यमुना में छापा मारने खुद पहुंचे खनन मंत्री, चंदौली, ग्यासपुर व बड़ौली के ठेकेदारों से होगी वसूली
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यमुना में रेत खनन को लेकर खनन विभाग व प्रशासन ने ठेकेदारों संग मिलकर जिस तरह का खेल शुरू किया हुआ था, वह पूरा मामला खनन मंत्री मूलचंद शर्मा तक पहुंच गया है। यही कारण है कि खनन मंत्री शनिवार को खुद ही यमुना खादर में पहुंच गए और वहां यमुना के अंदर किए जा रहे रेत खनन को लेकर छानबीन की। खनन मंत्री को जब रेत खनन ठेकेदारों पर सरकार के बकाया 350 करोड़ रुपये से ज्यादा का पता चला तो वह भी इस पर चौंक गए।
मंत्री ने जिला खनन अधिकारी से अभी तक की कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है और चंदौली, ग्यासपुर व बड़ौली के रेत खनन ठेकेदारों से जल्द वसूली के आदेश दिए हैं। इसके लिए इनको नोटिस भेजा जाएगा और उसके बाद भी सरकार को रुपये जमा नहीं कराते हैं तो उनसे रिकवरी की कार्रवाई की जाएगी। इस तरह से खनन ठेकेदारों पर मंत्री ने कड़ा शिकंजा कस दिया है।
सरकार ने यमुना में खनन करने के लिए वर्ष 2015 में पट्टे आवंटित किए थे। जिसके लगभग एक साल बाद ही जेसीबी व पॉकलैन से खनन करने पर कोर्ट ने रोक लगा दी थी। जिससे कई जगह खनन बंद कर दिया गया और जेसीबी से खनन पर रोक लगाए जाने के बाद कई ठेकेदारों ने हर महीने की पट्टे की किस्त जमा करानी बंद कर दी थी। उस समय प्रशासन ने खनन ठेकेदारों पर शिकंजा कस दिया और खनन को बंद करा दिया। लेकिन उस समय खनन ठेकेदारों पर करोड़ों रुपये बकाया रह गया था और वह जमा नहीं करके खान को सरेंडर भी कर दिया गया था।
इसके अलावा ऐसे भी ठेकेदार थे, जिन्होंने किस्त 60 लाख होने के बावजूद केवल 10 लाख रुपये महीने सरकार के पास जमा करते रहे और उन पर भी करोड़ों रुपये बकाया है। इस कारण ही जिले के खनन ठेकेदारों पर सरकार का 350 करोड़ से ज्यादा रुपया बकाया है और वह सरकार का इतना रुपया दबाकर बैठे हुए हैं। जिनमें कई ने खनन बंद कर दिया है तो चंदौली, ग्यासपुर, बड़ौली के ठेकेदारों पर अफसर ज्यादा ही मेहरबान रहते हैं।
इनमें से किसी से रुपये जमा कराए बिना ही खुलेआम खनन कराया जा रहा है तो यह यमुना में अवैध रूप से खनन भी किया जा रहा है। इस तरह खनन विभाग के साथ ही प्रशासनिक अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं और इन ठेकेदारों को अभी तक नोटिस तक जारी नहीं किए गए थे।
अमर उजाला में ठेकेदारों के सरकार के 350 करोड़ रुपये दबाकर बैठने के साथ ही अवैध रेत खनन किए जाने के मामले को प्रकाशित किया गया तो खनन मंत्री मूलचंद शर्मा ने इसे गंभीरता से लिया। खनन मंत्री शनिवार को सोनीपत में विधायक मोहनलाल बड़ौली के यहां निजी कार्यक्रम में पहुंचे तो उसके बाद वह यमुना में खान पर छापा मारने पहुंच गए। जहां टिकौला व ग्यासपुर में पहुंचकर रेत खनन को लेकर छानबीन की।
खनन मंत्री मूलचंद शर्मा ने जिला खनन अधिकारी अशोक कुमार से सरकार के खाते में रुपये जमा नहीं कराने वाले ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई के बारे में जानकारी मांगी तो वह कोई जानकारी नहीं दे सके। जिस पर नाराजगी जताते हुए खनन मंत्री ने सोमवार तक कार्रवाई की पूरी रिपोर्ट भेजने के आदेश खनन अधिकारी को दिए हैं। इसके साथ ही चंदौली, ग्यासपुर व बड़ौली के खनन ठेकेदारों को नोटिस देकर वसूली के आदेश दिए गए हैं।
अफसरों ने दबाई हुई थी नोटिस की फाइलें
खनन विभाग में अभी तक बड़ा खेल चल रहा था और जिन ठेकेदारों को नोटिस दिया जाना था, उनको नोटिस देने के लिए फाइलें जरूर तैयार की गई थीं। लेकिन नोटिस देने से पहले ही फाइलों को दबा दिया गया था। जिनको नोटिस दिया जाना था, उनमें चंदौली की लेरोन कंसलटेंट कंपनी, ग्यासपुर की अल्टीमेट कंपनी तो बड़ौली की टेक्रो एक्सपोर्ट कंपनी भी शामिल थी। अब खनन मंत्री की सख्ती के बाद विभाग के अफसरों में खलबली मच गई है और सरकार का रुपया दबाकर बैठे ठेकेदारों पर कार्रवाई की तैयारी कर दी गई है।