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मुरल यूनिवर्ससिटी का बढ़ेगा दायरा, डिस्टेंस एजुकेशन से पढ़ाई कराई जाएगी
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दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी यूनिवर्सिटी मुरथल
- फोटो : Sonipat
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सोनीपत। दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मुरथल जल्द ही अपना दायरा बढ़ाएगा। विवि दूरस्थ शिक्षा (डिस्टेंस एजुकेशन) कोर्स शुरू करके पढ़ाई कराएगा। इससे सबसे ज्यादा उन विद्यार्थियों को फायदा मिलेगा जो नियमित विश्वविद्यालय नहीं जा सकते हैं और नौकरी करने के साथ ही अन्य काम में लगे हुए हैं। डिस्टेंस एजुकेशन कोर्स शुरू करने के लिए एसी की बैठक में मुहर लगाई गई है और इसके लिए डीन एकेडमिक प्रोफेसर राजकुमार सिंह की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन भी कर दिया गया है। यह कमेटी प्रदेश की उन यूनिवर्सिटी का दौरा करेगी, जिनमें इस समय डिस्टेंस एजुकेशन कोर्स चल रहा है और यह भी देखा जाएगा कि किन कोर्स की ज्यादा मांग है। यह पूरी प्रक्रिया करने के बाद नए शैक्षणिक सत्र से डिस्टेंस एजुकेशन कोर्स शुरू कर दिए जाएंगे, जिसका बड़ा फायदा विद्यार्थियों को मिलने वाला है।
प्रदेश की कई यूनिवर्सिटी एमडीयू, कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी, जीजेयू आदि में डिस्टेंस एजुकेशन कोर्स से पढ़ाई कराई जा रही है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि विद्यार्थियों को रेगुलर की तरह यूनिवर्सिटी में नहीं आना पड़ता है और वह पढ़ाई करते हुए नौकरी व अन्य कार्य भी कर सकते हैं। इस कारण ही डिस्टेंस एजुकेशन से पढ़ाई करने वाले विद्यार्थी काफी बढ़ते जा रहे हैं। इसको देखते हुए ही दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी यूनिवर्सिटी मुरथल ने अपने यहां डिस्टेंस एजुकेशन कोर्स शुरू करने का फैसला लिया है। यह मामला एसी (एकेडमिक काउंसिल) की मीटिंग में रखा गया था, जिसमें डिस्टेंस एजुकेशन कोर्स शुरू करने पर मुहर लगाते हुए एक कमेटी का गठन किया गया। उस कमेटी को डीन एकेडमिक प्रोफेसर राजकुमार की अध्यक्षता में बनाया गया है जो अब उन सभी यूनिवर्सिटी में जाएगी, जहां पहले से डिस्टेंस एजुकेशन से कोर्स कराए जा रहे हैं। वहां टीचिंग स्टाफ व विद्यार्थियों से यह भी बात की जाएगी कि डिस्टेंस एजुकेशन के किन कोर्स में उनकी ज्यादा रुचि है औरकिन कोर्स में ज्यादा एडमिशन आ रहे हैं। जिससे शुरूआत में उन कोर्स को शुरू किया जा सके, जिनमें पढ़ाई करने में विद्यार्थी ज्यादा रुचि दिखा रहे हैं।
यूजीसी से अनुमति लेनी होगी, रेगुलर की तरह होगा स्लेबस
डीन एकेडमिक प्रोफेसर राजकुमार के अनुसार डिस्टेंस एजुकेशन शुरू करने के लिए यूजीसी से अनुमति लेनी होगी। क्योंकि वह यूनिवर्सिटी ही खुद डिस्टेंस एजुकेशन के कोर्स शुरू करा सकती है, जिसे दो बार नैक से ग्रेडिंग मिल चुकी हो और उसको साढ़े तीन से ज्यादा प्वाइंट मिले हो। इसके अलावा अब यूजीसी ने यह नियम बना दिया है कि कोई कोर्स यूनिवर्सिटी में रेगुलर चल रहा है और वह कोर्स डिस्टेंस से भी शुरू किया गया है तो उसका व रेगुलर कोर्स का स्लेबस एक ही होगा। उनकी परीक्षा भी एक जैसे प्रश्र पत्र से होगी।
