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एनएच-334बी : सरपट दौड़ रहे वाहन, जमीन अधिग्रहण के 10 करोड़ तीन माह की देरी से जारी
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सोनीपत। राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच)-334बी को चार माह पहले शुरू किया जा चुका है। उस पर वाहन भी फर्राटा भर रहे हैं, लेकिन हाईवे निर्माण के लिए अधिग्रहित जमीन के 10 करोड़ रुपये तीन माह की देरी से अब जारी हो सके हैं। अगले सप्ताह से पात्र किसानों को राजस्व विभाग की ओर से मुआवजा वितरण किया जाएगा। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से समय पर बजट जारी नहीं करने के कारण किसान राजस्व विभाग कार्यालय के चक्कर काट रहे थे। अब बजट जारी होने से किसानों को जमीन का पैैसा मिल सकेगा।
उत्तर प्रदेश व राष्ट्रीय राजमार्ग-44 से राजस्थान की ओर जाने वाले वाहन चालकों के लिए मार्च में एनएच-334बी खोल दिया गया था। इससे उत्तर प्रदेश, हरियाणा व राजस्थान में आवागमन करने वाले वाहन चालकों को काफी राहत मिली। जिले की सीमा में 1020 करोड़ रुपये खर्च कर हाईवे का निर्माण किया गया है। जिले में इस हाईवे का निर्माण वर्ष 2019 में शुरू किया गया था। उस समय एनएच के लिए अधिग्रहित जमीन का मुआवजा भी कई किसानों को दिया गया था, लेकिन काफी किसान इससे वंचित रह गए। किसानों के 10 करोड़ रुपये अटक गए थे। ऐसे में हाईवे शुरू होने के तीन माह बाद भी किसानों को 10 करोड़ रुपये मुआवजे के लिए विभिन्न गांवों के किसान कार्यालय के चक्कर काट रहे थे। अब 10 करोड़ रुपये का बजट जारी हो गया है। जिसे जल्द वितरित किया जाएगा। एनएच-334 बी के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से गढ़ मिरकपुर, खेवड़ा, पलड़ी, बहालगढ़, असावरपुर, राई, जगदीशपुर, भौवापुर, हरसाना कलां, रोहट, झरोठ, खरखौदा, रोहणा समेत कई अन्य गांवों के किसानों की जमीन का अधिग्रहण किया गया था। अधिकतर गांवों के किसानों को मुआवजा राशि पहले ही वितरित की जा चुकी है। इनमें कई किसान ऐसे हैं, जिनकी जमीन पर कोर्ट केस व अन्य मामले चल रहे थे। ऐसे मामलों का निपटारा होने के बाद अधिग्रहित जमीन के मुआवजे के लिए पात्र किसान राजस्व विभाग कार्यालय के चक्कर काट रहे थे।
इंसेट
अगले सप्ताह से शुरू होगा मुआवजा राशि का वितरण
राजस्व विभाग की ओर से अगले सप्ताह से मुआवजा राशि का वितरण किया जाएगा। इसके बाद पात्र किसानों को मुआवजा मिलने से राहत मिल सकेगी। विभाग की ओर से मुआवजा राशि के लिए 10 करोड़ के बजट मंगाने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को पहले ही पत्र लिख दिया गया था।
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वर्जन
राष्ट्रीय राजमार्ग-334बी के लिए अधिग्रहित जमीन के शेष 10 करोड़ रुपये का बजट जारी हो चुका है। अगले सप्ताह से पात्र किसानों को मुआवजा वितरित कर दिया जाएगा। अब किसानों को कार्यालय के चक्कर काटने की आवश्यकता नहीं होगी।-चंद्रमोहन बिश्नोई, जिला राजस्व अधिकारी
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उत्तर प्रदेश व राष्ट्रीय राजमार्ग-44 से राजस्थान की ओर जाने वाले वाहन चालकों के लिए मार्च में एनएच-334बी खोल दिया गया था। इससे उत्तर प्रदेश, हरियाणा व राजस्थान में आवागमन करने वाले वाहन चालकों को काफी राहत मिली। जिले की सीमा में 1020 करोड़ रुपये खर्च कर हाईवे का निर्माण किया गया है। जिले में इस हाईवे का निर्माण वर्ष 2019 में शुरू किया गया था। उस समय एनएच के लिए अधिग्रहित जमीन का मुआवजा भी कई किसानों को दिया गया था, लेकिन काफी किसान इससे वंचित रह गए। किसानों के 10 करोड़ रुपये अटक गए थे। ऐसे में हाईवे शुरू होने के तीन माह बाद भी किसानों को 10 करोड़ रुपये मुआवजे के लिए विभिन्न गांवों के किसान कार्यालय के चक्कर काट रहे थे। अब 10 करोड़ रुपये का बजट जारी हो गया है। जिसे जल्द वितरित किया जाएगा। एनएच-334 बी के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से गढ़ मिरकपुर, खेवड़ा, पलड़ी, बहालगढ़, असावरपुर, राई, जगदीशपुर, भौवापुर, हरसाना कलां, रोहट, झरोठ, खरखौदा, रोहणा समेत कई अन्य गांवों के किसानों की जमीन का अधिग्रहण किया गया था। अधिकतर गांवों के किसानों को मुआवजा राशि पहले ही वितरित की जा चुकी है। इनमें कई किसान ऐसे हैं, जिनकी जमीन पर कोर्ट केस व अन्य मामले चल रहे थे। ऐसे मामलों का निपटारा होने के बाद अधिग्रहित जमीन के मुआवजे के लिए पात्र किसान राजस्व विभाग कार्यालय के चक्कर काट रहे थे।
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अगले सप्ताह से शुरू होगा मुआवजा राशि का वितरण
राजस्व विभाग की ओर से अगले सप्ताह से मुआवजा राशि का वितरण किया जाएगा। इसके बाद पात्र किसानों को मुआवजा मिलने से राहत मिल सकेगी। विभाग की ओर से मुआवजा राशि के लिए 10 करोड़ के बजट मंगाने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को पहले ही पत्र लिख दिया गया था।
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राष्ट्रीय राजमार्ग-334बी के लिए अधिग्रहित जमीन के शेष 10 करोड़ रुपये का बजट जारी हो चुका है। अगले सप्ताह से पात्र किसानों को मुआवजा वितरित कर दिया जाएगा। अब किसानों को कार्यालय के चक्कर काटने की आवश्यकता नहीं होगी।-चंद्रमोहन बिश्नोई, जिला राजस्व अधिकारी