{"_id":"6382478be4929b6605272823","slug":"mbbs-girl-students-pen-down-strike-for-2-hours-senior-doctors-took-over-opd-sonipat-news-rtk664636967","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sonipat News: एमबीबीएस की छात्राओं ने 2 घंटे तक की पेन डाउन हड़ताल, वरिष्ठ चिकित्सकों ने संभाली ओपीडी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sonipat News: एमबीबीएस की छात्राओं ने 2 घंटे तक की पेन डाउन हड़ताल, वरिष्ठ चिकित्सकों ने संभाली ओपीडी
विज्ञापन
बीपीएस महिला मेडिकल कॉलेज में औषधालय के बाहर लगी मरीजों की लाइन। संवाद
- फोटो : Sonipat
भगत फूल सिंह (बीपीएस) महिला मेडिकल कॉलेज में शनिवार को भी एमबीबीएस की छात्राओं ने सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक दो घंटे की पेन डाउन हड़ताल रखी। उनका रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन (आरडीए) ने पूर्ण समर्थन किया। जूनियर रेजिडेंट (जेआर) चिकित्सक ओपीडी से बाहर आकर एमबीबीएस की छात्राओं के साथ पेन डाउन हड़ताल में शामिल हुए। जेआर चिकित्सकों के हड़ताल पर जाने से वरिष्ठ चिकित्सकों ने ओपीडी की कमान संभाली।
एमबीबीएस की छात्राओं ने पेन डाउन हड़ताल के दौरान चिकित्सक कक्ष के बाहर खड़े होकर हाथों में बैनर लेकर मरीजों से समर्थन मांगा। शनिवार को ओपीडी 1600 के पार रही। साथ ही औषद्यालय के बाहर मरीजों की भीड़ लगी रही।
बॉन्ड पॉलिसी को वापस लेने की मांग को लेकर बीपीएस महिला मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की छात्राएं 4 नवंबर से धरने पर बैठी हैं। छात्राएं बॉन्ड पॉलिसी के खिलाफ लगातार विरोध कर रही हैं। छात्राओं के समर्थन में आरडीए व कई सामाजिक संस्था भी पहुंच चुकी हैं। बॉन्ड पॉलिसी के विरोध में छात्राओं ने शुक्रवार को हड़ताल के दौरान ओपीडी में मरीजों को चिकित्सकों के पास जाने से रोक दिया था। जिससे वरिष्ठ चिकित्सक भी ओपीडी नहीं कर पाए थे। शनिवार को व्यवस्था का जायजा लेने के लिए महिला मेडिकल कॉलेज के निदेशक ने भी दौरा किया। सभी वरिष्ठ चिकित्सक ओपीडी में ही मिले।
विज्ञापन
एमबीबीएस की छात्राओं व जेआर चिकित्सकों ने की नारेबाजी
पेन डाउन हड़ताल के दौरान एमबीबीएस की छात्राओं के साथ जेआर चिकित्सक भी पंजीकरण हॉल में एकत्रित हो गए। जहां छात्राओं व जेआर चिकित्सकों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने सरकार से मांग की कि बॉन्ड पॉलिसी को वापस लिया जाए, ताकि वह अपनी एमबीबीएस की पढ़ाई सुचारु रूप से पूरी कर सकें। इस दौरान आरडीए के सदस्य भी पहुंचे और धरने पर बैठी छात्राओं को प्रोत्साहित किया।
पेन डाउन हड़ताल के दौरान वरिष्ठ चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई गई थी। वरिष्ठ चिकित्सकों ने मरीजों का इलाज किया और ओपीडी को अन्य दिनों की भांति ही चलाया। पेन डाउन हड़ताल के दौरान व्यवस्था का जायजा भी लिया गया। ओपीडी सुचारु रूप से चल रही थी। -डॉ. राजीव महेंद्रु, निदेशक, महिला मेडिकल कॉलेज, खानपुर कलां
विज्ञापन
एमबीबीएस की छात्राओं ने पेन डाउन हड़ताल के दौरान चिकित्सक कक्ष के बाहर खड़े होकर हाथों में बैनर लेकर मरीजों से समर्थन मांगा। शनिवार को ओपीडी 1600 के पार रही। साथ ही औषद्यालय के बाहर मरीजों की भीड़ लगी रही।
विज्ञापन
बॉन्ड पॉलिसी को वापस लेने की मांग को लेकर बीपीएस महिला मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की छात्राएं 4 नवंबर से धरने पर बैठी हैं। छात्राएं बॉन्ड पॉलिसी के खिलाफ लगातार विरोध कर रही हैं। छात्राओं के समर्थन में आरडीए व कई सामाजिक संस्था भी पहुंच चुकी हैं। बॉन्ड पॉलिसी के विरोध में छात्राओं ने शुक्रवार को हड़ताल के दौरान ओपीडी में मरीजों को चिकित्सकों के पास जाने से रोक दिया था। जिससे वरिष्ठ चिकित्सक भी ओपीडी नहीं कर पाए थे। शनिवार को व्यवस्था का जायजा लेने के लिए महिला मेडिकल कॉलेज के निदेशक ने भी दौरा किया। सभी वरिष्ठ चिकित्सक ओपीडी में ही मिले।
विज्ञापन
एमबीबीएस की छात्राओं व जेआर चिकित्सकों ने की नारेबाजी
पेन डाउन हड़ताल के दौरान एमबीबीएस की छात्राओं के साथ जेआर चिकित्सक भी पंजीकरण हॉल में एकत्रित हो गए। जहां छात्राओं व जेआर चिकित्सकों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने सरकार से मांग की कि बॉन्ड पॉलिसी को वापस लिया जाए, ताकि वह अपनी एमबीबीएस की पढ़ाई सुचारु रूप से पूरी कर सकें। इस दौरान आरडीए के सदस्य भी पहुंचे और धरने पर बैठी छात्राओं को प्रोत्साहित किया।
पेन डाउन हड़ताल के दौरान वरिष्ठ चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई गई थी। वरिष्ठ चिकित्सकों ने मरीजों का इलाज किया और ओपीडी को अन्य दिनों की भांति ही चलाया। पेन डाउन हड़ताल के दौरान व्यवस्था का जायजा भी लिया गया। ओपीडी सुचारु रूप से चल रही थी। -डॉ. राजीव महेंद्रु, निदेशक, महिला मेडिकल कॉलेज, खानपुर कलां

बीपीएस महिला मेडिकल कॉलेज के पंजीकरण हॉल में सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करतीं छात्राएं व आरड?- फोटो : Sonipat