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बच्चों को सुरक्षित माहौल देना जरूरी हम सबका दायित्व : डीसी
Thu, 10 Jul 2025 01:38 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Thu, 10 Jul 2025 01:38 AM IST
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सोनीपत। बच्चों के साथ होने वाले किसी भी प्रकार के यौन अपराध, दुर्व्यवहार या शोषण की घटना को नजरअंदाज न करें। तुरंत संबंधित प्राधिकरण को सूचित करें। बच्चों को यौन शोषण से संरक्षण के लिए सरकार ने पॉक्सो एक्ट 2012 लागू किया है। यह बात लोगों से अपील करते हुए उपायुक्त सुशील सारवान ने कही।
उपायुक्त ने कहा कि पॉक्सो अधिनियम 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों की शारीरिक, मानसिक और यौन सुरक्षा सुनिश्चित करता है। इस एक्ट के तहत बच्चों का यौन उत्पीड़न, छेड़छाड़, अश्लील इशारे, अश्लील वीडियो या चित्र दिखाना या अन्य किसी भी प्रकार का शोषण दंडनीय अपराध माना गया है। दोषियों को कठोर सजा का प्रावधान है।
उन्होंने कहा कि बच्चों को उन पर होने वाले अत्याचारों से बचाने के लिए समाज के प्रत्येक नागरिक जिला प्रशासन का सहयोग करेंं, ताकि बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा सके। उपायुक्त ने कहा कि बच्चों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करें।
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किसी भी आपत्तिजनक घटना की सूचना गोपनीय रूप से तुरंत डायल 112, चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 या जिला बाल संरक्षण इकाई, सोनीपत, कमरा नंबर- 304, लघु सचिवालय, सोनीपत को दें। उन्होंने कहा कि इस बात का विशेष ध्यान रखें कि पीड़ित बच्चे की पहचान गोपनीय रखना है।
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उपायुक्त ने कहा कि पॉक्सो अधिनियम 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों की शारीरिक, मानसिक और यौन सुरक्षा सुनिश्चित करता है। इस एक्ट के तहत बच्चों का यौन उत्पीड़न, छेड़छाड़, अश्लील इशारे, अश्लील वीडियो या चित्र दिखाना या अन्य किसी भी प्रकार का शोषण दंडनीय अपराध माना गया है। दोषियों को कठोर सजा का प्रावधान है।
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उन्होंने कहा कि बच्चों को उन पर होने वाले अत्याचारों से बचाने के लिए समाज के प्रत्येक नागरिक जिला प्रशासन का सहयोग करेंं, ताकि बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा सके। उपायुक्त ने कहा कि बच्चों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करें।
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किसी भी आपत्तिजनक घटना की सूचना गोपनीय रूप से तुरंत डायल 112, चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 या जिला बाल संरक्षण इकाई, सोनीपत, कमरा नंबर- 304, लघु सचिवालय, सोनीपत को दें। उन्होंने कहा कि इस बात का विशेष ध्यान रखें कि पीड़ित बच्चे की पहचान गोपनीय रखना है।