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विधि विवि ने किया शिमला विश्वविद्यालय से एमओयू
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विधि विवि की कुलपति प्रो. विनय कपूर मेहरा व हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सिकंदर कु
- फोटो : Sonipat
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सोनीपत। शिक्षा व अनुसंधान को बढ़ाने के लिए डॉ. बीआर आंबेडकर राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय ने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, शिमला (एचपीयू) के विधि विभाग के साथ एमओयू साइन किया। इसके तहत दोनों विश्वविद्यालय आपस में शिक्षकों व विद्यार्थियों का आदान-प्रदान करेंगे। डॉ. बीआर आंबेडकर राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. विनय कपूर मेहरा व हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सिकंदर कुमार ने इस एमओयू करार पर हस्ताक्षर किए।
कुलपति प्रो. विनय कपूर मेहरा ने कहा कि इस करार में संवैधानिक कानून, अंतरराष्ट्रीय कानून, निजी कानून, पर्यावरण कानून सहित कई महत्वपूर्ण विषय से संबंधित शैक्षिक सहयोग का आदान-प्रदान होगा। यही नहीं समय-समय पर कई सेमिनार व कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएंगी। शोध के लिए विद्यार्थियों को शैक्षिक भ्रमण पर भी भेजा जाएगा। एमओयू पर हस्ताक्षर होने से विद्यार्थी लाभान्वित होंगे। जब हम समूह के रूप में कार्य करते हैं, तब सार्थक परिणाम सामने आते हैं। इस दिशा में यह एमओयू सार्थक सिद्ध होगा। प्रो. मेहरा ने कहा कि अब तक 11 संस्थानों के साथ एमओयू अनुबंध कर चुके हैं। जिसका विद्यार्थियों को लाभ मिल रहा है।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सिकंदर कुमार ने कहा कि एमओयू का उद्देश्य सहयोग द्वारा प्रस्तावित व्यापक संभावनाओं को खोज कर उन पर कार्य करना है। दोनों संस्थानों के सहयोगात्मक प्रयासों से विधि शिक्षा व अनुसंधान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नई साझेदारी को विकसित किया जाएगा। इस एमओयू में 11 आर्टिकल्स हैं। इनमें एमओयू का उद्देश्य, फैकल्टी के सहयोग का आदान प्रदान करना व विद्यार्थियों से संबंधित क्षेत्र शामिल हैं। समझौता ज्ञापन में लागत और वित्तीय सहयोग के अलावा अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय कानूनी शैक्षिक मानक का कार्यान्वयन शामिल है।
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कुलपति प्रो. विनय कपूर मेहरा ने कहा कि इस करार में संवैधानिक कानून, अंतरराष्ट्रीय कानून, निजी कानून, पर्यावरण कानून सहित कई महत्वपूर्ण विषय से संबंधित शैक्षिक सहयोग का आदान-प्रदान होगा। यही नहीं समय-समय पर कई सेमिनार व कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएंगी। शोध के लिए विद्यार्थियों को शैक्षिक भ्रमण पर भी भेजा जाएगा। एमओयू पर हस्ताक्षर होने से विद्यार्थी लाभान्वित होंगे। जब हम समूह के रूप में कार्य करते हैं, तब सार्थक परिणाम सामने आते हैं। इस दिशा में यह एमओयू सार्थक सिद्ध होगा। प्रो. मेहरा ने कहा कि अब तक 11 संस्थानों के साथ एमओयू अनुबंध कर चुके हैं। जिसका विद्यार्थियों को लाभ मिल रहा है।
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हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सिकंदर कुमार ने कहा कि एमओयू का उद्देश्य सहयोग द्वारा प्रस्तावित व्यापक संभावनाओं को खोज कर उन पर कार्य करना है। दोनों संस्थानों के सहयोगात्मक प्रयासों से विधि शिक्षा व अनुसंधान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नई साझेदारी को विकसित किया जाएगा। इस एमओयू में 11 आर्टिकल्स हैं। इनमें एमओयू का उद्देश्य, फैकल्टी के सहयोग का आदान प्रदान करना व विद्यार्थियों से संबंधित क्षेत्र शामिल हैं। समझौता ज्ञापन में लागत और वित्तीय सहयोग के अलावा अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय कानूनी शैक्षिक मानक का कार्यान्वयन शामिल है।
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