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Sonipat News: ट्यूबवेल खराब हुए तो बदलने मेंं नहीं लगेगा ज्यादा समय,
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झज्जर। गांवों और शहरी क्षेत्रों में पेयजल सप्लाई के दौरान ट्यूबवेल खराब होने पर अब उसे ठीक कराने या बदलने के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग ने आपातकालीन स्थिति में खराब ट्यूबवेलों को बदलने के लिए नई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की है। इसका उद्देश्य प्रशासनिक स्वीकृति और निविदा प्रक्रिया में होने वाली देरी से बचते हुए पेयजल आपूर्ति जल्द बहाल करना है।
नई एसओपी के तहत सस्पेंस हेड से यांत्रिक प्रभागों को अग्रिम आवंटन जारी किया जाएगा, जिससे प्राथमिकता के आधार पर काम शुरू हो सकेगा। सरकार ने बढ़ती पेयजल मांग को देखते हुए ग्रामीण और शहरी जल आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने के लिए इन कार्यों को प्रशासनिक स्वीकृति दी है। इससे जल आपूर्ति प्रणालियों की स्थिरता में सुधार होने की उम्मीद है।
तत्काल बहाली से मिलेगी राहत
गर्मियों में पानी की मांग बढ़ने के दौरान ट्यूबवेल खराब होने से कई क्षेत्रों में पेयजल संकट पैदा हो जाता है। नई प्रक्रिया के तहत ऐसे क्षेत्रों में जल्द आपूर्ति बहाल की जा सकेगी। एसओपी में सिविल और यांत्रिक विंग के अधिकारियों की जिम्मेदारियां भी तय की गई हैं।
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अधिकारी करेंगे निरीक्षण
ट्यूबवेल खराब होने पर संबंधित कार्यकारी अभियंता (सिविल) संयुक्त निरीक्षण कर भूमि की उपलब्धता और वैधानिक स्वीकृतियों की जांच करेंगे। इसके बाद यांत्रिक प्रभाग के कार्यकारी अभियंता तकनीकी जांच और सस्पेंस हेड में आवंटन की स्थिति देखेंगे। मुख्य अभियंता (यांत्रिक) की सहमति के बाद कार्य शुरू होगा। काम पूरा होने पर यांत्रिक कार्यकारी अभियंता इसका मूल्यांकन करेंगे।
वर्जन
विभाग की तरफ से गाइडलाइन जारी हुई हैं कि जिन जिलों में गहरे ट्यूबवेल है और वह खराब हो जाते हैं तो उनको जल्द से जल्द रिस्टोर करवाया जाए ताकि आम जनता को पेयजल के लिए दिक्कत नहीं आए।
अश्वनी सांगवान, एक्सईएन, जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग
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नई एसओपी के तहत सस्पेंस हेड से यांत्रिक प्रभागों को अग्रिम आवंटन जारी किया जाएगा, जिससे प्राथमिकता के आधार पर काम शुरू हो सकेगा। सरकार ने बढ़ती पेयजल मांग को देखते हुए ग्रामीण और शहरी जल आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने के लिए इन कार्यों को प्रशासनिक स्वीकृति दी है। इससे जल आपूर्ति प्रणालियों की स्थिरता में सुधार होने की उम्मीद है।
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तत्काल बहाली से मिलेगी राहत
गर्मियों में पानी की मांग बढ़ने के दौरान ट्यूबवेल खराब होने से कई क्षेत्रों में पेयजल संकट पैदा हो जाता है। नई प्रक्रिया के तहत ऐसे क्षेत्रों में जल्द आपूर्ति बहाल की जा सकेगी। एसओपी में सिविल और यांत्रिक विंग के अधिकारियों की जिम्मेदारियां भी तय की गई हैं।
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अधिकारी करेंगे निरीक्षण
ट्यूबवेल खराब होने पर संबंधित कार्यकारी अभियंता (सिविल) संयुक्त निरीक्षण कर भूमि की उपलब्धता और वैधानिक स्वीकृतियों की जांच करेंगे। इसके बाद यांत्रिक प्रभाग के कार्यकारी अभियंता तकनीकी जांच और सस्पेंस हेड में आवंटन की स्थिति देखेंगे। मुख्य अभियंता (यांत्रिक) की सहमति के बाद कार्य शुरू होगा। काम पूरा होने पर यांत्रिक कार्यकारी अभियंता इसका मूल्यांकन करेंगे।
वर्जन
विभाग की तरफ से गाइडलाइन जारी हुई हैं कि जिन जिलों में गहरे ट्यूबवेल है और वह खराब हो जाते हैं तो उनको जल्द से जल्द रिस्टोर करवाया जाए ताकि आम जनता को पेयजल के लिए दिक्कत नहीं आए।
अश्वनी सांगवान, एक्सईएन, जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग