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भारत सरकार के कामकाज के केंद्र में समावेशीपन : अनुप्रिया
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फोटो 26- सोनीपत के ओपी जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी में आयोजित सम्मेलन में घोषणा पत्र दिखाते अधिकार
सोनीपत। केंद्रीय स्वास्थ्य, परिवार कल्याण, रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा कि समावेशीपन भारत सरकार के कामकाज के केंद्र में है।
11 वर्षों में हमने बुनियादी सुविधाओं को सुनिश्चित करने की दिशा में तेजी से काम किया है। चाहे वह आसान ऋण तक पहुंच हो या महिलाओं के लिए अच्छी मातृ स्वास्थ्य सेवा।
वह मंगलवार को ओपी जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी (जेजीयू) में आयोजित समावेशी भविष्य और लैंगिक न्यायपूर्ण विश्व की ओर विषय पर तीन दिवसीय सम्मेलन के समापन भाषण में बतौर मुख्यातिथि संबोधित कर रही थी।
सम्मेलन में जेजीयू व प्रतिनिधियों ने परिवर्तनकारी बदलाव और लैंगिक न्याय के लिए सामूहिक प्रतिबद्धता के ढांचे के रूप में समान भविष्य के प्रस्ताव-सोनीपत घोषणा 2025 को प्रस्तुत किया।
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विवि की प्रवेश एवं आउटरीच डीन प्रोफेसर (डॉ.) उपासना महंता ने कहा कि हम ऐसी दुनिया की दिशा में कदम उठाने का संकल्प लेते हैं, जहां महिलाओं व लिंग विविध व्यक्तियों के पास संसाधनों व नेतृत्व के अवसरों तक समान पहुंच हो। विवि के संस्थापक चांसलर प्रो. (डॉ.) सी. राज कुमार ने तीन दिवसीय सम्मेलन का अवलोकन प्रस्तुत किया। महिलाओं के सामने आने वाली प्रणालीगत व संरचनात्मक चुनौतियों पर चर्चा की गई।
डीएलएफ लिमिटेड की बोर्ड निदेशक पिया सिंह ने कहा कि शिक्षा प्रगति की नींव है। यह बाधाओं को तोड़ने, समुदायों के उत्थान और अधिक न्यायपूर्ण व समान दुनिया बनाने के लिए हमारे पास सबसे शक्तिशाली उपकरण है।
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11 वर्षों में हमने बुनियादी सुविधाओं को सुनिश्चित करने की दिशा में तेजी से काम किया है। चाहे वह आसान ऋण तक पहुंच हो या महिलाओं के लिए अच्छी मातृ स्वास्थ्य सेवा।
वह मंगलवार को ओपी जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी (जेजीयू) में आयोजित समावेशी भविष्य और लैंगिक न्यायपूर्ण विश्व की ओर विषय पर तीन दिवसीय सम्मेलन के समापन भाषण में बतौर मुख्यातिथि संबोधित कर रही थी।
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सम्मेलन में जेजीयू व प्रतिनिधियों ने परिवर्तनकारी बदलाव और लैंगिक न्याय के लिए सामूहिक प्रतिबद्धता के ढांचे के रूप में समान भविष्य के प्रस्ताव-सोनीपत घोषणा 2025 को प्रस्तुत किया।
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विवि की प्रवेश एवं आउटरीच डीन प्रोफेसर (डॉ.) उपासना महंता ने कहा कि हम ऐसी दुनिया की दिशा में कदम उठाने का संकल्प लेते हैं, जहां महिलाओं व लिंग विविध व्यक्तियों के पास संसाधनों व नेतृत्व के अवसरों तक समान पहुंच हो। विवि के संस्थापक चांसलर प्रो. (डॉ.) सी. राज कुमार ने तीन दिवसीय सम्मेलन का अवलोकन प्रस्तुत किया। महिलाओं के सामने आने वाली प्रणालीगत व संरचनात्मक चुनौतियों पर चर्चा की गई।
डीएलएफ लिमिटेड की बोर्ड निदेशक पिया सिंह ने कहा कि शिक्षा प्रगति की नींव है। यह बाधाओं को तोड़ने, समुदायों के उत्थान और अधिक न्यायपूर्ण व समान दुनिया बनाने के लिए हमारे पास सबसे शक्तिशाली उपकरण है।