{"_id":"68507ed0024534647607a3c4","slug":"female-employee-accused-of-not-giving-fertilizer-sonipat-news-c-197-1-snp1008-138146-2025-06-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sonipat News: महिला कर्मचारी पर लगा खाद न देने का आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sonipat News: महिला कर्मचारी पर लगा खाद न देने का आरोप
Tue, 17 Jun 2025 02:00 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Tue, 17 Jun 2025 02:00 AM IST
विज्ञापन
फोटो 44- सोनीपत के गन्नौर की नई अनाज मंडी स्थित कोऑपरेटिव सोसाइटी में खाद न मिलने पर रोष जताते
गन्नौर। नई अनाज मंडी स्थित को-ऑपरेटिव सोसाइटी में सोमवार को यूरिया लेने के लिए पहुंचे किसानों को तीन घंटे तक खाद नहीं मिली। इस पर किसानों ने सरकार व प्रशासन के प्रति रोष जताया। पता लगते ही सोसाइटी के प्रबंधक ने मौके पर पहुंचकर उच्च अधिकारियों से बात कर किसानों को खाद दिलवाई।
गांव गुमड़ के किसान राजबीर, अहीर माजरा के सतीश ने बताया कि वह खाद लेने के लिए सुबह 8 बजे आ गए थे। सोसाइटी में सुबह 9 बजे महिला कर्मचारी पहुंची। इसके 10 मिनट बाद वह यह कहकर वापस चली गई कि खाद लेना है तो मंडी में 26 नंबर दुकान से ले लो।
किसानों का आरोप है कि वह दुकान उनके ही बेटे की बताई जा रही है। किसानों ने कहा कि इसके बाद वह खाद लेने गए तो खाद के साथ अन्य दवाई दी जाने लगी। उन्होंने आरोप लगाया कि सोसाइटी में जितने किसानों की पर्ची बनती है, उतने लोगों को खाद नहीं मिल पाती, जबकि महिला कर्मी के बेटे की दुकान पर सभी किसानों को यूरिया मिल जाती है।
विज्ञापन
किसानों के रोष जताने के बाद बैंक प्रबंधक प्रवीन राणा ने बताया कि उन्होंने सोसाइटी में आने के बाद सभी किसानों को खाद का वितरण करवा दिया था। वहीं महिला कर्मी ने किसानों की ओर से उन पर लगाए गए सभी आरोपों को झूठा बताया।
उन्होंने कहा कि सोसाइटी के प्रबंधक व कर्मचारी उन्हें परेशान कर रहे हैं। उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस व उच्च अधिकारियों को भी दी है।
विज्ञापन
गांव गुमड़ के किसान राजबीर, अहीर माजरा के सतीश ने बताया कि वह खाद लेने के लिए सुबह 8 बजे आ गए थे। सोसाइटी में सुबह 9 बजे महिला कर्मचारी पहुंची। इसके 10 मिनट बाद वह यह कहकर वापस चली गई कि खाद लेना है तो मंडी में 26 नंबर दुकान से ले लो।
विज्ञापन
किसानों का आरोप है कि वह दुकान उनके ही बेटे की बताई जा रही है। किसानों ने कहा कि इसके बाद वह खाद लेने गए तो खाद के साथ अन्य दवाई दी जाने लगी। उन्होंने आरोप लगाया कि सोसाइटी में जितने किसानों की पर्ची बनती है, उतने लोगों को खाद नहीं मिल पाती, जबकि महिला कर्मी के बेटे की दुकान पर सभी किसानों को यूरिया मिल जाती है।
विज्ञापन
किसानों के रोष जताने के बाद बैंक प्रबंधक प्रवीन राणा ने बताया कि उन्होंने सोसाइटी में आने के बाद सभी किसानों को खाद का वितरण करवा दिया था। वहीं महिला कर्मी ने किसानों की ओर से उन पर लगाए गए सभी आरोपों को झूठा बताया।
उन्होंने कहा कि सोसाइटी के प्रबंधक व कर्मचारी उन्हें परेशान कर रहे हैं। उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस व उच्च अधिकारियों को भी दी है।