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दहेज के लिए नवविवाहिता की हत्या करने के दोषी पति और सास को सात-सात साल की कैद

Sat, 28 May 2022 12:54 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 28 May 2022 12:54 AM IST
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Husband and mother-in-law jailed for seven years for killing newlyweds for dowry
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश शैलेंद्र सिंह की अदालत ने दहेज हत्या के मामले में सुनवाई करते हुए नव विवाहिता की सास व पति को दोषी करार दिया। अदालत ने दोषी मां-बेटा को सात साल कैद की सजा सुनाई है।
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गांव आहुलाना आजाद सिंह ने 9 मई, 2019 को बरोदा थाना पुलिस को बताया था कि उसकी भतीजी मोनिका (22) की शादी 8 मार्च, 2019 को गांव तिहाड़ खुर्द निवासी विकास के साथ हुई थी। मोनिका के पिता का स्वर्गवास हो चुका है। चाचा आजाद का आरोप था कि उसकी भतीजी मोनिका को ससुराल पक्ष के लोग दहेज की मांग को लेकर परेशान करते थे। पति के साथ ही उसकी सास पतासो उसकी भतीजी को प्रताड़ित करते थे। मोनिका महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, रोहतक से एमएससी की पढ़ाई कर रही थी। उसकी परीक्षा चल रही थी। ससुराल में प्रताड़ना के चलते वह 5 मई, 2019 को अपनी भतीजी को घर ले आया था। जिसके बाद 8 मई, 2019 को को विकास कार लेकर गांव आहुलाना आया था और मोनिका को अपने साथ ले गया था। विकास उसकी भतीजी को अपने गांव न ले जाकर गांव रिंढाना में अपने मामा संजय के घर ले गया था। 9 मई, 2019 को तड़के करीब चार बजे परिजनों को मोनिका के बेहोश होने की सूचना दी गई थी। गांव आहुलाना से परिजन मौके पर पहुंचे तो मोनिका बैड पर मृत पड़ी थी और उसके गले में निशान थे। आजाद ने आरोप लगाया था कि उसकी भतीजी को फांसी पर लटका कर मौत के घाट उतारा गया है। आजाद ने बताया था कि उसकी भतीजी मोनिका ने 8 मई, 2019 की शाम को अपनी मां कृष्णा देवी से मोबाइल पर बातचीत की थी। मोनिका ने कहा था कि वह गलत जगह फंस गई है और उसके बाद फोन कट गया था। कृष्णा ने बार-बार संपर्क करने की कोशिश की लेकिन बेटी से बातचीत नहीं हुई थी। पुलिस ने आजाद की शिकायत पर भतीजी के पति विकास, सास पतासो व अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस न आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था।
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मामले में सुनवाई के बाद एएसजे शैलेंद्र सिंह की अदालत ने पति विकास व सास पतासो को दोषी करार दिया। अदालत ने शुक्रवार को दोषी मां-बेटे को सात-सात साल कैद की सजा सुनाई है।
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