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Sonipat News: जिला कारागार में हुई बदमाश की हत्या के 14 दोषियों को उम्रकैद
Thu, 08 Jan 2026 01:19 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Thu, 08 Jan 2026 01:19 AM IST
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सोनीपत। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सरताज बसवाना की कोर्ट ने जिला कारागार में हुए नामी बदमाश जगबीर हत्याकांड में 14 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। गैंगवार में बंदियों ने जगबीर का सिर चक्की में मारने के साथ ही चम्मच को नुकीला बनाकर उसके सीने को गोद दिया था। हमले के दौरान तत्कालीन हेड वार्डर व निगरानी सुरक्षा वार्डर भी घायल हुए थे।
जेल उप अधीक्षक अंकित मलिक ने 21 फरवरी, 2021 को सिटी थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी सुबह साढ़े आठ बजे बैरक बी व डी तथा बैरक नंबर-8 के बंदियों को खाना दिया जा रहा था।
बैरक नंबर-8 के बंदियों गांव नाहरी निवासी दिनेश व मुकीमपुर निवासी रोहित उर्फ मोहित ने सुरक्षा गार्ड नवीन उर्फ मंडोरी को अपने पास बुलाकर दबोच लिया था और मारपीट की थी। साथ ही गांव रभड़ा के रजनीश उर्फ पालू, रामगढ़ के दीपक, सोनीपत के पवन व गंगाना के अनिल ने भागकर हेड वार्डर कदम सिंह को दबोच कर उसे उसे पीटने लगे थे।
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इस समय अन्य बंदियों हरसाना गांव के अमित उर्फ मोटा, जागसी के महिपाल उर्फ महल्ला, गंगाना के रवींद्र उर्फ ठेकेदार, तिहाड़ खुर्द के प्रवीन, हिसार के सूर्य नगर के रवींद्र उर्फ रघबीर, करेवड़ी के रोहित उर्फ नीट्टू व दीपक उर्फ फोर्ड और थाना खुर्द गांव के गीतू उर्फ परिंदा ने मिलकर सुरक्षा वार्ड चक्की नंबर-20 में बंद कैदी मूलरूप से गांव बुटाना फिलहाल कासंडी निवासी जगबीर के पास घुस गए थे।
बंदियों ने उसको चक्की के अंदर ही दबोचकर नुकीली चम्मच से जगबीर के सिर व सीने पर ताबड़तोड़ कई वार कर दिए थे। उसका सिर चक्की में मारने के साथ परने से गला घोंट दिया था। सूचना के बाद जेल स्टाफ मौके पर पहुंचा और घायलों को अस्पताल पहुंचाया था। जहां चिकित्सक ने जगबीर को मृत घोषित कर दिया था।
जगबीर के भाई कृष्ण कुमार ने साजिश के तहत उसके भाई की हत्या कराने का आरोप लगाया था। उसके भाई ने हत्या के षड्यंत्र का आरोप कृष्ण गाठा गैंग पर लगाया था। हालांकि, मामले में अन्य की संलिप्तता साबित नहीं हुई।
एएसजे सरताज बसवाना की कोर्ट ने मामले में सभी 14 आरोपियों उम्रकैद की सजा सुनाई है। प्रत्येक दोषी पर 42,500 रुपये जुर्माने लगाया है। जुर्माना न देने पर 13 माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
संजय बुटाना हत्याकांड का दोषी था जगबीर
जगबीर वर्ष 2008 में न्यायालय परिसर में हुई संजय बुटाना की हत्या के मामले में दोषी था। उसे न्यायालय ने वर्ष 2015 में उम्रकैद की सजा सुनाई थी। वह पैरोल पर निकला था। सीआईए ने उसे 16 फरवरी को अवैध हथियार के साथ पकड़ा था। उस पर खानपुर के सुधीर की हत्या का षड्यंत्र रचने का आरोप था। उसे चार दिन के रिमांड के बाद 20 फरवरी, 2021 को ही जेल भेजा गया था। जगबीर व संजय बुटाना के परिवार में वर्ष 1995 से रंजिश चली आ रही थी।
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जेल उप अधीक्षक अंकित मलिक ने 21 फरवरी, 2021 को सिटी थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी सुबह साढ़े आठ बजे बैरक बी व डी तथा बैरक नंबर-8 के बंदियों को खाना दिया जा रहा था।
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बैरक नंबर-8 के बंदियों गांव नाहरी निवासी दिनेश व मुकीमपुर निवासी रोहित उर्फ मोहित ने सुरक्षा गार्ड नवीन उर्फ मंडोरी को अपने पास बुलाकर दबोच लिया था और मारपीट की थी। साथ ही गांव रभड़ा के रजनीश उर्फ पालू, रामगढ़ के दीपक, सोनीपत के पवन व गंगाना के अनिल ने भागकर हेड वार्डर कदम सिंह को दबोच कर उसे उसे पीटने लगे थे।
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इस समय अन्य बंदियों हरसाना गांव के अमित उर्फ मोटा, जागसी के महिपाल उर्फ महल्ला, गंगाना के रवींद्र उर्फ ठेकेदार, तिहाड़ खुर्द के प्रवीन, हिसार के सूर्य नगर के रवींद्र उर्फ रघबीर, करेवड़ी के रोहित उर्फ नीट्टू व दीपक उर्फ फोर्ड और थाना खुर्द गांव के गीतू उर्फ परिंदा ने मिलकर सुरक्षा वार्ड चक्की नंबर-20 में बंद कैदी मूलरूप से गांव बुटाना फिलहाल कासंडी निवासी जगबीर के पास घुस गए थे।
बंदियों ने उसको चक्की के अंदर ही दबोचकर नुकीली चम्मच से जगबीर के सिर व सीने पर ताबड़तोड़ कई वार कर दिए थे। उसका सिर चक्की में मारने के साथ परने से गला घोंट दिया था। सूचना के बाद जेल स्टाफ मौके पर पहुंचा और घायलों को अस्पताल पहुंचाया था। जहां चिकित्सक ने जगबीर को मृत घोषित कर दिया था।
जगबीर के भाई कृष्ण कुमार ने साजिश के तहत उसके भाई की हत्या कराने का आरोप लगाया था। उसके भाई ने हत्या के षड्यंत्र का आरोप कृष्ण गाठा गैंग पर लगाया था। हालांकि, मामले में अन्य की संलिप्तता साबित नहीं हुई।
एएसजे सरताज बसवाना की कोर्ट ने मामले में सभी 14 आरोपियों उम्रकैद की सजा सुनाई है। प्रत्येक दोषी पर 42,500 रुपये जुर्माने लगाया है। जुर्माना न देने पर 13 माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
संजय बुटाना हत्याकांड का दोषी था जगबीर
जगबीर वर्ष 2008 में न्यायालय परिसर में हुई संजय बुटाना की हत्या के मामले में दोषी था। उसे न्यायालय ने वर्ष 2015 में उम्रकैद की सजा सुनाई थी। वह पैरोल पर निकला था। सीआईए ने उसे 16 फरवरी को अवैध हथियार के साथ पकड़ा था। उस पर खानपुर के सुधीर की हत्या का षड्यंत्र रचने का आरोप था। उसे चार दिन के रिमांड के बाद 20 फरवरी, 2021 को ही जेल भेजा गया था। जगबीर व संजय बुटाना के परिवार में वर्ष 1995 से रंजिश चली आ रही थी।