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Sonipat News: विदेशी फूलों की खेती पर ओलावृष्टि की मार, किसान को लाखों का नुकसान

Wed, 06 Mar 2024 12:23 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत Updated Wed, 06 Mar 2024 12:23 AM IST
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Hailstorm hits foreign flower farming, farmers suffer loss worth lakhs
सोनीपत। जिले में शनिवार को हुई ओलावृष्टि से जहां विभिन्न फसलें प्रभावित हुई हैं, वहीं फूलों की खेती पर भी ओलावृष्टि की मार पड़ी है। ओलावृष्टि से फूल झड़ गए हैं, वहीं फूल के पौधों की टहनियां भी टूट गईं जिससे किसानों को लाखों रुपये का नुकसान झेलना पड़ा है। फूलों की खेती करने वाले किसानों ने सरकार से मांग की है कि प्रभावित फसल की गिरदावरी कर मुआवजे की मांग की है।
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राई खंड के गांव दीपालपुर निवासी किसान सोनू आंतिल ने बताया कि वह विदेशी फूल लिली सहित अन्य फूलों की खेती करते हैं। उन्होंने अपने खेत में एक एकड़ में लिली के फूल व आधे एकड़ में अन्य फूल लगाए हैं। शादियों का सीजन होने के चलते उन्हें इस बार फूलों से दोगुना अधिक कमाई होने की उम्मीद थी। शादी के सीजन में लिली, गुलदावरी व अन्य फूलों की मांग रहती है, लेकिन शनिवार को हुई ओलावृष्टि ने उनके अरमानों पर पानी फेर दिया। ओलावृष्टि के बाद फूल झड़ गए, वहीं पौधों की टहनियां भी कई जगह से टूट गई। जिससे एक एकड़ की खेती में करीब 25 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
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पहलवानी छोड़कर शुरू की थी फूलों की खेती

गांव दीपालपुर निवासी किसान सोनू आंतिल में पहलवानी करते थे। पहलवानी में राष्ट्रीय स्तर पर कई पदक भी जीते। साल 2008 में चोट लगने के कारण उन्होंने पहलवानी को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया। जिसके बाद उन्होंने अपने पूर्वजों की परंपरागत खेती को आधुनिक रूप दिया। पांच साल पहले उन्होंने फूलों की खेती शुरू की थी। स्टेकिंग विधि से शुरू की गई आधुनिक खेती को मुनाफे का सौदा बनाकर वह क्षेत्र में मिसाल बने हुए हैं। दूसरे किसान भी उनके नक्शे कदम पर चलकर आधुनिक खेती को अपनाने लगे हैं।
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लिली की खेती से होता है दोगुना मुनाफा
किसान सोनू आंतिल ने बताया कि वह हॉलैंड से लिली का बीज मंगवाकर खेती करते हैं। लिली की खेती से काफी मुनाफा हो जाता है। अगर मेहनत से खेत की जाए तो किसान की आय दुगनी हो सकती है। उन्होंने बताया कि सरकार और प्रशासन की तरफ से हर प्रकार की मदद मिलती है। बागवानी विभाग की तरफ से भी सब्सिडी दी जाती है। हालांकि इस बार प्रकृति की मार ने उनकी कमर तोड़ दी है। किसान का कहना है कि टेंपरेरी नेट हाउस में लिलि के फूलों की खेती कर रहे हैं। तेज हवा, बारिश व ओलावृष्टि से जहां टेंपरेरी नेट हाउस पूरी तरह से तबाह हो गया। वहीं लिली की फसल भी पूरी तरह से बर्बाद हो गई है। जहां पर भी ओला गिरा, वहीं से फूलों की टहनियां टूट गई हैं। फूल झड़ गए हैं।
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