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Sonipat News: पुलिस पहरे में पैतृक गांव पहुंचा काला जठेड़ी, ढोल बजाकर हुआ स्वागत
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संवाद न्यूज एजेंसी,
सोनीपत। गैंगस्टर संदीप उर्फ काला जठेड़ी रविवार को सात घंटे की पैरोल पर अपने पैतृक गांव जठेड़ी पहुंचा। सोनीपत के राई क्षेत्र स्थित गांव में पहुंचने पर ढोल बजाकर के साथ उसका स्वागत किया गया। काला जठेड़ी अपनी जुड़वा बेटियों के नामकरण कार्यक्रम में शामिल होने के लिए घर पहुंचा।
काला बेटियों व परिवार के करीब 60 लोगों से मिला और उसके बाद उसे दिल्ली पुलिस वापस जेल लेकर चली गई। उसकी पैरोल अवधि सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक निर्धारित थी। ऐसे में वह सवा 11 बजे गांव में पहुंचा और पौने चार बजे उसे वापस ले जाया गया।
गैंगस्टर संदीप उर्फ काला जठेड़ी की पत्नी अनुराधा ने 1 जुलाई को इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन (आईवीएफ) तकनीक से गुरुग्राम के अस्पताल में जुड़वां बेटियों को जन्म दिया था। तब अस्पताल में बेटियों से मिलने के लिए भी काला को चार घंटे की कस्टडी पैरोल मिली थी। अब जुड़वा बेटियों के नामकरण कार्यक्रम में शामिल होने के लिए उसे सात घंटे की पैरोल मिली थी। काला जठेड़ी के घर को नामकरण कार्यक्रम के लिए फूलों से सजाया गया था।
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काला जठेड़ी की एंट्री से पहले कमरा पूरी तरह खाली करवाया गया। इसके बाद उसे कमरे में ले जाया गया। कमरे में पहचान देखकर ही पहले से निर्धारित परिवार के 60 लोगों से मिलवाया गया। परिवार से मिलने के बाद काला जठेड़ी को 5 घंटे बाद पौने चार बजे दिल्ली पुलिस अपने साथ तिहाड़ जेल ले गई।
पुलिस ने किए थे सुरक्षा के कड़े इंतजाम
काला जठेड़ी के गांव पहुंचने को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। दिल्ली व हरियाणा पुलिस के करीब 90 जवान घर के आसपास तैनात किए गए थे। गांव में आने-जाने वाले लोगों पर भी निगरानी रखी जा रही थी। दिल्ली पुलिस के साथ क्राइम ब्रांच कुंडली व राई पुलिस मौजूद रही। सुरक्षा कारणों से मीडिया को कार्यक्रम स्थल और घर के आसपास जाने की अनुमति नहीं दी गई।
बेटियों का नहीं हो पाया नामकरण
अनुराधा ने बताया कि संदीप परिवार से अलग कमरे में मिला और दोनों बेटियों के साथ समय बिताया। हवन और नामकरण की रस्म नहीं हो सकी। बेटियों के नाम सुहाना और आहना पहले से रखे गए हैं, लेकिन विधिवत नामकरण के लिए दोबारा कोर्ट से परमिशन ली जाएगी।
पत्नी की भी रही है आपराधिक पृष्ठभूमि
अनुराधा राजस्थान के सीकर की रहने वाली है। उसकी भी आपराधिक पृष्ठभूमि रही है। वह गैंगस्टर आनंदपाल सिंह से जुड़ी थी। आनंदपाल के एनकाउंटर के बाद वह 2020 में काला जठेड़ी से मिली और मार्च 2024 को दोनों ने शादी कर ली थी। गिरफ्तारी के समय काला जठेड़ी पर करीब 30 से अधिक मुकदमे दर्ज थे।
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सोनीपत। गैंगस्टर संदीप उर्फ काला जठेड़ी रविवार को सात घंटे की पैरोल पर अपने पैतृक गांव जठेड़ी पहुंचा। सोनीपत के राई क्षेत्र स्थित गांव में पहुंचने पर ढोल बजाकर के साथ उसका स्वागत किया गया। काला जठेड़ी अपनी जुड़वा बेटियों के नामकरण कार्यक्रम में शामिल होने के लिए घर पहुंचा।
काला बेटियों व परिवार के करीब 60 लोगों से मिला और उसके बाद उसे दिल्ली पुलिस वापस जेल लेकर चली गई। उसकी पैरोल अवधि सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक निर्धारित थी। ऐसे में वह सवा 11 बजे गांव में पहुंचा और पौने चार बजे उसे वापस ले जाया गया।
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गैंगस्टर संदीप उर्फ काला जठेड़ी की पत्नी अनुराधा ने 1 जुलाई को इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन (आईवीएफ) तकनीक से गुरुग्राम के अस्पताल में जुड़वां बेटियों को जन्म दिया था। तब अस्पताल में बेटियों से मिलने के लिए भी काला को चार घंटे की कस्टडी पैरोल मिली थी। अब जुड़वा बेटियों के नामकरण कार्यक्रम में शामिल होने के लिए उसे सात घंटे की पैरोल मिली थी। काला जठेड़ी के घर को नामकरण कार्यक्रम के लिए फूलों से सजाया गया था।
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काला जठेड़ी की एंट्री से पहले कमरा पूरी तरह खाली करवाया गया। इसके बाद उसे कमरे में ले जाया गया। कमरे में पहचान देखकर ही पहले से निर्धारित परिवार के 60 लोगों से मिलवाया गया। परिवार से मिलने के बाद काला जठेड़ी को 5 घंटे बाद पौने चार बजे दिल्ली पुलिस अपने साथ तिहाड़ जेल ले गई।
पुलिस ने किए थे सुरक्षा के कड़े इंतजाम
काला जठेड़ी के गांव पहुंचने को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। दिल्ली व हरियाणा पुलिस के करीब 90 जवान घर के आसपास तैनात किए गए थे। गांव में आने-जाने वाले लोगों पर भी निगरानी रखी जा रही थी। दिल्ली पुलिस के साथ क्राइम ब्रांच कुंडली व राई पुलिस मौजूद रही। सुरक्षा कारणों से मीडिया को कार्यक्रम स्थल और घर के आसपास जाने की अनुमति नहीं दी गई।
बेटियों का नहीं हो पाया नामकरण
अनुराधा ने बताया कि संदीप परिवार से अलग कमरे में मिला और दोनों बेटियों के साथ समय बिताया। हवन और नामकरण की रस्म नहीं हो सकी। बेटियों के नाम सुहाना और आहना पहले से रखे गए हैं, लेकिन विधिवत नामकरण के लिए दोबारा कोर्ट से परमिशन ली जाएगी।
पत्नी की भी रही है आपराधिक पृष्ठभूमि
अनुराधा राजस्थान के सीकर की रहने वाली है। उसकी भी आपराधिक पृष्ठभूमि रही है। वह गैंगस्टर आनंदपाल सिंह से जुड़ी थी। आनंदपाल के एनकाउंटर के बाद वह 2020 में काला जठेड़ी से मिली और मार्च 2024 को दोनों ने शादी कर ली थी। गिरफ्तारी के समय काला जठेड़ी पर करीब 30 से अधिक मुकदमे दर्ज थे।