सोनीपत। कृषि कानूनों को रद्द कराने की मांग को लेकर कुंडली बॉर्डर पर धरनारत किसानों के तीन पंडालों में शनिवार को फिर से आग लग गई। किसानों का आरोप है कि यहां चौथी बार आगजनी की घटना हुई है। आग से कुंडली बॉर्डर पर लंगर के पंडाल के नजदीक किसानों के दो पंडाल व एक ट्राली में बनाए गए आशियाने में नुकसान हुआ। दर्जनों किसानों का करीब एक माह का राशन, कुर्सियां, गद्दे और अन्य कई सामान जलकर राख हो गए। खास बात यह है कि 10 मिनट के अंतराल में ही करीब 5 झोपड़ियों के बाद बनाए गए एक अन्य पंडाल में आग लग गई, जिससे काफी सामान जलकर राख हो गया। अग्निशमन विभाग की टीम ने आग पर काबू पाया।
कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग को लेकर करीब नौ माह से कुंडली बॉर्डर पर किसान धरना दे रहे हैं। शनिवार को दोपहर बाद करीब साढ़े 3 बजे कुंडली में लंगर के पंडाल के पास बने दो पंडालों से धुआं निकलता हुआ दिखाई दिया। इस पर आसपास के किसान पंडालों की तरफ दौड़े और वहां मौजूद साथी किसानों को बाहर निकाला। किसानों ने तुरंत सूचना दमकल केंद्र को दी और खुद के प्रयासों से आग पर काबू पाने का प्रयास किया, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। कुछ ही देर में मौके पर दमकल गाड़ी पहुंच गई और आग बुझाई गई, लेकिन तब तक पंडालों के नाम पर केवल ढांचा ही रह गया था। वहीं, किसानों ने बताया कि उनका करीब एक माह का राशन, गद्दे व अन्य सामान जलकर राख हो गया। अभी यहां लगी आग पर पूरी तरह काबू भी नहीं पाया गया था कि करीब 5 पंडाल छोड़कर एक ट्राली में बनाए गए आशियाने से भी आग की लपटें उठती दिखाई दी। सूचना पर पहुंची दमकल की दूसरी गाड़ी की मदद से आग पर काबू पाया गया। किसानों का आरोप है कि यहां कुछ शरारती तत्व सक्रिय हैं जो इस तरह की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। उन्होंने मांग की है कि आगजनी की घटना की जांच की जाए। क्योंकि एक समय में दो अलग-अलग जगह पर आगजनी की घटनाएं होना शक पैदा करती हैं।