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Sonipat News: राजकीय कॉलेजों में दाखिले के लिए रजिस्ट्रेशन बढ़ाना बना चुनौती

Sat, 20 Jun 2026 03:31 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत Updated Sat, 20 Jun 2026 03:31 AM IST
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Increasing registrations for admissions to government colleges has become a challenge.
फोटो : सावित्री बाई फुले राजकीय कन्या महाविद्यालय, खरखौदा
खरखौदा। क्षेत्र के राजकीय कॉलेजों में स्नातक कोर्सों में दाखिले के लिए छात्रों का अपेक्षित रुझान नहीं मिलने से कॉलेज प्रशासन के सामने सीटें भरना चुनौती बन गया है। दो बार पंजीकरण की अंतिम तिथि बढ़ाए जाने के बावजूद अभी तक करीब आधी सीटों पर ही आवेदन पहुंचे हैं।
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ऐसे में कॉलेज प्रशासन अब गांवों में जाकर विद्यार्थियों और अभिभावकों से संपर्क कर प्रवेश प्रक्रिया में तेजी लाने का प्रयास कर रहा है। शहीद दलबीर सिंह राजकीय कॉलेज, पिपली और सावित्री बाई फुले कन्या महाविद्यालय, खरखौदा में दाखिला प्रक्रिया जारी है।
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पंजीकरण की अंतिम तिथि को किया 30 जून
पहले पंजीकरण की अंतिम तिथि 30 मई निर्धारित की गई थी लेकिन कम आवेदन आने के कारण इसे बढ़ाकर 15 जून किया गया। लक्ष्य के अनुसार आवेदन नहीं आने पर अब अंतिम तिथि को बढ़ाकर 30 जून कर दिया गया है। शहीद दलबीर सिंह राजकीय कॉलेज, पिपली में विभिन्न पाठ्यक्रमों की 400 सीटों के मुकाबले अब तक लगभग 200 आवेदन प्राप्त हुए हैं। वहीं शहर स्थित सावित्री बाई फुले कन्या महाविद्यालय में 540 सीटों के लिए केवल 187 विद्यार्थियों ने ही पंजीकरण कराया है। कॉलेज प्रशासन का कहना है कि दाखिलों की संख्या बढ़ाने के लिए प्राध्यापक गांवों में जाकर विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए जागरूक कर रहे हैं। स्कूल स्तर पर भी संपर्क अभियान चलाया जा रहा है ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थी समय रहते आवेदन कर सकें।
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दिल्ली के काॅलेजों को प्राथमिकता

खरखौदा क्षेत्र दिल्ली के नजदीक होने के चलते यहां के छात्र दिल्ली के कालेजों को प्राथमिकता देते हैं। काफी विद्यार्थी दिल्ली की नजदीकी का लाभ उठाते हुए पहले चरण में दिल्ली के कॉलेजों में दाखिला लेने के लिए प्रयासरत रहते हैं। वहां दाखिला नहीं मिलने की स्थिति में वह स्थानीय कॉलेजों में प्रवेश लेते हैं। इसी कारण स्थानीय कॉलेजों में शुरुआती चरण में आवेदन संख्या अपेक्षाकृत कम रहती है। जैसे ही दिल्ली के काॅलेजों में दाखिला प्रक्रिया बंद होती है स्थानीय स्तर पर कालेजों में दाखिलों की संख्या में इजाफा देखने को मिलता है।
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