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शरीर पर लाठियां बरसती रहीं, हाथों से सिर ढक कर भागता रहा : अनिल
Wed, 02 Aug 2023 01:02 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Wed, 02 Aug 2023 01:02 AM IST
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घटना की जानकारी देते अनिल पुस्कुरान। संवाद
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सोनीपत। नूंह में ब्रजमंडल यात्रा के दौरान हुई हिंसा में सोनीपत से गए श्रद्धालु भी हमले का शिकार हुए हैं। सोमवार को जत्थे के साथ रवाना हुए सोनीपत के अनिल पुस्कुरान ने उनके साथ हुई घटना की जानकारी दी।
अनिल ने कहा कि उन्होंने ऐसा मंजर कभी नहीं देखा था। हर तरफ धारदार हथियार व लाठी-डंडे लहराते हुए लोग दिख रहे थे। उपद्रवी किसी भी वाहन को रोककर आग के हवाले कर रहे थे। सैकड़ों उपद्रवियों के बीच से वह सिर को हाथों से ढककर भागते रहे। हालांकि इस दौरान उसके शरीर पर लाठियां बरसती रही। उन्हें कमर व हाथों पर चोट लगी है।
नूंह में सोमवार को निकाली गई ब्रजमंडल यात्रा पर उपद्रवियों ने हमला कर दिया था। इस दौरान जमकर उत्पात किया गया। इस यात्रा में सोनीपत से भी श्रद्धालुओं का एक जत्था पहुंचा था। जत्थे में शामिल शहर के सेक्टर-14 निवासी अनिल पुस्कुरान को काफी चोट लगी है। अनिल ने बताया कि शाम के समय यात्रा के बीच में ही वह मंदिर में भंडारे के लिए रुके थे। जब वह लौटने लगे तो अचानक लाठी-डंडों के साथ आए सैकड़ों युवकों ने उन पर हमला बोल दिया। इतना ही नहीं घरों से पत्थर बरसाए जाने लगे। ऐसे में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जिसको जहां से रास्ता मिला वह उसी ओर भाग लिया। उपद्रवी गाड़ियों को रुकवाकर उनको आग के हवाले कर रहे थे तो वहीं गोलियां चलने की आवाज भी आ रही थी। इन सबके बीच वह बस से उतरकर दोनों हाथों से अपना सिर ढक कर भागते रहे। वह रुके नहीं, हालांकि इस दौरान उसके शरीर पर लाठियां बरसती रहीं, पत्थर भी लगे, जिससे उन्हें काफी चोट आई है।
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अनिल ने बताया कि वह लगातार भागते रहे। इस दौरान उसके कानों में गोलियां चलने की आवाज आती रहीं। उपद्रवियों के हाथों में धारदार हथियार थे। ज्यादातर घरों के ऊपर से पत्थरबाजी हो रही थी। चारों तरफ उपद्रवी नजर आ रहे थे गाड़ियों को आग के हवाले कर रहे थे। अस्पतालों की छत से भी पत्थरबाजी हो रही थी। अनिल ने बताया कि जब वह उपद्रवियों से 200 मीटर दूर पहुंचे तो पुलिस की जिप्सी दिखाई दी और उसमें चार-पांच पुलिसकर्मी थे। उसे पुलिस ने रात 8 बजे रेस्क्यू किया। उस समय तक हालात बहुत ज्यादा खराब हो चुके थे। वह किसी तरह बचकर लौट सके।
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अनिल ने कहा कि उन्होंने ऐसा मंजर कभी नहीं देखा था। हर तरफ धारदार हथियार व लाठी-डंडे लहराते हुए लोग दिख रहे थे। उपद्रवी किसी भी वाहन को रोककर आग के हवाले कर रहे थे। सैकड़ों उपद्रवियों के बीच से वह सिर को हाथों से ढककर भागते रहे। हालांकि इस दौरान उसके शरीर पर लाठियां बरसती रही। उन्हें कमर व हाथों पर चोट लगी है।
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नूंह में सोमवार को निकाली गई ब्रजमंडल यात्रा पर उपद्रवियों ने हमला कर दिया था। इस दौरान जमकर उत्पात किया गया। इस यात्रा में सोनीपत से भी श्रद्धालुओं का एक जत्था पहुंचा था। जत्थे में शामिल शहर के सेक्टर-14 निवासी अनिल पुस्कुरान को काफी चोट लगी है। अनिल ने बताया कि शाम के समय यात्रा के बीच में ही वह मंदिर में भंडारे के लिए रुके थे। जब वह लौटने लगे तो अचानक लाठी-डंडों के साथ आए सैकड़ों युवकों ने उन पर हमला बोल दिया। इतना ही नहीं घरों से पत्थर बरसाए जाने लगे। ऐसे में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जिसको जहां से रास्ता मिला वह उसी ओर भाग लिया। उपद्रवी गाड़ियों को रुकवाकर उनको आग के हवाले कर रहे थे तो वहीं गोलियां चलने की आवाज भी आ रही थी। इन सबके बीच वह बस से उतरकर दोनों हाथों से अपना सिर ढक कर भागते रहे। वह रुके नहीं, हालांकि इस दौरान उसके शरीर पर लाठियां बरसती रहीं, पत्थर भी लगे, जिससे उन्हें काफी चोट आई है।
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अनिल ने बताया कि वह लगातार भागते रहे। इस दौरान उसके कानों में गोलियां चलने की आवाज आती रहीं। उपद्रवियों के हाथों में धारदार हथियार थे। ज्यादातर घरों के ऊपर से पत्थरबाजी हो रही थी। चारों तरफ उपद्रवी नजर आ रहे थे गाड़ियों को आग के हवाले कर रहे थे। अस्पतालों की छत से भी पत्थरबाजी हो रही थी। अनिल ने बताया कि जब वह उपद्रवियों से 200 मीटर दूर पहुंचे तो पुलिस की जिप्सी दिखाई दी और उसमें चार-पांच पुलिसकर्मी थे। उसे पुलिस ने रात 8 बजे रेस्क्यू किया। उस समय तक हालात बहुत ज्यादा खराब हो चुके थे। वह किसी तरह बचकर लौट सके।