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UPSC Result: ताऊ IRS तो दादा थे रेवेन्यू अधिकारी, अब तीसरी पीढ़ी की मानसी ने अधिकारी बन परिवार का बढ़ाया मान

Wed, 24 May 2023 02:22 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा) Updated Wed, 24 May 2023 02:22 AM IST
सार

मानसी दहिया ने दूसरे प्रयास में यूपीएससी में 178वीं रैंक पाई है। मानसी ने बताया कि वह जब सातवीं कक्षा में पढ़ती थी, तब स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में एक अधिकारी आए थे। उन्होंने अपने भाषण में एक अधिकारी की शक्तियों के बारे में बताया था। तभी सोच लिया था कि बड़ी होकर मैं भी अधिकारी बनूंगी।

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Mansi of the third generation increased the prestige of the family by becoming an officer.
यूपीएससी की परीक्षा में सफलता प्राप्त करने वाली लाडली मानसी को बधाई देते परिजन। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

हरियाणा के सोनीपत के खरखौदा के गांव सेहरी फिलहाल सेक्टर-23 निवासी मानसी दहिया ने यूपीएससी में अपने दूसरे ही प्रयास में 178वीं रैंक प्राप्त की है। बेटी की सफलता पर पूरे परिवार में खुशी का माहौल है। बधाई देने वालों का दिनभर तांता लगा रहा। मानसी ने बताया परिजनों से मिले प्रोत्साहन और आगे बढ़ने की प्रेरणा से ही सफलता मिली है।
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मूलरूप से गांव सेहरी निवासी मानसी दहिया का परिवार काफी समय से सेक्टर-23 में रहता है। मानसी ने बताया कि उनके दादा अमर सिंह के भाई भीम सिंह दहिया रेवेन्यू कमिश्नर रहे हैं। वहीं उसके ताऊ एलकेएस दहिया भी आईआरएस रह चुके हैं। अब तीसरी पीढ़ी में मानसी दहिया ने भी अधिकारी बनकर परिवार का मान बढ़ाया है।
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फोटो 26- मानसी।
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मानसी के पिता कर्मबीर सिंह दहिया गुरुग्राम की कंपनी में बतौर ड्राफ्ट्समैन काम करते हैं। जबकि माता राधा देवी दिल्ली में एसएसए में नौकरी करती हैं। मानसी ने बताया कि उनकी सफलता में मां राधा देवी का सबसे बड़ा योगदान रहा। वहीं बुआ रश्मि ने भी हर कदम पर आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।


रातभर पढ़ाई करती थी बेटी, चाय बनाकर पिलाते थे पिता
मानसी के पिता कर्मबीर सिंह दहिया बताते हैं कि मानसी रातभर पढ़ाई करती थी। वह देखते थे कि मानसी देर रात तक पढ़ रही है और सुबह 4 बजे उठकर फिर से पढ़ने शुरू कर देती है तो वह चाय बनाकर पिलाते थे। कर्मबीर सिंह कहते हैं बेटी ने सीना गर्व से चौड़ा कर दिया है। बेटी ने पूरे परिवार का नाम रोशन कर दिया है।

सातवीं कक्षा में बना लिया था लक्ष्य
मानसी ने बताया कि वह जब सातवीं कक्षा में पढ़ती थी, तब स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में एक अधिकारी आए थे। उन्होंने अपने भाषण में एक अधिकारी की शक्तियों के बारे में बताया था। तभी सोच लिया था कि बड़ी होकर मैं भी अधिकारी बनूंगी। इसी कोशिश में उसने 2021 में पहली बार यूपीएससी की परीक्षा दी। बात नहीं बनी तो और बेहतर तरीके से तैयारी की। पहली बार में जो कमियां रह गई थीं, उन्हें दूर किया और कड़ी मेहनत की। पिछले साल के पेपर सॉल्व किए और दूसरे ही प्रयास में परीक्षा पास कर अधिकारी बनने का सपना पूरा किया। मानसी बताती हैं कि सफलता पाने के लिए सोशल मीडिया से दूरी रखनी बेहद जरूरी है। पूरा फोकस पढ़ाई पर रखा। भाई अंकित दहिया, भाभी आंचल रानी दहिया ने बताया कि मानसी अपनी पढ़ाई को लेकर पूरी तरह गंभीर थी, जिस कारण आज इस मुकाम को छू पाई है।
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