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पुराना स्टॉक का खाद नए दाम पर बेचा तो रद्द हो सकता है लाइसेंस
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सोनीपत। डीएपी खाद के पुराने स्टॉक को नए रेट पर बेचने का प्रयास कर रहे खाद विक्रेताओं पर नकेल कसने के लिए कृषि विभाग ने पहल शुरू कर दी है। कृषि विभाग ने खाद विक्रेताओं के पुराने स्टॉक का रिकॉर्ड जांचना शुरू कर दिया है और किसानों का आह्वान किया है कि खाद खरीदते समय बैग पर लिखे मूल्य की जांच करने के बाद ही भुगतान करें। अगर कोई विक्रेता खाद के पुराने बैग को नए दाम पर बेचता पाया गया तो उसका लाइसेंस रद्द किया जा सकता है।
डीएपी खाद के रेट 1 अप्रैल से 1200 रुपये प्रति बैग से बढ़ाकर 1900 रुपये प्रति बैग तक पहुंच गए हैं। ऐसे में जिन खाद विक्रेताओं के पास डीएपी का पुराना स्टॉक बचा हुआ उनमें से कई के बारे में पता लगा है कि 1200 रुपये के बैग को नए रेट पर बेचने का प्रयास कर रहे हैं। इसके बाद विभाग अलर्ट हो गया है और उन्होंने किसानों को जागरूक करने और खाद के पुराने स्टॉक को नए रेट पर बेचने वाले खाद विक्रेताओं पर कड़ी कार्रवाई करने की रणनीति तैयार की है।
मई में बढ़ेगी डीएपी की मांग
सोनीपत जिले में करीब 2 लाख हेक्टेयर भूमि में खेती की जाती है। अप्रैल माह में रबी सीजन की फसलों की कटाई की जाती है। इसलिए अप्रैल माह में डीएपी खाद की डिमांड नाममात्र की होती है। मई में विभिन्न प्रकार की सब्जियों के साथ-साथ किसान धान सहित खरीफ सीजन की विभिन्न फसल की खेतों में रोपाई व बिजाई करने की प्रक्रिया में जुट जाते हैं। इसके बाद डीएपी खाद की डिमांड बढ़ जाती है। ऐसे में कई किसान डीएपी खाद गेहूं की फसल बेचते समय ही खरीद लेते हैं, ताकि उन्हें बाद में दिक्कत का सामना न करना पड़े। विशेषज्ञों के अनुसार डीएपी खाद के रेट बाजार की परिस्थितियों पर निर्भर करते हैं, जबकि यूरिया खाद के दामों पर सरकार का नियंत्रण होता है।
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डीएपी खाद के रेट में बढ़ोतरी हो गई है। पुराना स्टॉक 1200 रुपये प्रति बैग के हिसाब से ही बेचा जा सकता है। ऐसे में किसान खाद के बैग पर लिखा दाम देखकर ही खरीदें। अगर कोई पुराने स्टॉक को नए रेट पर बेचता पकड़ा गया तो उसका लाइसेंस रद्द किया जा सकता है। - डॉ. अनिल सहरावत, कृषि उपनिदेशक, सोनीपत
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डीएपी खाद के रेट 1 अप्रैल से 1200 रुपये प्रति बैग से बढ़ाकर 1900 रुपये प्रति बैग तक पहुंच गए हैं। ऐसे में जिन खाद विक्रेताओं के पास डीएपी का पुराना स्टॉक बचा हुआ उनमें से कई के बारे में पता लगा है कि 1200 रुपये के बैग को नए रेट पर बेचने का प्रयास कर रहे हैं। इसके बाद विभाग अलर्ट हो गया है और उन्होंने किसानों को जागरूक करने और खाद के पुराने स्टॉक को नए रेट पर बेचने वाले खाद विक्रेताओं पर कड़ी कार्रवाई करने की रणनीति तैयार की है।
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मई में बढ़ेगी डीएपी की मांग
सोनीपत जिले में करीब 2 लाख हेक्टेयर भूमि में खेती की जाती है। अप्रैल माह में रबी सीजन की फसलों की कटाई की जाती है। इसलिए अप्रैल माह में डीएपी खाद की डिमांड नाममात्र की होती है। मई में विभिन्न प्रकार की सब्जियों के साथ-साथ किसान धान सहित खरीफ सीजन की विभिन्न फसल की खेतों में रोपाई व बिजाई करने की प्रक्रिया में जुट जाते हैं। इसके बाद डीएपी खाद की डिमांड बढ़ जाती है। ऐसे में कई किसान डीएपी खाद गेहूं की फसल बेचते समय ही खरीद लेते हैं, ताकि उन्हें बाद में दिक्कत का सामना न करना पड़े। विशेषज्ञों के अनुसार डीएपी खाद के रेट बाजार की परिस्थितियों पर निर्भर करते हैं, जबकि यूरिया खाद के दामों पर सरकार का नियंत्रण होता है।
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डीएपी खाद के रेट में बढ़ोतरी हो गई है। पुराना स्टॉक 1200 रुपये प्रति बैग के हिसाब से ही बेचा जा सकता है। ऐसे में किसान खाद के बैग पर लिखा दाम देखकर ही खरीदें। अगर कोई पुराने स्टॉक को नए रेट पर बेचता पकड़ा गया तो उसका लाइसेंस रद्द किया जा सकता है। - डॉ. अनिल सहरावत, कृषि उपनिदेशक, सोनीपत