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मुक्तिधाम में 29 शवों का कोरोना नियमों से अंतिम संस्कार, सुबह से शाम तक इंतजार में खड़े रहे परिजन

Wed, 28 Apr 2021 12:49 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 28 Apr 2021 12:49 AM IST
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Funeral procession of 29 dead bodies in Muktidham by corona rules
शहर के सेक्टर-14 स्थित शिव मुक्तिधाम में मंगलवार को अब तक सबसे अधिक 29 शवों का अंतिम संस्कार कोविड नियमों से किया गया। इनके अलावा 10 अन्य लोगों के शव भी मुक्तिधाम में पहुंचे। कोरोना संक्रमित व संदिग्धों के शवों का अंतिम संस्कार करने में दूरी और सुरक्षा नियमों का पालन करना पड़ता है। एक साथ 29 शव पहुंचने से अंतिम संस्कार की व्यवस्था चरमरा गई। नगर निगम के ज्वाइंट कमिश्नर ने मौके पर पहुंचकर व्यवस्था देखी। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने तीन लोगों की मौत कोरोना से होने की बात कही है।
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शिव मुक्तिधाम के सचिव डॉ. डीएन मल्होत्रा ने बताया कि कोरोना संक्रमित व संदिग्ध शवों को लगातार लाया जा रहा है। मंगलवार को 29 शवों का अंतिम संस्कार कोरोना नियमों के तहत किया गया है। ऐसे में शवों के अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को घंटों इंतजार करना पड़ा। कोरोना संक्रमित व संदिग्ध शवों के अंतिम संस्कार में ज्यादा समय लगता है। पीपीई किट पहनकर पूरी सुरक्षा का ध्यान रखकर अंतिम संस्कार कराया जाता है। सीएनजी सिस्टम से तो कुछ ही शवों का अंतिम संस्कार कराया जा सका। बाकी शवों को शमशान घाट में लकड़ी की चिता तैयार कर मुखाग्नि दी गई। मुक्तिधाम पर कुल 25 शवों का अंतिम संस्कार करने की जगह है। श्मशान घाट के अंदर बनाए गए एक प्लेटफार्म पर अंतिम संस्कार होने के साथ ही उसके बराबर में दूसरे प्लेटफार्म पर शव का अंतिम संस्कार नहीं हो पाता। इससे शवों का अंतिम संस्कार कराना मुक्तिधाम प्रबंधन के लिए परेशानी बनता जा रहा है।
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मुक्तिधाम में 29 शवों का अंतिम संस्कार कोरोना नियमों से किया गया। वहीं दस अन्य लोगों के शव भी पहुंच गए। स्थान की कमी के चलते प्रबंधन ने मुक्तिधाम में बच्चों के अंतिम संस्कार के लिए उन्हें दफनाने के लिए छोड़ी गई जगह पर भी अंतिम संस्कार कराने पड़े। वहां पर लकड़ी की चिता तैयार कर अंतिम संस्कार कराए गए। नगर निगम के ज्वाइंट कमिश्नर ने मुक्तिधाम स्थल पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने मुक्तिधाम में लकड़ियों की पूरी आपूर्ति कराने के आदेश दिए।
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सुबह से देर रात तक होते रहे अंतिम संस्कार
मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार के लिए सुबह से ही शव पहुंचना शुरू हो गए थे। एक साथ इतनी संख्या में शव पहुंचने से रात तक अंतिम संस्कार कराए गए। इसके लिए मृतकों के परिजनों को भी काफी इंतजार करना पड़ा। अंतिम संस्कार के लिए शवों को कतार में रखने को मजबूर होना पड़ा।

वर्जन
मुक्तिधाम में 29 शवों का अंतिम संस्कार कोरोना नियमों से किया गया, इसके साथ ही 10 अन्य लोगों के शव भी यहां अंतिम संस्कार के लिए लाए गए। स्थान की कमी होने के बावजूद व्यवस्था बनाकर सभी का अंतिम संस्कार कराया गया। नगर निगम के ज्वाइंट कमिश्नर भी मुक्तिधाम में पहुंचे। शवों को बच्चों के दफनाने वाले स्थान पर भी शमशानघाट पर चिता तैयार कर अंतिम संस्कार करना पड़ा।
- डॉ. डीएन मल्होत्रा, सचिव, शिव मुक्तिधाम।
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