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किसान आरक्षण संघर्ष समिति का गठन, डॉ. राजेश दहिया बने राष्ट्रीय अध्यक्ष

Tue, 28 Dec 2021 01:00 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 28 Dec 2021 01:00 AM IST
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Formation of Kisan Aarakshan Sangharsh Samiti, Dr. Rajesh Dahiya became the National President
सोनीपत। किसान आंदोलन समाप्त होने के बाद खेतीबाड़ी से जुड़ी जातियों को आरक्षण देने की मांग फिर से उठनी शुरू हो गई है। सोमवार को लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह में किसान आरक्षण संघर्ष समिति का गठन किया गया। किसान आरक्षण संघर्ष समिति जल्द ही सीएम मनोहर लाल से मुलाकात करके जाट व खेतीबाड़ी से जुड़ी विभिन्न जातियों के लिए आरक्षण लागू करने की मांग करेगी। साथ ही आरक्षण आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमे वापस कराने और किसान आंदोलन के मृतकों को मुआवजा दिलाने को प्रयास तेज किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त 24 फरवरी को छिछड़ाना गांव में महापंचायत का आयोजन किया जाएगा।
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किसान आरक्षण संघर्ष समिति के गठन के साथ डॉ. राजेश दहिया को राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया गया। अशोक मदीना को राष्ट्रीय प्रवक्ता, रणधीर सिंह सरोहा को प्रमुख सलाहकार, सुखचंद कादियान को प्रदेशाध्यक्ष, महेंद्र सिंह मोर को सोनीपत जिलाध्यक्ष, पप्पू दलाल को झज्जर जिलाध्यक्ष, संजय सरोहा को जिला उपाध्यक्ष, रोहताश सिंह को जिला प्रवक्ता, जगत सिंह दहिया को खरखौदा ब्लॉक प्रधान, जगबीर सिंह को गन्नौर ब्लॉक प्रधान, कृष्ण शर्मा को राई ब्लॉक प्रधान, बलराज सिंह को बरोदा ब्लॉक प्रधान व रामनिवास को गोहाना ब्लॉक अध्यक्ष नियुक्त किया गया। एडवोकेट तुलसी गेवाल व एडवोकेट सोमबीर को लीगल सेल का प्रदेशाध्यक्ष नियुक्त किया गया। इसके अलावा सोनीपत जिला कार्यकारिणी में जयनारायण, राकेश सिंह, सुभाष, चांद सिंह, रमेश, बलजीत सिंह को शामिल किया गया।
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बैठक में किसान आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय प्रवक्ता अशोक मदीना ने बताया कि किसान आंदोलन में जिन लोगों पर मुकदमे दर्ज किए गए थे, सरकार उन मुकदमों को वापस लेने की कवायद में जुट गई है। आरक्षण आंदोलन के दौरान जिन लोगों पर मुकदमे दर्ज किए गए थे, उनको सरकार ने वापस नहीं लिया है। ऐसे में किसान आरक्षण संघर्ष समिति एक बार फिर से सरकार के सामने आरक्षण आंदोलन के दौरान दर्ज हुए मुकदमों को वापस लेने की मांग करेगी। नया भूमि अधिग्रहण कानून किसानों के हित के लिए होना चाहिए। साथ ही मृतक किसानों के लिए मुआवजा की मांग की जाएगी।
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