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समारोह में हॉकी खिलाड़ियों को किया सम्मानित
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औद्योगिक मैदान पर आयोजित सम्मान समारोह में खिलाडिय़ों को सम्मानित करती कोच प्रीतम सिवाच। संवाद
- फोटो : Sonipat
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सोनीपत। ओलंपिक में शानदार प्रदर्शन करने वाले हॉकी के स्टार खिलाड़ियों के सम्मान में शनिवार को पुराने औद्योगिक क्षेत्र स्थित मैदान पर समारोह आयोजित किया गया। जिसमें महिला हॉकी खिलाड़ी नेहा गोयल, निशा वारसी व शर्मिला के अलावा पुरुष हॉकी टीम के खिलाड़ी सुमित को भी सम्मानित किया गया। बारिश के कारण समारोह में व्यवधान जरूर आया, लेकिन खिलाड़ियों में उत्साह बना रहा।
समारोह के दौरान हॉकी खिलाड़ियों ने अपनी उस गुरू को विशेष रूप से सम्मानित किया, जो न केवल 18 वर्षों से महिला हॉकी को निखार रही हैं, बल्कि हाल ही में शानदार प्रदर्शन करने वाली हॉकी टीम की तीनों खिलाड़ियों को हॉकी के गुर सिखा चुकी हैं। समारोह में कुलदीप सिवाच के साथ भाजपा के जिला अध्यक्ष तीरथ राणा, आजाद नेहरा, रविंद्र दिलावर, शशीकांत व अरविंद कुमार मौजूद रहे।
देश की पुरुष हॉकी टीम ने शामिल होकर टोक्यो ओलंपिक से कांस्य पदक जीतने वाले सुमित निवासी गांव कुराड़ और महिला ओलंपिक हॉकी टीम में शामिल रही खिलाड़ी नेहा गोयल, निशा और शर्मिला का उसी खेल मैदान में जोरदार स्वागत हुआ, जहां से उन्होंने बचपन में अपनी कोच प्रीतम सिवाच के नेतृत्व में हॉकी के दांव सीखे थे। नेहा गोयल ने बताया कि उन्होंने अपनी कोच को अबकी बार तो स्वर्ण पदक लाकर नहीं दिया, लेकिन भविष्य में वह जरूर इस हाकी मैदान को पदक लाकर देंगी। हॉकी खिलाड़ी सुमित ने बताया कि भविष्य में एशियन गेम और कॉमनवेल्थ गेम के लिए अगले माह से तैयारियां करेंगे और देश के लिए पदक जीतने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।
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200 लड़कियां सीख रही हैं हॉकी के गुर
महिला हॉकी टीम की कोच प्रीतम सिवाच ने बताया कि हॉकी मैदान में आज भी करीब 200 लड़कियां प्रतिदिन सुबह-शाम हॉकी का अभ्यास करने के लिए आती हैं। जिसमें 11 लड़के भी शामिल है। इस मैदान पर 18 वर्षों से महिला हॉकी खिलाड़ियों को तैयार किया जा रहा है। इसी हॉकी मैदान से 30 लड़कियां सरकारी नौकरी प्राप्त कर चुकी हैं। 35 से अधिक लड़कियां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी यहां से खेल चुकी हैं। इस हॉकी मैदान से तीन लड़कियां ओलंपिक तक भी पहुंची हैं, जिनका आज सम्मान हुआ है। भविष्य में ओर भी खिलाड़ी निखरकर सामने आएंगी।
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समारोह के दौरान हॉकी खिलाड़ियों ने अपनी उस गुरू को विशेष रूप से सम्मानित किया, जो न केवल 18 वर्षों से महिला हॉकी को निखार रही हैं, बल्कि हाल ही में शानदार प्रदर्शन करने वाली हॉकी टीम की तीनों खिलाड़ियों को हॉकी के गुर सिखा चुकी हैं। समारोह में कुलदीप सिवाच के साथ भाजपा के जिला अध्यक्ष तीरथ राणा, आजाद नेहरा, रविंद्र दिलावर, शशीकांत व अरविंद कुमार मौजूद रहे।
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देश की पुरुष हॉकी टीम ने शामिल होकर टोक्यो ओलंपिक से कांस्य पदक जीतने वाले सुमित निवासी गांव कुराड़ और महिला ओलंपिक हॉकी टीम में शामिल रही खिलाड़ी नेहा गोयल, निशा और शर्मिला का उसी खेल मैदान में जोरदार स्वागत हुआ, जहां से उन्होंने बचपन में अपनी कोच प्रीतम सिवाच के नेतृत्व में हॉकी के दांव सीखे थे। नेहा गोयल ने बताया कि उन्होंने अपनी कोच को अबकी बार तो स्वर्ण पदक लाकर नहीं दिया, लेकिन भविष्य में वह जरूर इस हाकी मैदान को पदक लाकर देंगी। हॉकी खिलाड़ी सुमित ने बताया कि भविष्य में एशियन गेम और कॉमनवेल्थ गेम के लिए अगले माह से तैयारियां करेंगे और देश के लिए पदक जीतने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।
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200 लड़कियां सीख रही हैं हॉकी के गुर
महिला हॉकी टीम की कोच प्रीतम सिवाच ने बताया कि हॉकी मैदान में आज भी करीब 200 लड़कियां प्रतिदिन सुबह-शाम हॉकी का अभ्यास करने के लिए आती हैं। जिसमें 11 लड़के भी शामिल है। इस मैदान पर 18 वर्षों से महिला हॉकी खिलाड़ियों को तैयार किया जा रहा है। इसी हॉकी मैदान से 30 लड़कियां सरकारी नौकरी प्राप्त कर चुकी हैं। 35 से अधिक लड़कियां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी यहां से खेल चुकी हैं। इस हॉकी मैदान से तीन लड़कियां ओलंपिक तक भी पहुंची हैं, जिनका आज सम्मान हुआ है। भविष्य में ओर भी खिलाड़ी निखरकर सामने आएंगी।