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अपहरण के बाद दूधिया की हत्या करने के तीन दोषियों को उम्रकैद
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सोनीपत। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश देविंद्र सिंह की अदालत ने गन्नौर में दूधिया की गला दबाकर हत्या करने और उसके शव को नहर में फेंककर खुर्द-बुर्द करने के मामले में सुनवाई करते हुए तीन आरोपियों को दोषी करार दिया है। अदालत ने तीनों दोषियों को उम्रकैद व 65-65 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
गांव गुमड़ निवासी अंकित 10 जुलाई, 2017 को गांव से गन्नौर शहर में दूध देने के लिए गया था। उस दौरान अंकित का अपहरण कर लिया गया था। जब अंकित घर नहीं लौटा था तो उसके पिता दलबीर ने उसके मोबाइल पर संपर्क किया था। उस दौरान फोन किसी अन्य ने उठाया था और अंकित का अपहरण किए जाने की बात कहते हुए उसे छोड़ने की एवज में 15 लाख रुपये फिरौती की मांगी थी। जिस पर दलबीर ने मामले से पुलिस को अवगत कराया था। पुलिस ने 11 जुलाई, 2017 को अपहरण का मुकदमा दर्ज कर लिया था। मामले के पुलिस ने 29 अक्तूबर, 2017 को तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। जिनमें गांव गुमड़ का दिनेश, मनीष व प्रवीन शामिल थे।
आरोपियों ने पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में बताया था कि उन्होंने अपने गांव के अंकित को अपने साथ बैठा लिया था। वह उसे कैलाना के निकट पश्चिमी यमुना लिंक नहर के पास ले गए थे। उसे शराब में मिलाकर नींद की गोलियां पिलाई थी। अंकित के बेहोश होने के बाद उसका गला दबाकर हत्या कर दी और उसके हाथ पैर बांधकर नहर में फेंक दिया था।
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सरकारी अधिवक्ता मुकेश कुमार ने बताया कि मामले में दिनेश, मनीष व प्रवीन को भादंसं की धारा 302 में उम्रकैद व 50 हजार रुपये जुर्माना, धारा 364ए में भी उम्रकैद व 5 हजार रुपये जुर्माना, धारा 365 में तीन साल कैद व 5 हजार रुपये जुर्माना और धारा 201 में सात साल कैद 5 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। सभी सजा एक साथ चलेंगी। जुर्माना न देने पर पौने साल अतिरिक्त कैद कर सजा भुगतनी होगी।
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गांव गुमड़ निवासी अंकित 10 जुलाई, 2017 को गांव से गन्नौर शहर में दूध देने के लिए गया था। उस दौरान अंकित का अपहरण कर लिया गया था। जब अंकित घर नहीं लौटा था तो उसके पिता दलबीर ने उसके मोबाइल पर संपर्क किया था। उस दौरान फोन किसी अन्य ने उठाया था और अंकित का अपहरण किए जाने की बात कहते हुए उसे छोड़ने की एवज में 15 लाख रुपये फिरौती की मांगी थी। जिस पर दलबीर ने मामले से पुलिस को अवगत कराया था। पुलिस ने 11 जुलाई, 2017 को अपहरण का मुकदमा दर्ज कर लिया था। मामले के पुलिस ने 29 अक्तूबर, 2017 को तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। जिनमें गांव गुमड़ का दिनेश, मनीष व प्रवीन शामिल थे।
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आरोपियों ने पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में बताया था कि उन्होंने अपने गांव के अंकित को अपने साथ बैठा लिया था। वह उसे कैलाना के निकट पश्चिमी यमुना लिंक नहर के पास ले गए थे। उसे शराब में मिलाकर नींद की गोलियां पिलाई थी। अंकित के बेहोश होने के बाद उसका गला दबाकर हत्या कर दी और उसके हाथ पैर बांधकर नहर में फेंक दिया था।
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सरकारी अधिवक्ता मुकेश कुमार ने बताया कि मामले में दिनेश, मनीष व प्रवीन को भादंसं की धारा 302 में उम्रकैद व 50 हजार रुपये जुर्माना, धारा 364ए में भी उम्रकैद व 5 हजार रुपये जुर्माना, धारा 365 में तीन साल कैद व 5 हजार रुपये जुर्माना और धारा 201 में सात साल कैद 5 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। सभी सजा एक साथ चलेंगी। जुर्माना न देने पर पौने साल अतिरिक्त कैद कर सजा भुगतनी होगी।