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श्रीमद्भागवत कथा श्रवण से दूर हो जाते हैं मनुष्य के पाप : डॉ. शास्त्री
Tue, 19 Nov 2024 03:19 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Tue, 19 Nov 2024 03:19 AM IST
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सोनीपत। सेक्टर-14 स्थित महाराजा अग्रसेन भवन में श्रीराम ज्योतिषपीठ व दी महाराजा अग्रसेन समाज कल्याण समिति की ओर से श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान महायज्ञ का दूसरा दिन रहा। वृंदावन धाम से कथावाचक डॉ. मनोज मोहन शास्त्री ने राजा परीक्षित व शुकदेव की कथा के प्रसंग का वर्णन किया। इससे पहले कथावाचक ने श्रद्धालुओं के साथ भागवत पूजन कर कथा की शुरुआत की।
कथावाचक डॉ. मनोज मोहन शास्त्री ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण मात्र से मनुष्य के पाप दूर होते हैं। श्रीमद्भागवत महापुराण मनुष्य के मन में व्याप्त अज्ञान रूपी अंधकार दूर कर ज्ञान का प्रकाश करती है। पांडवों के जीवन में होने वाली श्रीकृष्ण की कृपा को सुंदर ढंग से दर्शाया गया है। राजा परीक्षित कलियुग के प्रभाव के कारण ऋषि से शापित हो गए थे। उसी के पश्चाताप में वह शुकदेव के पास पहुंचे। उन्होंने कहा कि भक्ति ही एक ऐसा उत्तम उपाय है, जो जीवन में परेशानियों का समाधान बताती है। मनुष्य से गलती हो जाना बड़ी बात नहीं, लेकिन उसका सुधार व प्रायश्चित जरूरी है। ऐसा नहीं करने पर गलती पाप की श्रेणी में आ जाती है। कथा में प्रधान ओमप्रकाश गर्ग, उप प्रधान मेहताब खत्री, सचिव आरके कुच्छल, सह सचिव मनीष गर्ग, कोषाध्यक्ष अखिल कुच्छल, इंद्रप्रकाश गुप्ता, संजय सिंगला, पवन अग्रवाल, ओडी गर्ग, विकास मंगला, रवि मित्तल, अरविंद मित्तल व अशोक गर्ग मौजूद रहे।
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कथावाचक डॉ. मनोज मोहन शास्त्री ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण मात्र से मनुष्य के पाप दूर होते हैं। श्रीमद्भागवत महापुराण मनुष्य के मन में व्याप्त अज्ञान रूपी अंधकार दूर कर ज्ञान का प्रकाश करती है। पांडवों के जीवन में होने वाली श्रीकृष्ण की कृपा को सुंदर ढंग से दर्शाया गया है। राजा परीक्षित कलियुग के प्रभाव के कारण ऋषि से शापित हो गए थे। उसी के पश्चाताप में वह शुकदेव के पास पहुंचे। उन्होंने कहा कि भक्ति ही एक ऐसा उत्तम उपाय है, जो जीवन में परेशानियों का समाधान बताती है। मनुष्य से गलती हो जाना बड़ी बात नहीं, लेकिन उसका सुधार व प्रायश्चित जरूरी है। ऐसा नहीं करने पर गलती पाप की श्रेणी में आ जाती है। कथा में प्रधान ओमप्रकाश गर्ग, उप प्रधान मेहताब खत्री, सचिव आरके कुच्छल, सह सचिव मनीष गर्ग, कोषाध्यक्ष अखिल कुच्छल, इंद्रप्रकाश गुप्ता, संजय सिंगला, पवन अग्रवाल, ओडी गर्ग, विकास मंगला, रवि मित्तल, अरविंद मित्तल व अशोक गर्ग मौजूद रहे।
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