{"_id":"676da869fafface134051dd4","slug":"lecture-organized-on-veer-bal-diwas-sonipat-news-c-197-1-snp1007-129892-2024-12-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sonipat News: वीर बाल दिवस पर व्याख्यान आयोजित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sonipat News: वीर बाल दिवस पर व्याख्यान आयोजित
Fri, 27 Dec 2024 12:33 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Fri, 27 Dec 2024 12:33 AM IST
विज्ञापन
फोटो 10- सोनीपत के गांव खानपुर कलां स्थित बीपीएस महिला विवि में वीर बाल दिवस पर आयोजित व्याख्या
गोहाना। गांव खानपुर कलां स्थित भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय के कन्या गुरुकुल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में वीर बाल दिवस पर व्याख्यान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें बतौर मुख्य अतिथि महिला विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुदेश ने शिरकत की। मुख्य वक्ता के रूप में एसोसिएट प्रो. डॉ. परविंदर कौर ने भाग लिया।
कुलपति प्राे. सुदेश ने कार्यक्रम में छात्राओं को गुरु गोबिंद सिंह के साहिबजादों के साहस और धर्म की रक्षा के लिए उनके निस्वार्थ बलिदान के बारे में जानकारी दी। डॉ. परविंदर कौर ने बताया कि वर्ष 1705 में धर्म व देश के लिए अपना जीवन बलिदान देने वाले साहिबजादों की याद में वीर बाल दिवस मनाया जाता है। उनका बलिदान हमें सत्य, साहस और कर्तव्य निष्ठा के मार्ग पर चलते हुए सभी चुनौतियों का सामना करना सिखाता है। तत्कालीन मुगल शासकों ने इस्लाम स्वीकार न करने के कारण साहिबजादा जोरावर सिंह और फतेह सिंह को 26 दिसंबर 1705 को शहीद हो गए थे। उन्होंने महान क्रांतिकारी ऊधम सिंह के जन्मदिवस पर छात्राओं को उनके बारे में भी अवगत कराया।इस दौरान छात्राओं ने भाषण, कविता व पोस्टर के माध्यम से शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम संचालन सुनीता शर्मा ने किया।
विज्ञापन
कुलपति प्राे. सुदेश ने कार्यक्रम में छात्राओं को गुरु गोबिंद सिंह के साहिबजादों के साहस और धर्म की रक्षा के लिए उनके निस्वार्थ बलिदान के बारे में जानकारी दी। डॉ. परविंदर कौर ने बताया कि वर्ष 1705 में धर्म व देश के लिए अपना जीवन बलिदान देने वाले साहिबजादों की याद में वीर बाल दिवस मनाया जाता है। उनका बलिदान हमें सत्य, साहस और कर्तव्य निष्ठा के मार्ग पर चलते हुए सभी चुनौतियों का सामना करना सिखाता है। तत्कालीन मुगल शासकों ने इस्लाम स्वीकार न करने के कारण साहिबजादा जोरावर सिंह और फतेह सिंह को 26 दिसंबर 1705 को शहीद हो गए थे। उन्होंने महान क्रांतिकारी ऊधम सिंह के जन्मदिवस पर छात्राओं को उनके बारे में भी अवगत कराया।इस दौरान छात्राओं ने भाषण, कविता व पोस्टर के माध्यम से शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम संचालन सुनीता शर्मा ने किया।
विज्ञापन