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बर्खास्त इंस्पेक्टर समेत चार आरोपियों की संपत्ति अटैच कराने की प्रक्रिया हुई शुरू, कई कागजात कराए कोर्ट में जमा
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सोनीपत। शराब तस्करी, चोरी व भ्रष्टाचार के मामले में एसआईटी ने बर्खास्त इंस्पेक्टर जसबीर समेत चार आरोपियों की संपत्ति अटैच कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए एसआईटी ने मंगलवार को न्यायालय में कई जरूरी कागजात जमा कराए हैं। न्यायालय ने संपत्ति का आंकलन कराने के लिए टीम गठित करने की अनुमति पुलिस को दे दी है। इसके लिए तहसीलदार, सरपंच और एसडीएम से संपत्ति का रिकार्ड मांगा जाएगा। संपत्ति का आंकलन होने के साथ ही अधिकारी इसे अटैच करने की प्रक्रिया शुरू कर देंगे।
शराब तस्करी के आरोपी भूपेंद्र के सरेंडर करने के बाद उसके कई साथी अभी तक पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। अधिकारियों के धरपकड़ अभियान के बाद भी आरोपी पकड़ में नहीं आ रहे हैं। पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती अपने ही विभाग से बर्खास्त इंस्पेक्टर जसबीर को गिरफ्तार करना बन रही है। जसबीर के साथ ही भूपेंद्र का भाई जितेंद्र भी फरार है। पुलिस को मामले में आरोपी सतीश झरोठ और संजय की भी तलाश है। आईजी इनकी गिरफ्तारी को प्राथमिकता सूची भी जारी कर चुके हैं। अब इनकी संपत्ति अटैच करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। एसआईटी अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की शराब तस्करी, चोरी व भ्रष्टाचार से अर्जित की गई संपत्ति को अटैच किया जाएगा। आरोपी सरेंडर कर देते हैं या उनकी गिरफ्तारी हो जाती है तो भी संपत्ति को अटैच किया जाएगा। आरोपियों की संपत्ति के आंकलन के लिए टीम का गठन किया जा रहा है। यह टीम जल्द ही संपत्ति का आंकलन कर और चिन्हित कर अपनी रिपोर्ट देगी। संपत्ति अटैच कराने के साथ ही इन पर ईनाम की तैयारी शुरू कर दी है। जसबीर सहित अन्य आरोपियों को न्यायालय से भगौड़ा घोषित होने के साथ ही अब ईनाम घोषित कराने की तैयारी कर ली गई है। इसे पहले एसपी के पास भेजा जाएगा और बाद में आईजी कार्यालय में भेजा जाएगा। इनाम घोषित कराने के बाद इसका अलर्ट अन्य राज्यों की पुलिस को भेजा जाएगा। उसके बाद किसी भी राज्य की पुलिस उनको गिरफ्तार कर सकेगी।
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आरोपियों की संपत्ति अटैच कराने को कोर्ट में कई कागजात दिए गए हैं। इसके लिए प्रक्रिया शुरू हो गई है। संपत्ति का मूल्यांकन करने को टीम गठित की जा रही हैं। पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए भी लगातार प्रयासरत है।
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-नरेंद्रपाल सिंह, इंस्पेक्टर एसआईटी व सीआईए गोहाना।
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शराब तस्करी के आरोपी भूपेंद्र के सरेंडर करने के बाद उसके कई साथी अभी तक पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। अधिकारियों के धरपकड़ अभियान के बाद भी आरोपी पकड़ में नहीं आ रहे हैं। पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती अपने ही विभाग से बर्खास्त इंस्पेक्टर जसबीर को गिरफ्तार करना बन रही है। जसबीर के साथ ही भूपेंद्र का भाई जितेंद्र भी फरार है। पुलिस को मामले में आरोपी सतीश झरोठ और संजय की भी तलाश है। आईजी इनकी गिरफ्तारी को प्राथमिकता सूची भी जारी कर चुके हैं। अब इनकी संपत्ति अटैच करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। एसआईटी अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की शराब तस्करी, चोरी व भ्रष्टाचार से अर्जित की गई संपत्ति को अटैच किया जाएगा। आरोपी सरेंडर कर देते हैं या उनकी गिरफ्तारी हो जाती है तो भी संपत्ति को अटैच किया जाएगा। आरोपियों की संपत्ति के आंकलन के लिए टीम का गठन किया जा रहा है। यह टीम जल्द ही संपत्ति का आंकलन कर और चिन्हित कर अपनी रिपोर्ट देगी। संपत्ति अटैच कराने के साथ ही इन पर ईनाम की तैयारी शुरू कर दी है। जसबीर सहित अन्य आरोपियों को न्यायालय से भगौड़ा घोषित होने के साथ ही अब ईनाम घोषित कराने की तैयारी कर ली गई है। इसे पहले एसपी के पास भेजा जाएगा और बाद में आईजी कार्यालय में भेजा जाएगा। इनाम घोषित कराने के बाद इसका अलर्ट अन्य राज्यों की पुलिस को भेजा जाएगा। उसके बाद किसी भी राज्य की पुलिस उनको गिरफ्तार कर सकेगी।
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आरोपियों की संपत्ति अटैच कराने को कोर्ट में कई कागजात दिए गए हैं। इसके लिए प्रक्रिया शुरू हो गई है। संपत्ति का मूल्यांकन करने को टीम गठित की जा रही हैं। पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए भी लगातार प्रयासरत है।
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-नरेंद्रपाल सिंह, इंस्पेक्टर एसआईटी व सीआईए गोहाना।