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Sonipat News: मांग पूरी न होने पर किसान भाजपा सरकार को देंगे वोट से चोट
Mon, 11 Sep 2023 12:29 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Mon, 11 Sep 2023 12:29 AM IST
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फोटो 21-नई अनाज मंडी में आयोजित महापंचायत में विभिन्न स्थानों से पहुंचे किसान। संवाद
गोहाना। भारतीय किसान नौजवान यूनियन ने रविवार को जींद रोड स्थित नई अनाज मंडी में महापंचायत बुलाई। इसकी अध्यक्षता किसान नेता अभिमन्यु कुहाड़ ने की। महापंचायत का संचालन मनोज जागलान ने किया। बैठक में विभिन्न राज्यों के किसानों ने भाग लिया। इस दौरान फैसला लिया गया कि यदि सरकार ने उनकी आठ मांगों को पूरा नहीं करती है तो आगामी चुनाव में वे भाजपा सरकार को वोट से चोट देंगे।
कोहाड़ ने कहा कि सरकार ने किसानों की जमीन लूटने के लिए साल 2021 में हरियाणा विधानसभा में 2013 का केंद्र सरकार का भूमि अधिग्रहण कानून बदल दिया। 2013 के भूमि अधिग्रहण कानून में जहां किसानों की जमीन लेने से पहले 70 फीसदी किसानों की लिखित सहमति लेने एवं कलेक्टर रेट से 4 गुना मुआवजा देने जैसे प्रावधान थे, वो सभी किसान हितैषी प्रावधान हरियाणा सरकार ने 24 अगस्त 2021 को हरियाणा विधानसभा में संशोधन कर खत्म कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि यदि सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं करती है तो वे सरकार को वोट की चोट देंगे।
महापंचायत के अंत में सभी किसानों ने गोहाना शहर में पैदल मार्च निकालकर चौधरी छोटूराम, शहीद-ए-आजम भगत सिंह एवं बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर की मूर्तियों पर माल्यार्पण किया। महापंचायत में सुनील बद्दोवाल, खटकड़ टोल कमेटी से हरिकेश काबरचा, अनीश खटकड़, दशरथ मलिक, राजू सहरावत, सूरजभान गुर्जर, वीरेंद्र खोखर व आनंद नंबरदार ने संबोधित किया।
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बोले किसान
पीएम फसल बीमा योजना किसानों के लिए बनाई गई थी। उस योजना से बीमा कंपनियां 57000 करोड़ रुपये कमा चुकी हैं। किसानों को खराब फसलों के मुआवजे के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार फसल बीमा कंपनी का हर जिला मुख्यालय पर दफ्तर होना चाहिए। -लखविंदर सिंह, किसान नेता, सिरसा।
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सरकार ने अचानक से बासमती धान के निर्यात पर पाबंदी लगा दी है। इससे सीजन के समय धान की कीमत में गिरावट आ सकती है। इसका सीधा नुकसान किसानों को उठाना पड़ेगा। कृषि उत्पादों के निर्यात संबंधी योजनाओं में सरकार को स्थिरता लानी चाहिए और बासमती धान के निर्यात पर लगी पाबंदी को हटाना चाहिए। -सुखविंदर सिंह, किसान नेता, पंजाब।
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कोहाड़ ने कहा कि सरकार ने किसानों की जमीन लूटने के लिए साल 2021 में हरियाणा विधानसभा में 2013 का केंद्र सरकार का भूमि अधिग्रहण कानून बदल दिया। 2013 के भूमि अधिग्रहण कानून में जहां किसानों की जमीन लेने से पहले 70 फीसदी किसानों की लिखित सहमति लेने एवं कलेक्टर रेट से 4 गुना मुआवजा देने जैसे प्रावधान थे, वो सभी किसान हितैषी प्रावधान हरियाणा सरकार ने 24 अगस्त 2021 को हरियाणा विधानसभा में संशोधन कर खत्म कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि यदि सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं करती है तो वे सरकार को वोट की चोट देंगे।
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महापंचायत के अंत में सभी किसानों ने गोहाना शहर में पैदल मार्च निकालकर चौधरी छोटूराम, शहीद-ए-आजम भगत सिंह एवं बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर की मूर्तियों पर माल्यार्पण किया। महापंचायत में सुनील बद्दोवाल, खटकड़ टोल कमेटी से हरिकेश काबरचा, अनीश खटकड़, दशरथ मलिक, राजू सहरावत, सूरजभान गुर्जर, वीरेंद्र खोखर व आनंद नंबरदार ने संबोधित किया।
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बोले किसान
पीएम फसल बीमा योजना किसानों के लिए बनाई गई थी। उस योजना से बीमा कंपनियां 57000 करोड़ रुपये कमा चुकी हैं। किसानों को खराब फसलों के मुआवजे के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार फसल बीमा कंपनी का हर जिला मुख्यालय पर दफ्तर होना चाहिए। -लखविंदर सिंह, किसान नेता, सिरसा।
सरकार ने अचानक से बासमती धान के निर्यात पर पाबंदी लगा दी है। इससे सीजन के समय धान की कीमत में गिरावट आ सकती है। इसका सीधा नुकसान किसानों को उठाना पड़ेगा। कृषि उत्पादों के निर्यात संबंधी योजनाओं में सरकार को स्थिरता लानी चाहिए और बासमती धान के निर्यात पर लगी पाबंदी को हटाना चाहिए। -सुखविंदर सिंह, किसान नेता, पंजाब।

फोटो 21-नई अनाज मंडी में आयोजित महापंचायत में विभिन्न स्थानों से पहुंचे किसान। संवाद

फोटो 21-नई अनाज मंडी में आयोजित महापंचायत में विभिन्न स्थानों से पहुंचे किसान। संवाद