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यूनिवर्सिटी नए शैक्षणिक सत्र से डिस्टेंस एजुकेशन कोर्स शुरू करने वाली है। जिससे विद्यार्थियों को बड़ा फायदा होगा और वह यूनिवर्सिटी में आने की बाध्यता के बिना पढ़ाई कर सकेंगे। इसके लिए कमेटी बनाई गई है जो जल्द ही अपनी रिपोर्ट देगी कि किन कोर्स को पहले शुरू किया जाना चाहिए। उसके बाद कोर्स शुरू कर दिए जाएंगे। प्रो. राजकुमार सिंह, डीन एकेडमिक मुरथल यूनिवर्सिटी
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प्रदेश की कई यूनिवर्सिटी एमडीयू, कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी, जीजेयू आदि में डिस्टेंस एजुकेशन कोर्स से पढ़ाई कराई जा रही है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि विद्यार्थियों को रेगुलर की तरह यूनिवर्सिटी में नहीं आना पड़ता है और वह पढ़ाई करते हुए नौकरी व अन्य कार्य भी कर सकते हैं। इस कारण ही डिस्टेंस एजुकेशन से पढ़ाई करने वाले विद्यार्थी काफी बढ़ते जा रहे हैं। इसको देखते हुए ही दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी यूनिवर्सिटी मुरथल ने अपने यहां डिस्टेंस एजुकेशन कोर्स शुरू करने का फैसला लिया है। यह मामला एसी (एकेडमिक काउंसिल) की मीटिंग में रखा गया था, जिसमें डिस्टेंस एजुकेशन कोर्स शुरू करने पर मुहर लगाते हुए एक कमेटी का गठन किया गया। उस कमेटी को डीन एकेडमिक प्रोफेसर राजकुमार की अध्यक्षता में बनाया गया है जो अब उन सभी यूनिवर्सिटी में जाएगी, जहां पहले से डिस्टेंस एजुकेशन से कोर्स कराए जा रहे हैं। वहां टीचिंग स्टाफ व विद्यार्थियों से यह भी बात की जाएगी कि डिस्टेंस एजुकेशन के किन कोर्स में उनकी ज्यादा रुचि है औरकिन कोर्स में ज्यादा एडमिशन आ रहे हैं। जिससे शुरूआत में उन कोर्स को शुरू किया जा सके, जिनमें पढ़ाई करने में विद्यार्थी ज्यादा रुचि दिखा रहे हैं।
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यूजीसी से अनुमति लेनी होगी, रेगुलर की तरह होगा स्लेबस
डीन एकेडमिक प्रोफेसर राजकुमार के अनुसार डिस्टेंस एजुकेशन शुरू करने के लिए यूजीसी से अनुमति लेनी होगी। क्योंकि वह यूनिवर्सिटी ही खुद डिस्टेंस एजुकेशन के कोर्स शुरू करा सकती है, जिसे दो बार नैक से ग्रेडिंग मिल चुकी हो और उसको साढ़े तीन से ज्यादा प्वाइंट मिले हो। इसके अलावा अब यूजीसी ने यह नियम बना दिया है कि कोई कोर्स यूनिवर्सिटी में रेगुलर चल रहा है और वह कोर्स डिस्टेंस से भी शुरू किया गया है तो उसका व रेगुलर कोर्स का स्लेबस एक ही होगा। उनकी परीक्षा भी एक जैसे प्रश्र पत्र से होगी।
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यूनिवर्सिटी नए शैक्षणिक सत्र से डिस्टेंस एजुकेशन कोर्स शुरू करने वाली है। जिससे विद्यार्थियों को बड़ा फायदा होगा और वह यूनिवर्सिटी में आने की बाध्यता के बिना पढ़ाई कर सकेंगे। इसके लिए कमेटी बनाई गई है जो जल्द ही अपनी रिपोर्ट देगी कि किन कोर्स को पहले शुरू किया जाना चाहिए। उसके बाद कोर्स शुरू कर दिए जाएंगे। प्रो. राजकुमार सिंह, डीन एकेडमिक मुरथल यूनिवर्सिटी