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Sonipat News: खाद्य आपूर्ति विभाग के उपनिरीक्षक समेत चार पर धोखाधड़ी का आरोप, केस दर्ज
Fri, 07 Mar 2025 03:01 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Fri, 07 Mar 2025 03:01 AM IST
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सोनीपत। गांव खेवड़ा में बेनामी राशन डिपो चलाकर विभाग को 8.62 लाख रुपये की वित्तीय हानि पहुंचाने का आरोप लगा है। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के निरीक्षक ने मामले की शिकायत दी है। इस पर विभाग के उप निरीक्षक समेत चार के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के निरीक्षक नरेंद्र कुमार ने बहालगढ़ थाना पुलिस को बताया कि गांव खेवड़ा में राशन डिपो चलाने का लाइसेंस नवीन के नाम पर था। जानकारी मिली कि राशन डिपो को दीपालपुर गांव का सोमबीर चला रहा था। जांच की गई तो सामने आया कि राशन डिपो का संचालन बेनामी तरीके से किया जा रहा है। मामले में 8,62,657 रुपये का वित्तीय लेनदेन सामने आया। यह रुपये विभिन्न बैंकों के अकाउंट में भेजा गया था। जब इन बैंकों से संबंधित खाताधारकों की जानकारी मांगी गई तो पता लगा कि सभी खाते गावं नाथूपुर के नवीन के नाम पर हैं। इस गड़बड़ी में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के उपनिरीक्षक अजय मलिक की मिलीभगत का शक है। विभागीय दस्तावेजों से पता चला कि खेवड़ा गांव का राशन डिपो सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत उन्हीं की निगरानी में चलता था।
जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक कार्यालय ने 4 मार्च को आधिकारिक आदेश जारी कर राशन डिपो से संबंधित वित्तीय दस्तावेजों की समीक्षा की गई थी। विभाग के निरीक्षक नरेंद्र कुमार ने बहालगढ़ थाना पुलिस में शिकायत दी। पुलिस ने विभाग के एसआई अजय मलिक, डिपो संचालक नवीन निवासी खेवड़ा, सोमबीर निवासी दीपालपुर व नवीन निवासी नाथूपुर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के निरीक्षक नरेंद्र कुमार ने बहालगढ़ थाना पुलिस को बताया कि गांव खेवड़ा में राशन डिपो चलाने का लाइसेंस नवीन के नाम पर था। जानकारी मिली कि राशन डिपो को दीपालपुर गांव का सोमबीर चला रहा था। जांच की गई तो सामने आया कि राशन डिपो का संचालन बेनामी तरीके से किया जा रहा है। मामले में 8,62,657 रुपये का वित्तीय लेनदेन सामने आया। यह रुपये विभिन्न बैंकों के अकाउंट में भेजा गया था। जब इन बैंकों से संबंधित खाताधारकों की जानकारी मांगी गई तो पता लगा कि सभी खाते गावं नाथूपुर के नवीन के नाम पर हैं। इस गड़बड़ी में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के उपनिरीक्षक अजय मलिक की मिलीभगत का शक है। विभागीय दस्तावेजों से पता चला कि खेवड़ा गांव का राशन डिपो सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत उन्हीं की निगरानी में चलता था।
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जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक कार्यालय ने 4 मार्च को आधिकारिक आदेश जारी कर राशन डिपो से संबंधित वित्तीय दस्तावेजों की समीक्षा की गई थी। विभाग के निरीक्षक नरेंद्र कुमार ने बहालगढ़ थाना पुलिस में शिकायत दी। पुलिस ने विभाग के एसआई अजय मलिक, डिपो संचालक नवीन निवासी खेवड़ा, सोमबीर निवासी दीपालपुर व नवीन निवासी नाथूपुर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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