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पात्र मतदाताओं के पुराना रिकॉर्ड न होने पर भी नहीं कटेगा नाम : डीसी
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संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान मतदाता सूची में पुराने रिकॉर्ड से मिलान नहीं होने या किसी तरह की विसंगति मिलने पर जारी किए जा रहे नोटिस को लेकर मतदाताओं में नाम कटने की आशंका बनी हुई है।
जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीसी डॉ. वैशाली शर्मा ने स्पष्ट किया है कि केवल पुराने मतदाता रिकॉर्ड या संबंधित दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने के आधार पर किसी पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची से नहीं हटाया जा सकता।
डीसी ने बताया कि एसआईआर के दौरान प्रत्येक मतदाता की पात्रता का परीक्षण निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित नियमों और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर किया जाएगा। इसका उद्देश्य किसी पात्र मतदाता का नाम हटाना नहीं बल्कि मतदाता सूची को अधिक शुद्ध, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाना है।
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उन्होंने कहा कि हरियाणा में लंबे समय से रह रहे और वर्षों से मतदान कर रहे लोगों को पुराने रिकॉर्ड उपलब्ध न होने की स्थिति में अनावश्यक रूप से चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है।
जन्मतिथि के आधार पर देना होगा पात्रता का प्रमाण
डीसी के अनुसार, जिन मतदाताओं का पिछली गहन पुनरीक्षण की मतदाता सूची से मिलान नहीं हुआ है उन्हें पात्रता के प्रमाण के लिए निर्धारित दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। एक जुलाई 1987 से पहले भारत में जन्मे व्यक्ति को स्वयं से संबंधित दस्तावेज देना होगा। वहीं, एक जुलाई 1987 से 2 दिसंबर 2004 के बीच जन्मे व्यक्ति को अपने या माता-पिता में से किसी एक का दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा।
मतदाता सूची में अपना नाम अवश्य जांचें
जिला निर्वाचन अधिकारी ने सभी पात्र मतदाताओं से अपील की कि वे प्रारंभिक मतदाता सूची में अपना नाम अवश्य जांचें। यदि किसी पात्र व्यक्ति का नाम सूची में शामिल नहीं है तो वह फार्म-6 भरकर तथा मतदाता सूची में किसी प्रकार की त्रुटि होने पर फार्म-8 भरकर 30 सितंबर 2026 तक संबंधित निर्वाचक पंजीयन अधिकारी या बीएलओ के पास जमा करवा सकता है।
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जींद। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान मतदाता सूची में पुराने रिकॉर्ड से मिलान नहीं होने या किसी तरह की विसंगति मिलने पर जारी किए जा रहे नोटिस को लेकर मतदाताओं में नाम कटने की आशंका बनी हुई है।
जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीसी डॉ. वैशाली शर्मा ने स्पष्ट किया है कि केवल पुराने मतदाता रिकॉर्ड या संबंधित दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने के आधार पर किसी पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची से नहीं हटाया जा सकता।
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डीसी ने बताया कि एसआईआर के दौरान प्रत्येक मतदाता की पात्रता का परीक्षण निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित नियमों और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर किया जाएगा। इसका उद्देश्य किसी पात्र मतदाता का नाम हटाना नहीं बल्कि मतदाता सूची को अधिक शुद्ध, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाना है।
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उन्होंने कहा कि हरियाणा में लंबे समय से रह रहे और वर्षों से मतदान कर रहे लोगों को पुराने रिकॉर्ड उपलब्ध न होने की स्थिति में अनावश्यक रूप से चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है।
जन्मतिथि के आधार पर देना होगा पात्रता का प्रमाण
डीसी के अनुसार, जिन मतदाताओं का पिछली गहन पुनरीक्षण की मतदाता सूची से मिलान नहीं हुआ है उन्हें पात्रता के प्रमाण के लिए निर्धारित दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। एक जुलाई 1987 से पहले भारत में जन्मे व्यक्ति को स्वयं से संबंधित दस्तावेज देना होगा। वहीं, एक जुलाई 1987 से 2 दिसंबर 2004 के बीच जन्मे व्यक्ति को अपने या माता-पिता में से किसी एक का दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा।
मतदाता सूची में अपना नाम अवश्य जांचें
जिला निर्वाचन अधिकारी ने सभी पात्र मतदाताओं से अपील की कि वे प्रारंभिक मतदाता सूची में अपना नाम अवश्य जांचें। यदि किसी पात्र व्यक्ति का नाम सूची में शामिल नहीं है तो वह फार्म-6 भरकर तथा मतदाता सूची में किसी प्रकार की त्रुटि होने पर फार्म-8 भरकर 30 सितंबर 2026 तक संबंधित निर्वाचक पंजीयन अधिकारी या बीएलओ के पास जमा करवा सकता है।