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कोरोना संक्रमितों की मौत के कारण तलाशेगा मेडिकल कॉलेज प्रशासन
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गोहाना। बीपीएस राजकीय महिला मेडिकल कॉलेज कोरोना संक्रमितों की मौत के कारणों का पता लगाएगा। इसके लिए मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी मरीजों की मौत के कारणों का पता लगाने के लिए उनकी फाइलों की जांच करेगी। इसके बाद उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट सौंपेगी।
प्रदेश सरकार ने कोरोना की पहली लहर में ही गत वर्ष बीपीएस मेडिकल कॉलेज को विशेष कोविड अस्पताल घोषित कर दिया था। इसके बाद मेडिकल कॉलेज में अब तक विभिन्न जिलों के 4094 मरीजों को इलाज के लिए भर्ती किया गया है। इनमें से 3665 मरीजों को इलाज के बाद छुट्टी दी गई है। इसके अलावा अब तक यहां विभिन्न जिलों के 428 मरीजों की मौत हो चुकी है। इनमें 250 पुरुष और 178 महिलाएं शामिल हैं। उस समय मेडिकल कॉलेज में जिन मरीजों की मौत हुई, उन्हें कोरोना संक्रमण से मौत होना बताया गया। कोरोना प्रोटोकॉल के तहत ही उनके शवों का अंतिम संस्कार किया गया है। इसके बावजूद इन मरीजों की कोरोना के चलते किन कारणों से मौत हुई, अब मेडिकल कॉलेज प्रशासन इसका पता लगाएगा। प्रशासन की ओर से गठित की गई कमेटी मरीजों की फाइलों की जांच करेगी और उनमें लिखे मौत के कारणों को रिपोर्ट के जरिये प्रशासन के सामने पेश करेगी।
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फाइलों की जांच में इस तरह तय होगा मौत का कारण
कोरोना संक्रमितों की मौत की फाइलों को देखकर कमेटी तय करेगी कि आखिर मौत का कारण क्या है। उसमें देखा जाएगा कि संक्रमित की मौत सांस नहीं लेने पर दम घुटने, लीवर खराब, फेफड़े खराब, हार्ट में परेशानी होने या अन्य किस कारण से हुई है। उसके आधार पर ही पूरी रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
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वर्जन
कोरोना के दौरान जान गंवाने वाले मरीजों की मौत के कारणों का पता लगाने के लिए मुख्यालय से निर्देश मिले हैं। इसके तहत कमेटी गठित करके इस पर कार्य शुरू करवा दिया गया है। कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद उसे मुख्यालय भेजा जाएगा।
- डॉ. राजीव महेंद्रु, निदेशक, बीपीएस राजकीय मेडिकल कॉलेज।
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प्रदेश सरकार ने कोरोना की पहली लहर में ही गत वर्ष बीपीएस मेडिकल कॉलेज को विशेष कोविड अस्पताल घोषित कर दिया था। इसके बाद मेडिकल कॉलेज में अब तक विभिन्न जिलों के 4094 मरीजों को इलाज के लिए भर्ती किया गया है। इनमें से 3665 मरीजों को इलाज के बाद छुट्टी दी गई है। इसके अलावा अब तक यहां विभिन्न जिलों के 428 मरीजों की मौत हो चुकी है। इनमें 250 पुरुष और 178 महिलाएं शामिल हैं। उस समय मेडिकल कॉलेज में जिन मरीजों की मौत हुई, उन्हें कोरोना संक्रमण से मौत होना बताया गया। कोरोना प्रोटोकॉल के तहत ही उनके शवों का अंतिम संस्कार किया गया है। इसके बावजूद इन मरीजों की कोरोना के चलते किन कारणों से मौत हुई, अब मेडिकल कॉलेज प्रशासन इसका पता लगाएगा। प्रशासन की ओर से गठित की गई कमेटी मरीजों की फाइलों की जांच करेगी और उनमें लिखे मौत के कारणों को रिपोर्ट के जरिये प्रशासन के सामने पेश करेगी।
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फाइलों की जांच में इस तरह तय होगा मौत का कारण
कोरोना संक्रमितों की मौत की फाइलों को देखकर कमेटी तय करेगी कि आखिर मौत का कारण क्या है। उसमें देखा जाएगा कि संक्रमित की मौत सांस नहीं लेने पर दम घुटने, लीवर खराब, फेफड़े खराब, हार्ट में परेशानी होने या अन्य किस कारण से हुई है। उसके आधार पर ही पूरी रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
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कोरोना के दौरान जान गंवाने वाले मरीजों की मौत के कारणों का पता लगाने के लिए मुख्यालय से निर्देश मिले हैं। इसके तहत कमेटी गठित करके इस पर कार्य शुरू करवा दिया गया है। कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद उसे मुख्यालय भेजा जाएगा।
- डॉ. राजीव महेंद्रु, निदेशक, बीपीएस राजकीय मेडिकल कॉलेज।