल पहले घर से चले गए। पिता प्रेम के अनुसार उनका बेटा योगेश डेढ़ साल से घर नहीं आया। बिंदुराम भी एक-दो बार घर आया वह भी एक दिन रुक कर अगले दिन निकल जाता था। बिंदुराम ने 3 साल पहले हरियाणा पुलिस में उप निरीक्षक की परीक्षा पास की थी, लेकिन साक्षात्कार में नहीं गया। केंद्रीय विद्यालय परीक्षा भी पास की, लेकिन नियुक्ति प्राप्त नहीं की। मानेसर में फैक्टरी में काम करने लगा और पीएचडी की तैयारी करने लगा। वह मजदूर संघ का प्रधान भी रहा और इसके बाद घर से दूरी बना ली। तीन साल में करीब एक-दो बार ही घर आया था।
नोएडा में रहा हिमांशु
शहजादपुर का हिमांशु हाल में यूपी के नोएडा में रह रहा है। उस पर शक है कि वह किसी संगठन का मानेसर से सदस्य है। हिमांशु गांव में कम आता है। बताया जा रहा है कि भूर्री में हिमांशु का दोस्त रहता है। छापा डालने के दौरान ग्रामीणों में उत्सुकता बनी रही। सुरक्षा कर्मचारियों ने किसी ने अंदर नहीं जाने दिया। हिमांशु के परिवार का किराना सामान का कारोबार है। हिमांशु पत्नी के साथ नोएडा में रह रहा है। बताया जा रहा है कि हिमांशु पहले सोनीपत शहर में मनी ट्रांसफर व होम लोन का काम करता था।
विज्ञापन
एनआईए की टीम ने शुक्रवार योगेश व उसके छोटे भाई बिंदुराम के घर पहुंची। दोनों गुरुग्राम में काम करते हैं और उनके पास बेनामी संपत्ति होने की सूचना थी। गांव शहजादपुर में एनआईए टीम हिमांशु के घर पहुंची। हिमांशु के पिता किराना दुकानदार हैं। दोनों घरों के दरवाजे बंद कर सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए थे। किसी को अंदर जाने वा बाहर आने पर रोक थी। एनआईए की टीमों ने दस्तावेज खंगालने के साथ ही परिवार के सदस्यों से पूछताछ की। करीब 4 घंटे की कार्रवाई के बाद टीमें दोनों घरों से कुछ दस्तावेज कब्जे में लेकर रवाना हो गई।
विज्ञापन
रंगदारी मांगने वाले गैंग से तार जुड़े होने का शक
एनआईए की कार्रवाई व्यापारियों से रंगदारी मांगने और अवैध तरीके से धन जमा करने वाले गैंग से जुड़ी होने की आशंका है। गैंग के सदस्य अपने करीबी लोगों के खातों में रकम ट्रांसफर करवाते हैं। हालांकि एनआईए टीम के अधिकारियों ने छापा डालने के कारणों से अवगत नहीं कराया।
विज्ञापन
परिजनों को नहीं कोई जानकारी
गांव भूर्री के पूर्व सरपंच प्रेम ने बताया कि छापा डालने के कारणों को लेकर उन्हें कोई जानकारी नहीं है। एनआईए की टीम ने भी उन्हें जानकारी नहीं दी। टीम ने जांच की और घर के दस्तावेज खंगाले, लेकिन घर से कुछ संदिग्ध नहीं मिला। हिमांशु के परिजनों ने भी इस संबंध में कुछ नहीं बताया।
एमए बीएड हैं दोनों भाई
परिवार के सदस्यों ने बताया कि दोनों भाई योगेश व बिंदुराम एमए बीएड हैं। वह सोनीपत के हिंदू कॉलेज में पढ़े हैं। वह छात्र संगठन से जुड़े रहे। इसके बाद वह मानेसर में नौकरी करने की बात कह कर करीब तीन साल पहले घर से चले गए। पिता प्रेम के अनुसार उनका बेटा योगेश डेढ़ साल से घर नहीं आया। बिंदुराम भी एक-दो बार घर आया वह भी एक दिन रुक कर अगले दिन निकल जाता था। बिंदुराम ने 3 साल पहले हरियाणा पुलिस में उप निरीक्षक की परीक्षा पास की थी, लेकिन साक्षात्कार में नहीं गया। केंद्रीय विद्यालय परीक्षा भी पास की, लेकिन नियुक्ति प्राप्त नहीं की। मानेसर में फैक्टरी में काम करने लगा और पीएचडी की तैयारी करने लगा। वह मजदूर संघ का प्रधान भी रहा और इसके बाद घर से दूरी बना ली। तीन साल में करीब एक-दो बार ही घर आया था।
नोएडा में रहा हिमांशु
शहजादपुर का हिमांशु हाल में यूपी के नोएडा में रह रहा है। उस पर शक है कि वह किसी संगठन का मानेसर से सदस्य है। हिमांशु गांव में कम आता है। बताया जा रहा है कि भूर्री में हिमांशु का दोस्त रहता है। छापा डालने के दौरान ग्रामीणों में उत्सुकता बनी रही। सुरक्षा कर्मचारियों ने किसी ने अंदर नहीं जाने दिया। हिमांशु के परिवार का किराना सामान का कारोबार है। हिमांशु पत्नी के साथ नोएडा में रह रहा है। बताया जा रहा है कि हिमांशु पहले सोनीपत शहर में मनी ट्रांसफर व होम लोन का काम करता था।