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Sonipat News: मॉक एक्सरसाइज...जब नहर में डूबने वाले तीन लोगों को बचाया
Thu, 14 May 2026 09:42 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Thu, 14 May 2026 09:42 PM IST
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फोटो: गांव महलाना में मॉक एक्सरसाइज के दौरान नहर में डूबते लोगों को रेस्क्यू करती टीम। स्रोत: ड
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संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और हरियाणा राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के दिशा-निर्देशन में जिला प्रशासन ने गांव महलाना से गुजरने वाली नहर में वीरवार को बाढ़ आपदा पर मॉक एक्सरसाइज आयोजित की।
उपायुक्त एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की अध्यक्ष नेहा सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित इस अभ्यास का उद्देश्य बाढ़ जैसी आपदा की स्थिति में विभिन्न विभागों के बीच तालमेल स्थापित करना व राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियों का आकलन करना था।
मॉक एक्सरसाइज के दौरान बाढ़ की आपात स्थिति का वास्तविक परिदृश्य तैयार किया गया। अभ्यास के तहत लघु सचिवालय में बने कंट्रोल रूम में सूचना प्राप्त हुई कि गांव महलाना के पास से गुजरने वाली नहर में तीन व्यक्ति डूब गए हैं।
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सूचना मिलते ही जिला प्रशासन की टीम तुरंत सक्रिय हुई और एसडीआरएफ, पुलिस विभाग, स्वास्थ्य विभाग, सिंचाई विभाग, अग्निशमन विभाग व अन्य संबंधित विभागों की टीमें मौके पर पहुंचीं। एसडीआरएफ व जिला आपदा प्रबंधन के जवानों ने विशेष रेस्क्यू उपकरणों एवं मोटरबोट की सहायता से नहर में सर्च एवं रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। कड़ी मशक्कत के बाद तीनों व्यक्तियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
रेस्क्यू किए गए व्यक्तियों को तुरंत प्राथमिक उपचार देने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा मौके पर मेडिकल सहायता उपलब्ध करवाई गई। इसके बाद घायलों को एंबुलेंस के माध्यम से गांव महलाना में बनाए गए स्टेजिंग एरिया पहुंचाया गया। जहां से उन्हें सिविल अस्पताल में बनाए गए हैल्थ कंट्रोल सेंटर पहुंचाया गया। वहां स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मरीजों के उपचार एवं स्वास्थ्य सुविधाओं की निगरानी की।
उपायुक्त ने बताया कि हर वर्ष मानसून सीजन के दौरान बाढ़ की संभावनाओं को देखते हुए जिला प्रशासन ने पहले से तैयारियां सुनिश्चित की हैं। उन्होंने कहा कि आपदा के समय राहत एवं बचाव कार्यों में समय सबसे महत्वपूर्ण होता है, इसलिए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया अत्यंत आवश्यक है।
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सोनीपत। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और हरियाणा राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के दिशा-निर्देशन में जिला प्रशासन ने गांव महलाना से गुजरने वाली नहर में वीरवार को बाढ़ आपदा पर मॉक एक्सरसाइज आयोजित की।
उपायुक्त एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की अध्यक्ष नेहा सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित इस अभ्यास का उद्देश्य बाढ़ जैसी आपदा की स्थिति में विभिन्न विभागों के बीच तालमेल स्थापित करना व राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियों का आकलन करना था।
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मॉक एक्सरसाइज के दौरान बाढ़ की आपात स्थिति का वास्तविक परिदृश्य तैयार किया गया। अभ्यास के तहत लघु सचिवालय में बने कंट्रोल रूम में सूचना प्राप्त हुई कि गांव महलाना के पास से गुजरने वाली नहर में तीन व्यक्ति डूब गए हैं।
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सूचना मिलते ही जिला प्रशासन की टीम तुरंत सक्रिय हुई और एसडीआरएफ, पुलिस विभाग, स्वास्थ्य विभाग, सिंचाई विभाग, अग्निशमन विभाग व अन्य संबंधित विभागों की टीमें मौके पर पहुंचीं। एसडीआरएफ व जिला आपदा प्रबंधन के जवानों ने विशेष रेस्क्यू उपकरणों एवं मोटरबोट की सहायता से नहर में सर्च एवं रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। कड़ी मशक्कत के बाद तीनों व्यक्तियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
रेस्क्यू किए गए व्यक्तियों को तुरंत प्राथमिक उपचार देने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा मौके पर मेडिकल सहायता उपलब्ध करवाई गई। इसके बाद घायलों को एंबुलेंस के माध्यम से गांव महलाना में बनाए गए स्टेजिंग एरिया पहुंचाया गया। जहां से उन्हें सिविल अस्पताल में बनाए गए हैल्थ कंट्रोल सेंटर पहुंचाया गया। वहां स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मरीजों के उपचार एवं स्वास्थ्य सुविधाओं की निगरानी की।
उपायुक्त ने बताया कि हर वर्ष मानसून सीजन के दौरान बाढ़ की संभावनाओं को देखते हुए जिला प्रशासन ने पहले से तैयारियां सुनिश्चित की हैं। उन्होंने कहा कि आपदा के समय राहत एवं बचाव कार्यों में समय सबसे महत्वपूर्ण होता है, इसलिए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया अत्यंत आवश्यक है।