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फूफा के हत्यारे को उम्रकैद
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सोनीपत। जिला एवं सत्र न्यायाधीश वाईएस राठौर की अदालत ने रुपये देने से मना करने पर हुई कहासुनी में अपने फूफा की तेजधार हथियार से हमलाकर हत्या करने के आरोपी को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी को उम्रकैद व 10000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर तीन माह अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।
गांव बुटाना के प्रदीप कुमार ने 3 जुलाई, 2019 को पुलिस को बताया था कि उसके पिता रोहताश (59) ने गंगाना-बुटाना मार्ग पर ग्रामीण राजेश की एक एकड़ जमीन पांच साल के लिए पट्टे पर ले रखी थी। उसने दो साल पहले जमीन को पट्टे पर लेकर फलों के पौधों का बाग लगाया था। प्रदीप कुमार ने बताया था कि पांच दिन पहले उसके मामा का लडक़ा गांव जुआं निवासी राकेश उनके घर आकर रहने लगा था। राकेश बुटाना में ही मजदूरी करने लगा था। 2 जुलाई, 2019 को उसका पिता रोहताश शाम के समय राकेश को मजदूरी के पैसे दिलवा कर लाया था। उसके बाद दोनों बाग में चले गए थे। प्रदीप ने बताया था कि वहां पर उसकी मां बिमला भी थी। इस दौरान राकेश ने अपनी बुआ व फूफा से रुपये देने की मांग की थी। दोनों ने उसे रुपये नहीं होने की बात कही थी। कुछ देर बाद बिमला घर आ गई थी। प्रदीप ने बताया था कि बाद में जब वह खेत में पहुंचा तो उसने देखा था कि राकेश हाथ में गंडासी लेकर खेत में बने कमरे से बाहर आया था। उसने कमरे में जाकर देखा था तो उसका पिता रोहताश खून से लथपथ पड़ा था। उसकी गर्दन पर गंडासी से वार कर उसकी बेरहमी से हत्या की गई थी। उसने मामले से परिजनों को अवगत कराया था। जिस पर परिजन खेत में पहुंचे थे और पुलिस को बुलाया था। पुलिस ने रोहताश के बेटे प्रदीप के बयान पर राकेश के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया था। मामले में कार्रवाई करते हुए तत्कालीन बुटाना चौकी प्रभारी सतीश कुमार की टीम ने 6 जुलाई, 2019 को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त गंडासी को बरामद कर लिया था।
मामले की सुनवाई करते हुए सेशन जज वाईएस राठौर की अदालत ने आरोपी राकेश को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी को उम्रकैद व 10000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना नहीं देने पर तीन माह अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।
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जिसे सहारा दिया था उसने ही कर दी थी हत्या
परिजनों ने बताया था कि रोहताश ने घटना से महज पांच दिन पहले अपने घर से आए राकेश को सहारा दिया था। उसने उसे मजदूरी का काम भी दिलवाया था। उसके बावजूद राकेश ने अपने फूफा की ही हत्या कर दी थी।
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गांव बुटाना के प्रदीप कुमार ने 3 जुलाई, 2019 को पुलिस को बताया था कि उसके पिता रोहताश (59) ने गंगाना-बुटाना मार्ग पर ग्रामीण राजेश की एक एकड़ जमीन पांच साल के लिए पट्टे पर ले रखी थी। उसने दो साल पहले जमीन को पट्टे पर लेकर फलों के पौधों का बाग लगाया था। प्रदीप कुमार ने बताया था कि पांच दिन पहले उसके मामा का लडक़ा गांव जुआं निवासी राकेश उनके घर आकर रहने लगा था। राकेश बुटाना में ही मजदूरी करने लगा था। 2 जुलाई, 2019 को उसका पिता रोहताश शाम के समय राकेश को मजदूरी के पैसे दिलवा कर लाया था। उसके बाद दोनों बाग में चले गए थे। प्रदीप ने बताया था कि वहां पर उसकी मां बिमला भी थी। इस दौरान राकेश ने अपनी बुआ व फूफा से रुपये देने की मांग की थी। दोनों ने उसे रुपये नहीं होने की बात कही थी। कुछ देर बाद बिमला घर आ गई थी। प्रदीप ने बताया था कि बाद में जब वह खेत में पहुंचा तो उसने देखा था कि राकेश हाथ में गंडासी लेकर खेत में बने कमरे से बाहर आया था। उसने कमरे में जाकर देखा था तो उसका पिता रोहताश खून से लथपथ पड़ा था। उसकी गर्दन पर गंडासी से वार कर उसकी बेरहमी से हत्या की गई थी। उसने मामले से परिजनों को अवगत कराया था। जिस पर परिजन खेत में पहुंचे थे और पुलिस को बुलाया था। पुलिस ने रोहताश के बेटे प्रदीप के बयान पर राकेश के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया था। मामले में कार्रवाई करते हुए तत्कालीन बुटाना चौकी प्रभारी सतीश कुमार की टीम ने 6 जुलाई, 2019 को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त गंडासी को बरामद कर लिया था।
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मामले की सुनवाई करते हुए सेशन जज वाईएस राठौर की अदालत ने आरोपी राकेश को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी को उम्रकैद व 10000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना नहीं देने पर तीन माह अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।
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जिसे सहारा दिया था उसने ही कर दी थी हत्या
परिजनों ने बताया था कि रोहताश ने घटना से महज पांच दिन पहले अपने घर से आए राकेश को सहारा दिया था। उसने उसे मजदूरी का काम भी दिलवाया था। उसके बावजूद राकेश ने अपने फूफा की ही हत्या कर दी थी।