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जिले के 59 स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या 50 से कम, मर्ज करने की तैयारी

Fri, 08 Jul 2022 01:27 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 08 Jul 2022 01:27 AM IST
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In 59 schools of the district, the number of students is less than 50, preparations to merge
जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय। - फोटो : Sonipat
शिक्षा विभाग के सभी प्रयासों के बावजूद राजकीय स्कूलों में विद्यार्थी संख्या उम्मीदों के अनुरूप नहीं बढ़ पा रही है। जिले में अभी भी 59 स्कूल ऐसे हैं, जिन्हें विद्यार्थी संख्या 50 या इससे कम है। ऐसे में शिक्षा विभाग ने एक बार फिर कम छात्र संख्या वाले इन स्कूलों को दूसरे स्कूलों में मर्ज करने की योजना बनाई है। इसके लिए विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों से छठी से 10वीं कक्षा तक के ऐसे स्कूलों की सूची मांगी थी, जिनमें विद्यार्थी संख्या 50 या इससे कम है। साथ ही तीन किलोमीटर के दायरे में स्थित दूसरे स्कूल का भी नाम बताना था। ताकि इन स्कूलों को तीन किलोमीटर तक के दायरे में स्थित दूसरे स्कूल में मर्ज किया जा सके।
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शिक्षा विभाग राजकीय स्कूलों के शिक्षा स्तर में सुधार के लिए लंबे समय से प्रयास कर रहा है। इसके तहत शिक्षा निदेशालय ने प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों से स्कूलों में विद्यार्थी संख्या की रिपोर्ट मांगी थी। इस विषय को लेकर गत दिनों बैठक भी बुलाई गई थी। जिसमें जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों से छठी से 8वीं और जिला शिक्षा अधिकारियों से 9वीं व 10वीं कक्षा तक के ऐसे स्कूलों की रिपोर्ट मांगी थी, जिनमें विद्यार्थी संख्या 50 या इससे कम है। साथ ही इन स्कूलों के तीन किलोमीटर के दायरे में सबसे नजदीक स्कूल का नाम भी बताना था। ताकि कम विद्यार्थी संख्या वाले इन स्कूलों को अगर मर्ज करना पड़े तो किसी प्रकार की परेशानी ना आए। शिक्षा विभाग का तर्क है कि इस योजना से जहां स्कूलों में विद्यार्थी संख्या बढ़ेगी, वहीं स्कूलों में शिक्षकों की कमी को भी दूर किया जा सकेगा।
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26 माध्यमिक में तो 33 उच्च विद्यालयों विद्यार्थी संख्या कम
जिले में कुल 712 स्कूलों में छठी से 8वीं कक्षा तक के 78 माध्यमिक स्कूल हैं। इन स्कूलों में 26 स्कूल ऐसे हैं, जिनमें विद्यार्थी संख्या 50 या इनसे कम है। वहीं जिले के 76 उच्च विद्यालयों में से 33 स्कूलों में विद्यार्थी संख्या 50 से कम है। शिक्षा विभाग ने ऐसे स्कूलों को सूची मंगवाई है, ताकि इन्हें भविष्य में मर्ज करने की योजना को अमलीजामा पहनाया जा सके।
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वीडियो कांफ्रेंस में भी स्कूलों में विद्यार्थी संख्या बढ़ाने के निर्देश
स्कूल शिक्षा विभाग के निदेशक ने वीरवार को वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से सभी जिलों के जिला शिक्षा अधिकारियों व जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों की बैठक ली। जिसमें स्कूलों में विद्यार्थी संख्या बढ़ाने के साथ ही एसीपी सहित अन्य मामलों को लेकर उचित दिशा निर्देश दिए। वीडियो कांफ्रेंस में स्कूलों में विद्यार्थी संख्या कम होने के कारणों के साथ ही विद्यार्थी संख्या बढ़ाने के उपायों पर भी चर्चा की गई। उन्होंने सभी जिले के अधिकारियों को स्कूलों में छात्र संख्या बढ़ाने पर जोर दिया। वीडियो कांर्फेंस में विभाग के निदेशक ने विशेषकर पहली कक्षा में विद्यार्थी संख्या बढ़ाने पर जोर दिया।
राई मे एक व गन्नौर के दो स्कूलों में विद्यार्थी संख्या 20 से कम
जिले के उच्च विद्यालयों की बात करें तो राई के हलालपुर में सबसे कम विद्यार्थी संख्या है। यहां स्कूल में महज 18 विद्यार्थी हैं। इसके अलावा गन्नौर के दो स्कूलों में भी विद्यार्थी संख्या बेहद कम है। इसमें बली कुतुबपुर स्थित स्कूल में विद्यार्थी संख्या 19 और हसनपुर के स्कूल में महज 20 ही हैं। शिक्षा विभाग के प्रयासों के बावजूद इन स्कूलों में विद्यार्थी संख्या नहीं बढ़ पाई।
जिले के 33 उच्च विद्यालयों में विद्यार्थी संख्या कम
ब्लॉक स्कूल
गन्नौर 09
सोनीपत 05
मुडलाना 05
राई 04
गोहाना 04
खरखौदा 03
कथूरा 03
हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ ने किया विरोध
सरकार की कम विद्यार्थी संख्या वाले स्कूलों को दूसरे स्कूलों मे मर्ज करने की योजना का हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ विरोध करता है। स्कूल ही बंद हो जाएंगे तो गरीब बच्चे शिक्षा ग्रहण करने कहां जाएंगे। छोटे बच्चे बाहर जा नहीं सकते, आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण परिजन बच्चों को निजी स्कूलों में नहीं पढ़ा सकते। ऐसी स्थिति में यदि स्कूल बंद कर दिए गए तो जरूरतमंद परिवारों के बच्चे शिक्षा से वंचित रह जाएंगे। स्कूलों के मर्ज होने का सबसे बड़ा खामियाजा गरीब परिवारों के बच्चों को झेलना पड़ेगा। सरकार एक तरफ निशुल्क शिक्षा देने का दावा कर रही है, ऊपर से स्कूलों को ही बंद कर रही है। संघ इसका विरोध करता है। हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ की शुक्रवार को होने वाली राज्यस्तरीय बैठक में इस विषय पर चर्चा की जाएगी और आगामी रणनीति पर फैसला लिया जाएगा। जोगेंद्र सिंह, जिलाध्यक्ष, हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ, सोनीपत

शिक्षा विभाग ने ऐसे स्कूलों की रिपोर्ट मांगी थी, जिनमें विद्यार्थी संख्या 50 या इससे कम है। इसकी रिपोर्ट तैयार कर मुख्यालय को भेज दी है। स्कूलों में विद्यार्थी संख्या बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है। मुख्यालय के दिशा-निर्देशों का पालन किया जाएगा। कौशल्या रानी, जिला शिक्षा अधिकारी, सोनीपत
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