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डिग्री विद्यार्थी के सफर की पहली नींव : राज्यवर्धन
Wed, 15 Mar 2023 12:40 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Wed, 15 Mar 2023 12:40 AM IST
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फोटो 25 - वर्ल्ड डिजाइन ऑफ यूनिवर्सिटी में आयोजित दीक्षांत समारोह में प्रबंधन के साथ मौजूद मुख्
राई। राजीव गांधी एजुकेशन सिटी स्थित वर्ल्ड डिजाइन ऑफ यूनिवर्सिटी में मंगलवार को दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्यातिथि के रूप में पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद राज्यवर्धन राठौर ने शिरकत की। उन्होंने यूनिवर्सिटी के 158 विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान किया।
राठौर ने कहा कि विद्यार्थियों के लिए डिग्री प्राप्त करना उनके शानदार सफर की पहली नींव होती है। इसके बाद उन्हें भविष्य को बेहतर बनाने के लिए लंबा संघर्ष करना पड़ता है। समारोह की अध्यक्षता कुलपति संजय गुप्ता ने की।
राठौर ने विद्यार्थियों को स्वयं का उदाहरण देते हुए बताया कि वर्ष 2003 में वह निशानेबाजी की राष्ट्रीय प्रतियोगिता में सातवें नंबर पर आए थे। उस समय एक क्लर्क ने उनसे कहा था कि जब भारत में ही नहीं जीत पा रहे हो तो विदेश में क्या जीतोगे। इसके बाद उन्होंने लंबा संघर्ष करते हुए ओलंपिक जैसी बड़ी प्रतिस्पर्धा में पदक जीता और देश का नाम रोशन किया। राज्यवर्धन ने बताया कि जो लोग उम्र को बड़ा फैक्टर मानते हैं, उनके लिए यह बात काफी है कि मैंने खेल के बारे में सोचना ही 28 साल की उम्र में शुरू किया था। समारोह में प्रांजल असवाल को चांसलर स्वर्ण पदक मिला, जबकि वसुधा, मृदुला, लावण्या, सुबोध व अपर्णा को विश्वविद्यालय के स्वर्ण पदक से नवाजा गया।
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राठौर ने कहा कि विद्यार्थियों के लिए डिग्री प्राप्त करना उनके शानदार सफर की पहली नींव होती है। इसके बाद उन्हें भविष्य को बेहतर बनाने के लिए लंबा संघर्ष करना पड़ता है। समारोह की अध्यक्षता कुलपति संजय गुप्ता ने की।
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राठौर ने विद्यार्थियों को स्वयं का उदाहरण देते हुए बताया कि वर्ष 2003 में वह निशानेबाजी की राष्ट्रीय प्रतियोगिता में सातवें नंबर पर आए थे। उस समय एक क्लर्क ने उनसे कहा था कि जब भारत में ही नहीं जीत पा रहे हो तो विदेश में क्या जीतोगे। इसके बाद उन्होंने लंबा संघर्ष करते हुए ओलंपिक जैसी बड़ी प्रतिस्पर्धा में पदक जीता और देश का नाम रोशन किया। राज्यवर्धन ने बताया कि जो लोग उम्र को बड़ा फैक्टर मानते हैं, उनके लिए यह बात काफी है कि मैंने खेल के बारे में सोचना ही 28 साल की उम्र में शुरू किया था। समारोह में प्रांजल असवाल को चांसलर स्वर्ण पदक मिला, जबकि वसुधा, मृदुला, लावण्या, सुबोध व अपर्णा को विश्वविद्यालय के स्वर्ण पदक से नवाजा गया।

फोटो 25 - वर्ल्ड डिजाइन ऑफ यूनिवर्सिटी में आयोजित दीक्षांत समारोह में प्रबंधन के साथ मौजूद मुख्

फोटो 25 - वर्ल्ड डिजाइन ऑफ यूनिवर्सिटी में आयोजित दीक्षांत समारोह में प्रबंधन के साथ मौजूद मुख्
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